फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   central government will conduct labour census from January 2021

कोरोना और लॉकडाउन से केंद्र सरकार ने लिया सबक, जनवरी 2021 में पहली बार कराएगी श्रमगणना

Fri, 16 Oct 2020 10:34 AM IST
Tanuja Yadav न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Tanuja Yadav Updated Fri, 16 Oct 2020 10:34 AM IST
विज्ञापन
central government will conduct labour census from January 2021
केंद्र सरकार जनवरी 2021 से कराएगी श्रमगणना - फोटो : अमर उजाला

कोरोना काल के दौरान सबसे ज्यादा भयावह दृश्य वही था, जब मजदूरों को वापस पैदल अपने घर लौटते देखा गया। मजबूरी में मजदूर पैदल चलकर अपने राज्य लौटे और काम ना होने पर फिर महानगरों की ओर उन्होंने रुख किया। इस बीच कितने मजदूर अपने घर वापस लौटे और कितने फिर वापस काम पर आए, इसका आंकड़ा किसी के पास नहीं है।

विज्ञापन



केंद्र सरकार तक के पास इसका आंकड़ा नहीं है, ऐसा सरकार ने लोकसभा में एक सवाल के दौरान कहा था। लेकिन अब सरकार ने इससे सबक लेकर भविष्य के लिए तैयारी करना शुरू कर दिया है। पहली बार केंद्रीय श्रम मंत्रालय देशव्यापी श्रमगणना की तैयारी करने जा रहा है।
विज्ञापन


मंत्रालय के तहत काम करने वाला लेबर ब्यूरो अब देश में हर पेशे से जुड़े व्यक्ति की गणना करेगा। इसमें देश में कितने डॉक्टर हैं, कितने इंजीनियर हैं, कितने वकील और सीए हैं के साथ-साथ कितने मजदूर, माली, कुक और ड्राइवर की गणना को भी शामिल किया जाएगा। जनवरी 2021 से सर्वे की शुरुआत हो सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अभी यह गिनती हर छह महीने और भविष्य में हर तीन महीने में की जाएगी। कमिटी के सदस्य और श्रम ब्यूरो के महानिदेशक डीपीएस नेगी ने बताया कि यह गणना वैज्ञानिक सर्वे के आधार पर की जाएगी। सर्वे के तरीके पर अगले 15 दिन में स्पष्ट नीति बनेगी। 

उन्होंने बताया कि सर्वे में जिला स्तर पर फैक्ट्री, दफ्तर, अस्पताल और आरडब्ल्यूए जैसे संस्थानों से पेशेवरों का आंकड़ा लिया जाएगा। इसके साथ हर जिले में सीमित हाउसहोल्ड सर्वे भी किए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि आंकड़ा जिला, राज्य और केंद्र स्तर पर तैयार किया जाएगा। सर्वे टीम का प्रशिक्षण भी अगले दो महीने में पूरा किया जाएगा। 


श्रमगणना की जरूरत इसलिए भी है क्योंकि राज्य कामगारों-पेशेवरों की सूचना नहीं देते या देने में देरी करते हैं। अब कानून में बदलाव करके लेबर ब्यूरो को इसके लिए पूरी तरह से शक्ति दे दी गई है। सभी पेशेवरों को सोशल सिक्योरिटी नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। आंकड़ों के आधार पर नीतियों में अपेक्षित बदलाव किए जाएंगे और कामगारों के वेतन पर भी विचार किया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed