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Amit Shah: केंद्रीय गृहमंत्री बोले- छत्रपति शिवाजी सिर्फ नाम नहीं बल्कि विचारधारा, मुगलों से दिलाई मुक्ति

Sun, 19 Feb 2023 04:22 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: निर्मल कांत Updated Sun, 19 Feb 2023 04:22 PM IST
सार

छत्रपति शिवाजी महाराज के 'स्वराज' के आदर्शों और लक्ष्यों का हवाला देते हुए केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि उन्होंने अपने प्रभाव क्षेत्र का विस्तार करने के लिए नहीं बल्कि देश को मुगल वंश से मुक्त करने के लिए यह शब्द (स्वराज) गढ़ा और उनके उत्तराधिकारियों ने उनके विचार को आगे बढ़ाया।

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Chhatrapati Shivaji Maharaj not just a name but an ideology Amit Shah
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि मराठा योद्धा छत्रपति शिवाजी महाराज सिर्फ एक नाम नहीं बल्कि एक विचारधारा थे क्योंकि उनकी प्रेरणादायक जीवनकथा ने पीढ़ियों को अपनी भाषा और धर्म को गर्व के साथ पेश होना सिखाया और अपने नैतिक कर्तव्यों का निर्वहन करने और स्वराज का बचाने के लिए अपना जीवन देने के लिए तैयार रहना सिखाया।

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छत्रपति शिवाजी की शिक्षाओं को बताएगा थीम पार्क
शाह ने छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन पर आधारित थीम पार्क 'शिव सृष्टि' के पहले चरण के उद्घाटन के मौके पर यह टिप्पणी की। उन्होंने कहा, यह थीम पार्क न केवल छत्रपति शिवाजी महाराज के प्रेरणादायक जीवन की कहानी को दर्शाएगा, बल्कि भावी पीढ़ियों को उनके जीवन के सबक और शिक्षाओं को भी बताएगा। उनकी शिक्षाएं लोगों को गर्व के साथ अपनी भाषा और धर्म का अभ्यास करने और स्वराज के लिए अपने जीवन का बलिदान करने के लिए तैयार रहने के लिए प्रेरित करेंगी। 
 

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थीम पार्क में इस्तेमाल होगी प्रोजेक्ट मैपिंग और 4डी तकनीक
उन्होंने कहा कि यह थीम पार्क लेखक और कवि बाबासाहेब पुरंदरे के सपनों को साकार करने में भी मदद करेगा। पुरंदरे को छत्रपति शिवाजी महाराज पर उनकी रचनाओं के लिए जाना जाता है। शाह ने कहा, थीम पार्क में होलोग्राफी, प्रोजेक्ट मैपिंग, मिनिएचर मोशन सिमुलेशन, 3डी-4डी तकनीक, लाइट एंड साउंड तकनीक होगी। यह सब इतिहास को पुनर्जीवित करेगा और न केवल महाराष्ट्र के लोगों को बल्कि पूरे देश को प्रेरित करेगा। 
 

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मुगल वंश से मुक्त करने के लिए गढ़ा 'स्वराज' शब्द
छत्रपति शिवाजी महाराज के 'स्वराज' के आदर्शों और लक्ष्यों का हवाला देते हुए केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि उन्होंने अपने प्रभाव क्षेत्र का विस्तार करने के लिए नहीं बल्कि देश को मुगल वंश से मुक्त करने के लिए यह शब्द (स्वराज) गढ़ा और उनके उत्तराधिकारियों ने उनके विचार को आगे बढ़ाया।
 

मुगलों द्वारा नष्ट किए गए मंदिरों का शिवाजी ने किया पुनर्निर्माण
स्वराज के पीछे का विचार मराठा साम्राज्य का गौरव पूरे देश में ले जाना नहीं था। कटक, गुजरात से लेकर बंगाल तक, मुगलों ने हर जगह सबसे ज्यादा शासन किया। यह छत्रपति शिवाजी महाराज थे जिन्होंने गुजरात को मुगलों से मुक्त कराया और स्वराज के अपने संदेश को आगे बढ़ाया। 1680 में सम्भाजी महाराज, राजाराम भोंसले प्रथम, महारानी तारा बाई, छत्रपति साहू प्रथम और सभी पेशवाओं ने स्वराज की विचारधारा को आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा कि उनके शासन के दौरान छत्रपति शिवाजी महाराज ने मुगलों द्वारा नष्ट किए गए मंदिरों और स्थानों की मरम्मत और पुनर्निर्माण भी किया था।
 

मंदिरों के जीर्णोद्धार करने के रास्ते पर चल रहे पीएम मोदी
शाह ने आगे कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंदिरों के जीर्णोद्धार और नए मंदिरों के निर्माण के उसी रास्ते पर चल रहे हैं। अयोध्या में भगवान श्रीराम का मंदिर बन रहा है जबकि काशी विश्वनाथ कॉरिडोर को भी फिर से विकसित किया जा रहा है। सोमनाथ मंदिर का भी पुनर्विकास किया जा रहा है। पेशवा बाजी राव, पेशवा नाना साहेब, पेशवा माधव राव और अहिल्याबाई होलकर ने शिवाजी महाराज के मार्ग का अनुसरण किया और अपने शासन के दौरान मंदिरों के फिर से विकास के लिए काम किया।

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