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दार्जिलिंग के हालात पर केंद्र की पैनी नजर, हर मदद का वादा
ब्यूरो/ अमर उजाला, दार्जिलिंग
Updated Wed, 14 Jun 2017 05:45 AM IST
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दार्जिलिंग में जारी हिंसा से चिंतित केंद्र सरकार की हालात पर पैनी नजर है। केंद्र ने कहा है कि हालात को सामान्य बनाने में पश्चिम बंगाल सरकार हो हरसंभव मदद देंगे। अनिश्चितकालीन बंद के दूसरे दिन गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के समर्थकों ने पुलिस पर पथराव किया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस को भी लाठीचार्ज करना पड़ा। गोरखालैंड समर्थक सरकारी दफ्तरों को जबरन बंद कराते देखे गए। इलाके में फंसे पर्यटकों की बसों को सेना के पहरे में मैदानी इलाके में पहुंचाया जा रहा है।
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इस बीच, इलाके की चाय बागान यूनियनों ने भी मंगलवार से दो दिन की हड़ताल बुलाई है। गोरखा जनमुक्ति मोर्चा ने इस हड़ताल का समर्थन किया है। पुलिस प्रशासन ने एहतियात के तौर पर इलाके के तमाम सरकारी दफ्तरों के सामने बैरिकेड लगा दिए हैं। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि जबरन बंद कराने का प्रयास कर रहे मोर्चा के समर्थकों ने पुलिस टीम पर पथराव किया। बाद में उनको तितर-बितर करने के लिए कुछ जगहों पर लाठीचार्ज करना पड़ा।
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उधर मोर्चा के नेताओं ने पुलिस वालों पर शांतिपूर्ण तरीके से निकली रैली पर बिना किसी उकसावे के लाठी चार्ज करने का आरोप लगाया है। मोर्चा के महासचिव रोशन गिरि ने कहा कि पुलिस ने बिना वजह लाठीचार्ज किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हमारे खिलाफ जितना बल प्रयोग करेगी, अलग गोरखालैंड राज्य की मांग में आंदोलन उतना ही तेज होगा।
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ममता को दार्जिलिंग से दूर रहने की सलाह
आंदोलनकारियों द्वारा सरकारी दफ्तरों को जबरन बंद कराने का प्रयास करने पर पुलिस ने जब रोकने का प्रयास किया तो उन्होंने पथराव शुरू कर दिया। सोमवार को कई सरकारी दफ्तरों में आग लगाने की घटना को देखते हुए तमाम दफ्तरों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पर्वतीय क्षेत्र में बृहस्पतिवार से ही सेना की छह टुकड़ियां तैनात हैं। इसके अलावा सीआरपीएफ की दो बटालियन भी तैनात की गई है।
केंद्र और उसके मंत्रियों के लगातार संपर्क में हैं गुरुंग
गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के प्रमुख बिमल गुरुंग ने कहा कि वह लगातार केंद्र सरकार और उसके मंत्रियों के संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि वह बेहद आशान्वित हैं। केंद्र उनके दर्द और संघर्ष को समझेगा और गोरखालैंड के अलग राज्य की हमारी मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा छोटे राज्यों के पक्ष में रही है।
ममता को दार्जिलिंग से दूर रहने की सलाह
बिमल गुरुंग ने पर्वतीय क्षेत्र के हालात पर नियंत्रण के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा सेना को बुलाने की आलोचना करते हुए उन्हें पर्वतीय मामलों से दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि दार्जिलिंग के लोग अपना ध्यान रखने में सक्षम हैं। दार्जिलिंग के लोग तृणमूल कांग्रेस का आधिपत्य कभी स्वीकार नहीं करेंगे।
केंद्र और उसके मंत्रियों के लगातार संपर्क में हैं गुरुंग
गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के प्रमुख बिमल गुरुंग ने कहा कि वह लगातार केंद्र सरकार और उसके मंत्रियों के संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि वह बेहद आशान्वित हैं। केंद्र उनके दर्द और संघर्ष को समझेगा और गोरखालैंड के अलग राज्य की हमारी मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा छोटे राज्यों के पक्ष में रही है।
ममता को दार्जिलिंग से दूर रहने की सलाह
बिमल गुरुंग ने पर्वतीय क्षेत्र के हालात पर नियंत्रण के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा सेना को बुलाने की आलोचना करते हुए उन्हें पर्वतीय मामलों से दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि दार्जिलिंग के लोग अपना ध्यान रखने में सक्षम हैं। दार्जिलिंग के लोग तृणमूल कांग्रेस का आधिपत्य कभी स्वीकार नहीं करेंगे।