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छह महीने के मोरेटोरियम से बैंकों पर पड़ेगा छह लाख करोड़ का भार: केंद्र सरकार
Wed, 09 Dec 2020 02:35 AM IST
Jeet Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Wed, 09 Dec 2020 02:35 AM IST
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : पीटीआई
केंद्र सरकार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में बताया कि अगर छह महीने की मोरेटोरियम अवधि के दौरान सभी ऋण पर ब्याज माफ किया गया तो छह लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। अगर बैंक इस भार को वहन करने पर विचार करते हैं और उनकी कुल आय का बड़ा हिस्सा खत्म हो जाएगा।
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जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस आर सुभाष रेड्डी और जस्टिस एमआर शाह की पीठ को सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि अगर बैंकों पर इन सभी श्रेणियों के ब्याज का बोझ डाला गया तो उनकी ‘सेहत’ खराब हो जाएगी। ऐसा करना बैंकों के लिए अलाभकारी साबित होगा। यहां तक कि बैंकों के अस्तित्व पर भी खतरा पड़ सकता है।
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मेहता ने कहा, यही वजह है कि ब्याज में छूट पर विचार नहीं किया गया और मोरेटोरियम के तहत सिर्फ किस्तों का भुगतान टाल दिया गया था। उन्होंने कहा, अगर अकेले एसबीआई छह महीने का ब्याज माफ कर दे तो 65 साल में अर्जित शुद्ध पूंजी आधी खत्म हो जाएगी।
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मेहता ने कहा, जमाकर्ताओं पर बोझ डाले बिना चक्रवृद्धि ब्याज की माफी से उत्पन्न बोझ को वहन करना बैंकों के लिए असंभव है। अगर बैंकों को यह बोझ उठाना पड़ा तो उनकी शुद्ध पूंजी पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा, जो कि राष्ट्रीय आर्थिक हित में नहीं होगा।
एसबीआई ने दावा किया कि छह महीने की मोहलत के दौरान कर्जदारों की ब्याज राशि लगभग 88,078 करोड़ रुपये थी, जबकि इस अवधि के दौरान जमाकर्ताओं को देय ब्याज लगभग 75,157 करोड़ रुपये है। सनद रहे कि केंद्र, दो करोड़ रुपये तक के सभी ऋणों के लिए चक्रवृद्धि ब्याज को माफ कर चुकी है।
हम अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल असर डालने वाला आदेश नहीं देंगे: शीर्ष कोर्ट
मेहता की दलील सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने कहा, वह ऐसा कोई आदेश पारित नहीं करेगा जिससे अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ने का खतरा हो।
पीठ एसोसिएशन ऑफ पावर प्रोड्यूसर्स, कन्फेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन, शॉपिंग सेंटर एसोसिएशन ऑफ इंडिया सहित अन्य उद्योग निकायों की याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है। जिसमें कोरोनो वायरस महामारी के मद्देनजर ऋण चुकाने में राहत प्रदान करने की गुहार लगाई गई है। इस मामले की सुनवाई बुधवार को जारी रहेगी।