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सीडी मामलों के बीच फंसी छत्तीसगढ़ की राजनीति

Sun, 28 Oct 2018 06:12 PM IST
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला Updated Sun, 28 Oct 2018 06:12 PM IST
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Chhattisgarh politics stucked between CD cases
भाजपा-कांग्रेस
01 नवंबर 2000 को देश का 10वां बड़ा नवनिर्मित राज्य बनकर सामने आया छत्तीसगढ़। इस राज्य की अर्थव्यवस्था अपने भिलाई स्टील प्लांट, एसईसी रेलवे जोन, बाल्को एल्यूमिनियम प्लांट, एसई कोयला लिमिटेड और नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड से जानी जाती है। छत्तीसगढ़ एक खनिज समृद्ध राज्य है।
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इतना ही नहीं, यह राज्य प्राकृतिक सौंदर्य और सुखद वातावरण में भी धनी है। साथ ही छत्तीसगढ़ को उसके दूसरे नाम 'धान का कटोरा' नाम भी जाना जाता है। इन विशेष क्षेत्रों में धनी इस राज्य की राजनीति भी उतनी ही खास है।
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निर्माण के बाद से राज्य की राजनीति के ऐसे बदलाव आते गए जिसने छत्तीसगढ़ की राजनीति को फलने का कोई खास मौका नहीं दिया। कृषि, रोजगार, शिक्षा जैसे प्रमुख मुद्दों से भटक कर छत्तीसगढ़ की राजनीति ने व्यक्तिगत व्याभिचार और विपक्ष के खिलाफ षड़यंत्र रचते-रचते एक अलग रास्ता पकड़ लिया जो राज्य में हुए अनेक सीडी कांडों से चर्चित है। छत्तीसगढ़ राज्य की राजनीति में आये तूफ़ान का सबसे बड़ा कारण है सीडी मामला जो प्रदेश के चौथे विधानसभा चुनाव में भी अहम मुद्दा बना हुआ है।
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15 साल से छत्तीसगढ़ की सत्ता में बरकरार भाजपा चुनौतियों से जूझ रही है। प्रदेश के मुखिया डॉ. रमन सिंह हों या फिर प्रदेश भाजपा के दूसरे बड़े नेता सभी इस चुनाव में सीडी का मुद्दा उठाकर कांग्रेस पर हमलावर है। 

भाजपा नेताओं का अपने दावों को छोड़कर सिर्फ सीडी मामलों पर हमला करना इस ओर ध्यान केंद्रित करता है कि, क्या वाकई ये मामले इतने गंभीर हैं जिसने छत्तीसगढ़ की राजनीति में इतनी गहमागहमी मचा रखी है? साथ ही ये जानना भी बेहद आवश्यक है कि वे कौन से सीडी मामले हैं जो इतने गंभीर हैं।

छत्तीसगढ़ प्रदेश के चर्चित सीडी मामले

2003 मामला: वर्ष 2003 में भाजपा पार्टी ने एक सीडी जारी की जिसमें भाजपा के 12 विधायकों का नाम सामने आया जिन्हें 45 लाख में खरीदने की कोशिश की गयी थी। इस मामले में अजीत जोगी का नाम सामने आया जिसके बाद उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया गया।

2005 मामला: भाजपा सांसद प्रदीप गांधी पर आरोप लगा कि उन्होंने संसद में सवाल पूछने के बदले पैसे लिए थे। इसके बाद उनकी सदस्यता ख़तम कर दी गई।


2013 मामला: इंदिरा बैंक घोटाले में सत्ता पक्ष के कई नाम सामने आये, जिसमें बैंक के तत्कालीन मैनेजर उमेश सिन्हा के नार्को टेस्ट की सीडी वायरल हुई थी। हालांकि, इस मामले को लंबा खींचा गया लेकिन किसी प्रकार का विशेष असर नहीं हुआ।

2016 मामला: इस वर्ष जारी हुए एक ऑडियो टेप में कांग्रेस प्रत्याशी मंतूराम सौदेबाजी करते सुनाई दिए जिसके कारण उन्होंने अपना नाम चुनाव से वापस ले लिया था। साथ ही इस मामले में अमित जोगी को कांग्रेस से निष्कासित कर दिया गया था।

2018 मामला : फिरोज सिद्धिकी ने कांग्रेस में टिकट की मांग को लेकर सौदेबाजी की सीडी जारी की। यही कारण है कि भाजपा ने इस बात का मुद्दा बनाया है।

 
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