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सियासत: 'कोरोना काल में नुकसान के कारण मेरी कर योग्य आय घटी', जानें ऐसा क्यों बोले BJP उम्मीदवार चंद्रेशखर
Thu, 11 Apr 2024 10:30 PM IST
आदर्श शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
Published by: आदर्श शर्मा
Updated Thu, 11 Apr 2024 10:30 PM IST
सार
तिरुवनंतपुरम से भाजपा उम्मीदवार राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि वर्ष 2021-2022 में कोविड अवधि के दौरान अपने व्यवसायों में साझेदारी घाटे के कारण मेरी कर योग्य आय तेजी से कम हो गई थी। उनका स्पष्टीकरण तब आया जब चुनाव आयोग ने केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) को चंद्रशेखर द्वारा प्रस्तुत हलफनामे के विवरण में किसी भी विसंगति को सत्यापित करने का निर्देश दिया।
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केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर (फाइल फोटो)
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
केरल के तिरुवनंतपुरम से भाजपा के लोकसभा उम्मीदवार राजीव चंद्रशेखर ने गुरुवार को कहा कि कोरोना काल के दौरान हुए भारी नुकसान के कारण वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए उनकी कर योग्या आय तेजी से घटकर मात्र 680 रुपये रह गई है।
मैं कई वर्षों से सार्वजनिक जीवन में हूं- चंद्रशेखर
गौरतलब है कि दक्षिण केरल के प्रमुख निर्वाचन क्षेत्र में मौजूदा सांसद और कांग्रेस कार्य समिति के सदस्य शशि थरूर के खिलाफ खड़े होकर चंद्रशेखर ने कांग्रेस को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि वह वर्ष 2021-22 में उनकी कर योग्य आय के बारे में एक अभियान चलाने की योजना बना रही है मामले से जुड़े तथ्य प्रस्तुत करते हुए चंद्रशेखर ने कहा कि सोशल मीडिया पर कहा कि मैं कई वर्षों से केवल सार्वजनिक जीवन में हूं और मेरी आय केवल सांसद/मंत्री के वेतन, भत्ते और ब्याज/लाभांश से आती है।
मेरी कर योग्य आय तेजी से कम हो गई थी- चंद्रशेखर
उन्होंने कहा कि वर्ष 2021-2022 में कोविड अवधि के दौरान अपने व्यवसायों में साझेदारी घाटे के कारण मेरी कर योग्य आय तेजी से कम हो गई थी। उनका स्पष्टीकरण तब आया जब चुनाव आयोग ने केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) को चंद्रशेखर द्वारा प्रस्तुत हलफनामे के विवरण में किसी भी विसंगति को सत्यापित करने का निर्देश दिया। चंद्रशेखर तिरुवनंतपुरम लोकसभा क्षेत्र में कांग्रेस के थरूर और एलडीएफ उम्मीदवार सीपीआई के पन्नियन रवींद्रन के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं।
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हलफनामे में कोई भी जानकारी छुपाने पर सख्त प्रावधान
कांग्रेस ने चुनाव आयोग से शिकायत की थी कि चंद्रशेखर की वास्तविक संपत्ति और उनके द्वारा अपने चुनावी हलफनामे में घोषित संपत्तियों के बीच अंतर है। उन्होंने कहा कि हलफनामे के किसी भी बेमेल और मिथ्याकरण को लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 125 ए के तहत निपटाया जाता है। कानून के मुताबिक, नामांकन पत्र या हलफनामे में कोई भी जानकारी छुपाने पर छह महीने तक की कैद या जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
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मैं कई वर्षों से सार्वजनिक जीवन में हूं- चंद्रशेखर
गौरतलब है कि दक्षिण केरल के प्रमुख निर्वाचन क्षेत्र में मौजूदा सांसद और कांग्रेस कार्य समिति के सदस्य शशि थरूर के खिलाफ खड़े होकर चंद्रशेखर ने कांग्रेस को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि वह वर्ष 2021-22 में उनकी कर योग्य आय के बारे में एक अभियान चलाने की योजना बना रही है मामले से जुड़े तथ्य प्रस्तुत करते हुए चंद्रशेखर ने कहा कि सोशल मीडिया पर कहा कि मैं कई वर्षों से केवल सार्वजनिक जीवन में हूं और मेरी आय केवल सांसद/मंत्री के वेतन, भत्ते और ब्याज/लाभांश से आती है।
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मेरी कर योग्य आय तेजी से कम हो गई थी- चंद्रशेखर
उन्होंने कहा कि वर्ष 2021-2022 में कोविड अवधि के दौरान अपने व्यवसायों में साझेदारी घाटे के कारण मेरी कर योग्य आय तेजी से कम हो गई थी। उनका स्पष्टीकरण तब आया जब चुनाव आयोग ने केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) को चंद्रशेखर द्वारा प्रस्तुत हलफनामे के विवरण में किसी भी विसंगति को सत्यापित करने का निर्देश दिया। चंद्रशेखर तिरुवनंतपुरम लोकसभा क्षेत्र में कांग्रेस के थरूर और एलडीएफ उम्मीदवार सीपीआई के पन्नियन रवींद्रन के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं।
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हलफनामे में कोई भी जानकारी छुपाने पर सख्त प्रावधान
कांग्रेस ने चुनाव आयोग से शिकायत की थी कि चंद्रशेखर की वास्तविक संपत्ति और उनके द्वारा अपने चुनावी हलफनामे में घोषित संपत्तियों के बीच अंतर है। उन्होंने कहा कि हलफनामे के किसी भी बेमेल और मिथ्याकरण को लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 125 ए के तहत निपटाया जाता है। कानून के मुताबिक, नामांकन पत्र या हलफनामे में कोई भी जानकारी छुपाने पर छह महीने तक की कैद या जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।