फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Centre tells Supreme Court that decision to notify minorities will be taken after discussion with states and shareholders news in Hindi

सुप्रीम कोर्ट में केंद्र ने कहा: राज्यों से चर्चा करने के बाद लिया जाएगा अल्पसंख्यकों को अधिसूचित करने का फैसला

Mon, 09 May 2022 09:18 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: गौरव पाण्डेय Updated Mon, 09 May 2022 09:18 PM IST
सार

अल्पसंख्यकों को अधिसूचित करने से संबंधित एक याचिका पर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि इस पर कोई भी फैसला राज्यों और हिस्सेदारों से बातचीत करने के बाद ही लिया जाएगा।

विज्ञापन
Centre tells Supreme Court that decision to notify minorities will be taken after discussion with states and shareholders news in Hindi
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : पीटीआई (फाइल)

विस्तार

केंद्र सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि अल्पसंख्यकों को अधिसूचित करने की शक्ति केंद्र के पास है और इस संबंध में कोई भी फैसला राज्यों और अन्य हिस्सेदारों के साथ विचार-विमर्श करने के बाद ही लिया जाएगा। 

विज्ञापन


सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व में केंद्र को एक याचिका पर जवाब देने के लिए केंद्र को चार सप्ताह का समय दिया था। इस याचिका में राज्य स्तर पर अल्पसंख्यकों की पहचान करने के लिए दिशानिर्देश तैयार करने का निर्देश देने की मांग की गई थी। 
विज्ञापन


याचिका में तर्क दिया गया था कि देश के 10 राज्यों में हिंदू अल्पसंख्यक हैं। अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय की ओर से दाखिल इस याचिका के जवाब में अल्पसंख्यक मंत्रालय ने कहा कि केंद्र ने अल्पसंख्यकों के लिए राष्ट्रीय अधिनियम 1992 की धारा 2सी के तहत छह समुदायों को अल्पसंख्यक अधिसूचित किया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई की अगली तारीख 10 मई तय करते हुए केंद्र सरकार से कहा कि वह याचिका पर अपना रुख स्पष्ट करे। 

मंत्रालय ने पहले सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि राज्य सरकारें किसी भी धार्मिक या भाषाई समुदाय को राज्य के अंदर अल्पसंख्यक घोषित कर सकती हैं। इनमें हिंदू भी शामिल हैं। 


उपाध्याय ने अपनी याचिका में अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थान अधिनियम 2004 के राष्ट्रीय आयोग की धारा 2(एफ) की वैधता को चुनौती देते हुए आरोप लगाया है कि यह केंद्र को बेलगाम शक्ति देता है। उन्होंने इसे स्पष्ट रूप से 'मनमाना, तर्कहीन और अपमानजनक' करार दिया है।

अधिनियम की धारा 2 (एफ) केंद्र को भारत में अल्पसंख्यक समुदायों की पहचान करने और उन्हें अधिसूचित करने का अधिकार देती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed