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केंद्र का राज्यों को निर्देश: सौ जिलों में बनाएं 100 फूड स्ट्रीट, प्रत्येक को मिलेगी एक करोड़ रुपये की मदद

Thu, 20 Apr 2023 09:47 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: निर्मल कांत Updated Thu, 20 Apr 2023 09:47 PM IST
सार

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि परियोजना का उद्देश्य खाद्य व्यवसायों और समुदाय के सदस्यों के बीच सुरक्षित और स्वस्थ प्रथाओं को प्रोत्साहित करना है, इस प्रकार खाद्य जनित बीमारियों को कम करना और समग्र स्वास्थ्य परिणामों में सुधार करना है।

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Centre directs states to set up 100 food streets; To grant Rs 1 crore as aid per street
फूड स्ट्रीट (सांकेतिक) - फोटो : आईस्टॉक

विस्तार

केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मिलकर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को देशभर के सौ जिलों में 100 फूड स्ट्रीट विकसित करने के लिए पत्र लिखे हैं। इस पहल को एक पायलट परियोजना के रूप में लिया जा रहा है ताकि सुरक्षित और स्वच्छ भोजन प्रथाओं को सुनिश्चित करने के लिए देशभर में आने वाली ऐसी अन्य सड़कों के लिए एक उदाहरण के रूप में पेश किया सके।

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स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि परियोजना का उद्देश्य खाद्य व्यवसायों और समुदाय के सदस्यों के बीच सुरक्षित और स्वस्थ प्रथाओं को प्रोत्साहित करना है, इस प्रकार खाद्य जनित बीमारियों को कम करना और समग्र स्वास्थ्य परिणामों में सुधार करना है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण और आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के सचिव मनोज जोशी ने राज्यों को लिखे पत्र में कहा कि नागरिकों के अच्छे स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित और स्वच्छ भोजन तक आसान पहुंच महत्वपूर्ण है।
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पत्रों में कहा गया है, सुरक्षित खाद्य प्रथाएं न केवल 'खाने के अधिकार अभियान' और खाद्य सुरक्षा को बढ़ावा देती हैं, बल्कि स्थानीय खाद्य व्यवसायों की स्वच्छता विश्वसनीयता में सुधार करती हैं, स्थानीय रोजगार, पर्यटन और बदले में अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देती हैं। यह एक स्वच्छ और हरित वातावरण की ओर भी जाता है। स्ट्रीट फूड पारंपरिक रूप से भारतीय समाज का एक अभिन्न अंग रहा है और पूरे देश में मौजूद है। बयान में कहा गया है कि व्यंजन समृद्ध स्थानीय परंपरा का प्रतिनिधित्व करते हैं। 
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इसमें कहा गया है कि ये न केवल लाखों लोगों को सस्ती कीमतों पर दैनिक आहार प्रदान करते हैं, बल्कि पर्यटन उद्योग का समर्थन करते हुए बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार भी देते हैं। हालांकि, यह नोट किया गया कि स्ट्रीट फूड आउटलेट्स और हब में सुरक्षा और स्वच्छता चिंता का विषय बनी हुई है। 


यह पहल केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के सहयोग से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के माध्यम से लागू की जाएगी। बयान में कहा गया है कि भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) तकनीकी सहायता देगा। इसमें कहा गया है कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को प्रति फूड स्ट्रीय या जिले में एक करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी ताकि महत्वपूर्ण अंतराल को भरा जा सके।

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