Raisina Dialogue: नेवी चीफ बोले- हिंद महासागर में चीन की हर गतिविधि पर नजर, सभी देशों की समृद्धि चाहता है भारत
R Hari Kumar: नेवी चीफ ने कहा मैरीटाइम डोमेन में हम सहकारिता के भाव से साथ मिलकर काम करते हैं। उन्होंने कहा कि जब हम छोटे समूहों में काम करते हैं तो उससे उद्देश्य की पूर्ति होती है। इससे सहयोगी देशों के बीच विश्वास भी बढ़ता है।
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नौसेना प्रमुख आर हरि कुमार ने कहा कि भारत ऐसा देश है जो क्षेत्र के सभी देशों की समृद्धि देखना चाहता है। उन्होंने कहा, हिंद महासागर में 2008 से चीन मौजूद है। उनके पास तभी से एक समुद्री डकैती विरोधी बल है। हम चीन की हर गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं।
एडमिरल कुमार ने रायसीना डायलॉग में 'संघर्ष का भविष्य : तीसरे दशक से सबक' विषय पर हुई पैनल चर्चा में हिस्सा लिया। इसमें उन्होंने आधुनिक युद्ध के क्षेत्र में बदलती तकनीक पर बात की और समुद्री क्षेत्र में सहयोग तथा एक साथ काम करने की अहमियत बताई।
उन्होंने कहा, जब भी कोई नई तकनीक विकसित की जाती है तो उसे काउंटर भी किया जाता है। हमने यूक्रेन जंग के दौरान देखा कि लड़ाई में जब भी कोई नई तकनीक आई, उसका भी जवाब दिया गया। रूस-यूक्रेन युद्ध में रासायनिक हथियारों, ड्रोन आधुनिक तरीकों से लोगों को निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा कि जब हम छोटे समूहों में काम करते हैं तो उससे उद्देश्य की पूर्ति होती है। इससे सहयोगी देशों के बीच विश्वास भी बढ़ता है।
नौसेना प्रमुख ने कहा, समुद्री क्षेत्र में चुनौतियां परंपरागत या गैरपरंपरागत नहीं होती हैं। कोई भी परेशानी हर सभी के लिए परेशानी ही होती है। उन्होंने कहा कि समुद्री क्षेत्र में हम सहकारिता के भाव के साथ मिलकर काम करते हैं और करना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत में जो भी तकनीक उपलब्ध हैं, हम उसका उपयोग कर रहे हैं। हमने नौसेना के लिए तकनीक विकसित करने के लिए 75 चुनौतियां दी थीं। उत्पादों के लिए प्रौद्योगिकी विकसित करने के लिए 1,100 से अधिक स्टार्टअप और एमएसएमई ने प्रस्ताव दिए हैं।
ग्लोबल नॉर्थ और साउथ के बीच पुल का काम करता है भारत: मीनाक्षी लेखी
रायसीना डायलॉग को संबोधित करते हुए विदेश राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी ने बहुपक्षवाद की वकालत की। उन्होंने कहा, भारत बहुपक्षवाद में सुधार की दिशा में काम करेगा। सामाजिक व्यवस्था बनाए रखने के हित में संघर्षों को हल करने और उन्हें होने न देने की यह बेहतर पद्धति है। उन्होंने कहा, "भारत ने बेजुबानों की आवाज बनने का जिम्मा अपने ऊपर ले लिया है और बहुपक्षवाद में सुधार को आगे बढ़ना है क्योंकि अपने मौजूदा स्वरूप में यह प्रमुख मुद्दों को हल करने में विफल रहा है। लेखी ने आगे कहा, दुनिया को ग्लोबल नॉर्थ और ग्लोबल साउथ में बांटा गया है, लेकिन भारत की स्थिति आमतौर पर दोनों के बीच एक पुल के रूप में काम करने की रही है। एकात्म मानववाद भारत के मूल्यों का केंद्र है। दुनिया के किसी भी हिस्से में जब भी कोई संघर्ष छिड़ता है, तो वह दूर दूर तक किसी व्यक्ति को प्रभावित करता है।
भारत, आर्मेनिया के संबंध हो रहे मजबूत : सफरियान
आर्मेनिया के उपविदेश मंत्री मनत्सकन सफरियान ने शनिवार को कहा कि भारत और आर्मेनिया के संबंध तेजी से विकसित हो रहे हैं। दोनों देश व्यापार, अर्थव्यवस्था, निवेश, संस्कृति और पर्यटन के मामले में और अधिक सहयोग हासिल कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि पिछले साल से हम अपने संबंधों को अगले स्तर पर ले जाने की कोशिश कर रहे हैं।
सफरियान ने रायसीना डायलॉग में हिस्सा लिया। नागोर्नो-काराबाख संघर्ष (मई 2022 में) ने यूक्रेन युद्ध के मद्देनजर सुर्खियां बटोरीं। यह क्षेत्र अजरबैजान व आर्मेनिया के बीच विवाद का केंद्र रहा है। दक्षिण काकेशस क्षेत्र में स्थित यह क्षेत्र भौगोलिक दृष्टि से अजरबैजान का हिस्सा रहा है, लेकिन इस पर आर्मेनियाई लोगों का प्रभुत्व है।
आर्मेनिया पहले से ही अजरबैजान के 20 फीसदी से अधिक क्षेत्र को नियंत्रित करता है। परिणामस्वरूप देश का प्रशासन घरेलू और क्षेत्रीय दोनों स्तरों पर तनावपूर्ण स्थितियों से निपट रहा है। आर्मेनिया और भारत ने 2022 में अपने द्विपक्षीय राजनयिक संबंधों के 30 साल पूरे किए। दोनों देशों के बीच सक्रिय राजनीतिक संबंध हैं।