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कोरोना संकट के बीच केंद्र का फैसला, कर्मचारियों के महंगाई भत्ते पर लगाई रोक

Thu, 23 Apr 2020 02:11 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Sneha Baluni Updated Thu, 23 Apr 2020 02:11 PM IST
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central govt freeze dearness allowance to its employees and dearness relief to pensioners due to covid 19
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो) - फोटो : ANI

देश में लगातार बढ़ रहे कोरोना वायरस से उपजी स्थिति के मद्देनजर केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों को एक जनवरी 2020 से देय महंगाई भत्ते और केंद्र सरकार के पेंशनभोगियों की महंगाई राहत की अतिरिक्त किस्त का भुगतान न करने का फैसला लिया है।

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आदेश में सरकार का कहना है कि एक जुलाई 2020 और एक जनवरी 2021 से देय महंगाई भत्ते और महंगाई राहत की अतिरिक्त किस्तों का भुगतान भी नहीं किया जाएगा। हालांकि महंगाई भत्ते और महंगाई राहत की मौजूदा दरों पर भुगतान किया जाता रहेगा। यह आदेश केंद्र सरकार के सभी कर्मचारियों और केंद्र सरकार के वेतनभोगियों पर लागू होंगे।
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आदेश में सरकार ने कहा, 'जैसे ही सरकार द्वारा एक जुलाई 2021 से देय महंगाई भत्ते और महंगाई राहत की भावी किस्तों को जारी करने का निर्णय लिया जाता है, एक जनवरी 2020, एक जुलाई 2020 और एक जनवरी 2021 से प्रभावी महंगाई भत्ते और महंगाई राहत की दरों को भावी प्रभाव से बहाल कर दिया जाएगा। और उन्हें एक जुलाई 2021 से प्रभावी संचयी संशोधित दरों में सम्मिलित कर दिया जाएगा। एक जनवरी 2020 से 30 जून 2021 तक की अवधि का कोई बकाया नहीं दिया जाएगा।'


हालांकि वेतन में बच्चों की पढ़ाई का भत्ता मिलता रहेगा। चिकित्सा भत्ता केवल आपातकालीन स्थिति में ही प्रदान किया जाएगा। बता दें कि सबसे पहले केंद्र सरकार के मंत्रियों और सांसदों के वेतन में 30 फीसदी तक की कटौती की गई थी।

यहां पढ़ें सरकार का फैसला

1.13 करोड़ परिवारों पर पड़ेगा असर
केंद्र सरकार के इस फैसले से लगभग 48 लाख कर्मचारी और 65 लाख पेंशनभोगी प्रभावित होंगे। इसका मतलब है कि कुल मिलाकर 1.13 करोड़ परिवार इस फैसले के अंतर्गत आएंगे। अमूमन केंद्र सरकार के डीए को राज्य सरकारें भी लागू करती हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि केंद्र सरकार ने जब अपने कर्मचारियों के महंगाई भत्तों पर रोक लगाई है तो राज्य सरकारें भी ऐसा कर सकते हैं।

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