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केंद्र पर निशाना: शरद पवार बोले- यूपी और दूसरे राज्यों में चुनाव नहीं होते, तो कृषि कानून वापस नहीं लेती मोदी सरकार
Wed, 24 Nov 2021 06:46 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुणे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुणे
Published by: Amit Mandal
Updated Wed, 24 Nov 2021 06:46 PM IST
सार
शरद पवार ने केंद्र सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि कृषि कानूनों की वापसी की घोषणा यूपी और अन्य पड़ोसी राज्यों में आगामी चुनावों के मद्देनजर की गई थी।
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एनसीपी प्रमुख शरद पवार (file photo)
- फोटो : PTI
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विस्तार
राकांपा प्रमुख शरद पवार ने बुधवार को आरोप लगाया कि अगर निकट भविष्य में उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में चुनाव नहीं होते तो भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार तीन विवादास्पद कृषि कानूनों को वापस नहीं लेती। सतारा जिले के महाबलेश्वर में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में शिवसेना के नेतृत्व वाली महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अगर चुनाव अभी होते हैं, तो तीन-पार्टी गठबंधन एक बार फिर सत्ता में आएगा।
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पवार बोले- चुनाव के मद्देनजर लिया फैसला
पवार राकांपा की युवा शाखा के सम्मेलन में शामिल होने से पहले पत्रकारों से बात कर रहे थे। पिछले शुक्रवार को, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा की थी, जिन्हें दिल्ली की सीमाओं और अन्य जगहों पर कड़े विरोध का सामना करना पड़ा था। इसके बारे में एक सवाल के जवाब में पवार ने कहा कि इस कदम की घोषणा यूपी और अन्य पड़ोसी राज्यों में आगामी चुनावों के मद्देनजर की गई है।
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पवार ने कहा, यूपी और अन्य पड़ोसी राज्यों में चुनाव हैं। हमारी जानकारी के अनुसार, सत्ता में बैठे लोगों ने जब इन राज्यों के कुछ हिस्सों में गांवों का दौरा किया तो उन्हें स्थानीय लोगों से कुछ अलग तरह का स्वागत मिला। इसे ध्यान में रखते हुए उन्हें लगा कि वोट मांगने जाने पर उनके साथ कैसा व्यवहार किया जाएगा। ऐसा लगता है कि इसी पृष्ठभूमि में यह व्यावहारिक फैसला लिया गया है।
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एमवीए गठबंधन फिर सत्ता में आएगा
उन्होंने कहा कि अगर निकट भविष्य में इन राज्यों में चुनाव नहीं होते तो यह फैसला नहीं लिया जाता। महाराष्ट्र भाजपा प्रमुख चंद्रकांत पाटिल की इस टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर कि नए साल में राज्य सरकार बदल जाएगी, पवार ने कहा कि दो साल पहले शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस की एमवीए सरकार बनने के बाद दावा किया गया था कि यह 15 दिनों में गिर जाएगी।
पवार ने कहा, लेकिन बाद में यह सुना गया कि यह एक महीने, दो महीने, तीन महीने में गिर जाएगी। चूंकि पाटिल के पास समय है, वह ज्योतिष में हाथ आजमा रहे हैं और उसके आधार पर वह इस तरह के निष्कर्ष निकाल रहे होंगे। उन्हें इसका आनंद लेने दें। हालांकि, यह सरकार अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करेगी और अगर हम एक साथ जाने का फैसला करते हैं चुनावों में एमवीए गठबंधन एक बार फिर सत्ता में आएगा।
केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई नई बात नहीं
महाराष्ट्र में केंद्रीय एजेंसियों द्वारा की गई कार्रवाई के बारे में पूछे जाने पर पवार ने कहा कि यह कोई नई बात नहीं है। मैंने हाल ही में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात की। उनकी सरकार के छह से सात मंत्री हैं जिन्हें केंद्रीय एजेंसियों द्वारा परेशान किया जा रहा है। मैं अगले कुछ दिनों में मुंबई में उनसे मिलने जा रहा हूं।
यह पूछे जाने पर कि मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परम बीर सिंह ने अपने वकील के जरिए अदालत में कहा कि महाराष्ट्र में उनकी जान को खतरा है, पवार ने कहा कि इसे पढ़कर वह स्तब्ध रह गए। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र पुलिस विभाग में कई अहम पदों पर काम करने वाला शख्स अगर अपने साथियों और राज्य पुलिस से डरता है तो क्या कहें।