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दाऊद इब्राहिम के करीबी फारुक टकला के खिलाफ पासपोर्ट जालसाजी मामले में आरोप पत्र दाखिल
Wed, 25 Dec 2019 07:32 PM IST
Mohit Mudgal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Mohit Mudgal
Updated Wed, 25 Dec 2019 07:32 PM IST
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अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के करीबी गुर्गे फारुक टकला के खिलाफ पासपोर्ट जालसाजी मामले में सीबीआई ने आरोप पत्र दाखिल किया है। जांच एजेंसी के अधिकारियों का कहना है कि टकला ने 1993 के मुंबई सीरियल बम धमाकों के बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए फर्जी पहचान के आधार पर पासपोर्ट बनवाया था और देश से फरार हो गया था।
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मोहम्मद फारुक उर्फ फारुक टकला को पिछले साल 8 मार्च को दुबई से एयर इंडिया की उड़ान से दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर उतरने के बाद धर दबोचा गया था। हालांकि सूत्रों का कहना है कि उसे केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के चलाए गए ऑपरेशन के तहत पकड़ा गया था। उन्होंने बताया कि गिरफ्तारी के वक्त टकला मुस्ताक मोहम्मद मियां के नाम पर जारी पासपोर्ट (नंबर जे6435628) पर यात्रा कर रहा था।
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मुंबई की विशेष कोर्ट में दाखिल आरोप पत्र में कहा गया है कि फारुक ने क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय से पासपोर्ट हासिल करने के लिए मुस्ताक नाम से गलत जानकारी मुहैया कराई थी। उसने इसी नाम का इस्तेमाल दुबई और अन्य खाड़ी देशों में रहने के लिए किया। वह आतंकी दाऊद के लिए काम करता था और उसने 1993 में मुंबई धमाकों के लिए विस्फोटकों व अन्य सामग्री उपलब्ध कराने में मदद की थी।
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रेड कार्नर नोटिस भी जारी हुआ था
धमाकों के बाद इंटरपोल ने 1995 में फारुक के खिलाफ रेड कार्नर नोटिस जारी किया था लेकिन वह फर्जी पासपोर्ट की मदद से फरार होने में सफल रहा था। 2001 में उसने दुबई स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास से अपने पासपोर्ट के नवीनीकरण के लिए संपर्क किया था। उसकी जानकारी के आधार पर दूतावास ने उसे पासपोर्ट जारी कर दिया जिसकी वैधता 2 जुलाई 2002 तक थी। 2011 में दूतावास ने फिर से उसे पासपोर्ट जारी कर दिया। जब उसे गिरफ्तार किया गया तो वह इसी पासपोर्ट पर यात्रा कर रहा था।
मुंबई की आर्थर रोड जेल में है बंद
टकला गिरफ्तारी के बाद से मुंबई की आर्थर रोड जेल में बंद है। उसके खिलाफ सीरियल बम धमाकों में हाथ होने के आरोप में मुकदमा चल रहा है। साथ ही सीबीआई ने पासपोर्ट जालसाजी मामले में भी उसके खिलाफ पिछले साल मामला दर्ज किया था। पासपोर्ट मामले की जांच पूरी करने के बाद सीबीआई ने अब आरोप पत्र दाखिल किया है।