आर्थिक विकास: तीन पैमानों पर होना चाहिए विचार, जानिए क्या कहते हैं मुख्य आर्थिक सलाहकार
मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यम ने बुधवार को कहा कि आर्थिक विकास पर एक त्रिकोण के तौर पर विचार किया जाना चाहिए, जिसके तीन कोने हैं। पहला, उद्देश्य सही होना चाहिए। दूसरा, इस पर विचार कि संपत्ति कैसे बनाई जाए। तीसरा एक चक्र है जिसका अर्थ है पूंजीगत व्यय में निवेश जो निजी निवेश को बढ़ाएगा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यम ने कहा कि भारत अभी भी एक बहुत बड़ी आनौपचारिक अर्थव्यवस्था है। बड़ी संख्या में शहरी गरीब लोग निर्माण परियोजनाओं में काम करते हैं। जब यह क्षेत्र बेहतर करता है, शहरी गरीबों को रोजगार मिलता है और उनकी जेब में पैसा पहुंचता है। मुख्य आर्थिक सलाहकार ने कहा कि यह पूंजीगत व्यय पर जोर देने का असर है।
India is still a very large informal economy. Urban poor work a lot in construction projects. When this sector does well, urban poor get jobs & money comes into their hands. This is the effect of emphasising on capital expenditure: Chief Economic Advisor Krishnamurthy Subramanian
— ANI (@ANI) July 28, 2021