‘कोरोना सहयात्रा योजना’ के तहत 1000 रुपये देने का दावा गलत : पीआईबी
प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) की तथ्य जांच इकाई ने साफ किया है कि केंद्र सरकार कथित ‘कोरोना सहयात्रा योजना’ के तहत किसी को भी 1000 रुपये नहीं दे रही है। सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे संदेश में यह दावा किया जा रहा है।
साथ ही लोगों से इस लाभ को लेने के लिए एक लिंक पर क्लिक करने और अपनी जानकारी देने को कहा जा रहा है। पीआईबी ने एक बयान में कहा कि इस संदर्भ में व्हाट्सएप पर संदेश बहुत तेजी से फैलाया जा रहा है। ऐसा दावा और लिंक दोनों ही धोखाधड़ी है और लोगों को इससे बचने की सलाह दी जाती है।
व्हाट्सएप पर वायरल हो रहे संदेश में एक लिंक दिया गया है। लोगों को इस लिंक पर क्लिक करके सूचना उपलब्ध कराने को कहा गया है। पीआईबी फैक्ट चेक ने अपने ट्वीट में स्पष्ट किया है कि पैसे भेजने का दावा और लिंक दोनों फर्जी है। इस ट्वीट में लोगों से लिंक पर क्लिक नहीं करने को कहा गया है।
दावा: कोरोना सहायता योजना WCHO की तरफ से 1000 ₹ सहायता राशि सभी को दिया जा रहा हैें। फॉर्म भरें और 1000 ₹ प्राप्त करें। #PIBFactCheck: केंद्र सरकार द्वारा ऐसी कोई भी योजना नहीं चलाई जा रही। मैसेज में किया गया दावा व दिया गया लिंक फ़र्ज़ी है।
कृपया जालसाज़ों से सावधान रहे। pic.twitter.com/i8z3K5dEid— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) April 25, 2020
मालूम हो कि हाल में धोखाधड़ी करने वाले ईएमआई टालने, पीएम-केयर्स फंड में पैसे जमा करने जैसे कई नए हथकंडों के जरिए लोगों को ठगने की कोशिश में लगे हैं।