चिदंबरम ने पूछा: क्या सरकार के पास देश को निराशा से बाहर निकालने की कोई योजना है
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आईएनएक्स मीडिया मामले में जेल में बंद पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने देश की अर्थव्यवस्था को लेकर केंद्र पर हमला बोला। उन्होंने अपने परिवार की मदद से ट्वीट किया कि मुझे अर्थव्यवस्था की गहरी चिंता है। गरीब लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।
मुझे अर्थव्यवस्था की गहरी चिंता है।
गरीब लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। कम आय, कम नौकरियां, कम व्यापार और कम निवेश गरीब और मध्यम वर्ग को प्रभावित करते हैं। देश को इस गिरावट और निराशा से बाहर निकालने की योजना कहां है?— P. Chidambaram (@PChidambaram_IN) September 11, 2019विज्ञापन
उन्होंने आगे लिखा कि कम आय, कम नौकरियां, कम व्यापार और कम निवेश गरीब और मध्यम वर्ग को प्रभावित करते हैं। देश को इस गिरावट और निराशा से बाहर निकालने की योजना कहां है?
बता दें कि चिदंबरम को पांच सितंबर को तिहाड़ जेल में 14 दिनों की न्यायिक हिरासत पर भेज दिया गया था। सीबीआई की 15 दिनों की हिरासत पूरी होने के बाद अदालत ने चिदंबरम की जमानत याचिका को खारिज कर दिया था।
हालांकि इसके बावजूद भी चिदंबरम अपने परिवार के माध्यम से अपना ट्विटर चला रहे हैं। जहां से वह लगातार अर्थव्यवस्था को लेकर सरकार पर निशाना साध रहे हैं। साथ ही वह लगातार ट्विटर की मदद से खुद पर लगे आरोपों पर अपना पक्ष रख रहे हैं।
जब ओला, उबर ने किया बंटाधार तो अर्थव्यवस्था कैसे जाएगी पांच हजार अरब डॉलर के पार: सिंघवी
वहीं वाहनों की बिक्री में गिरावट को ओला एवं उबर से जोड़ने संबंधी बयान को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पर कटाक्ष करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने बुधवार को कहा कि जब इन दोनों कैब सेवा प्रदाता कंपनियों ने इतना बंटाधार कर दिया है तो फिर देश की अर्थव्यवस्था पांच हजार अरब डॉलर का आंकड़ा कैसे पार करेगी।
सिंघवी ने ट्वीट कर कहा, ‘मोदी का अर्थशास्त्र है कि जो कुछ अच्छा है वो हमने किया है। निर्मला सीतारमण का अर्थशास्त्र है कि जो बुरा है वो दूसरों ने किया है। फिर जनता ने आपको क्यों चुना है ?’’
उन्होंने तंज कसते हुए सवाल किया, ‘मोदी जी के ट्विटर फॉलोवर पांच करोड़ पार, अर्थव्यवस्था करेंगे पांच हजार अरब डॉलर के पार, लेकिन कैसे? युवाओं को नहीं मिल रहा रोजगार, क्या इसके लिए भी आप ठहराएंगे विपक्ष को जिम्मेदार ? ओला , उबर ने सब कर दिया बंटाधार।’’
गौरतलब है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा कि वाहन क्षेत्र में सुस्ती के कारणों में युवाओं की सोच में बदलाव भी है क्योंकि लोग अब खुद का वाहन खरीदकर मासिक किस्त देने के बजाए ओला और उबर जैसी आनलाइन टैक्सी सेवा प्रदाताओं के जरिये वाहनों की बुकिंग को तरजीह दे रहे हैं।