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Supreme Court: मुआवजे में वृद्धि की मांग वाली याचिका पर केंद्र ने कोर्ट से कहा- पीड़ितों को नहीं छोड़ सकते

Wed, 12 Oct 2022 07:06 AM IST
Jeet Kumar एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली। Published by: Jeet Kumar Updated Wed, 12 Oct 2022 07:06 AM IST
सार

पीठ ने कहा, सरकार (भोपाल गैस त्रासदी के) पीड़ितों का प्रतिनिधित्व करे और अटॉर्नी जनरल का कार्यालय एक संकलन तैयार करेगा। जहां तक आवदेक संघों का संबंध है तो हम अर्जियां दायर करने की छूट नहीं देते हैं। अब इस विषय पर 10 जनवरी 2023 को सुनवाई की जाएगी। 

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central government said victims of Bhopal gas tragedy will be given more compensation
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : Social media

विस्तार

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि 1984 के भोपाल गैस त्रासदी के पीड़ितों को और ज्यादा मुआवजा दिलाया जाएगा। सरकार ने मंगलवार को कहा कि अमेरिका की यूनियन कार्बाइड कॉरपोरेशन का मालिकाना हक हासिल करने वाली कंपनियों से 7,844 करोड़ का अतिरिक्त मुआवजा दिलाने के लिए वह अपनी क्यूरेटिव याचिका को आगे बढ़ाएगा। अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणि ने जस्टिस संजय किशन कौल की अध्यक्षता वाली पांच-न्यायाधीशों की पीठ के समक्ष कहा कि यह एक त्रासदी है, जो हर रोज सामने आती है। ऐसे में पीड़ितों को छोड़ा नहीं जा सकता है।

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पीठ में न्यायमूर्ति संजीव खन्ना, न्यायमूर्ति ए. एस. ओका, न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति जे. के. माहेश्वरी भी शामिल हैं। पीठ ने कहा, सरकार (भोपाल गैस त्रासदी के) पीड़ितों का प्रतिनिधित्व करे और अटॉर्नी जनरल का कार्यालय एक संकलन तैयार करेगा। जहां तक आवदेक संघों का संबंध है तो हम अर्जियां दायर करने की छूट नहीं देते हैं। अब इस विषय पर 10 जनवरी 2023 को सुनवाई की जाएगी। 
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इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को अपना रुख स्पष्ट करने के लिए कहा था कि वह अतिरिक्त निधि की मांग करते हुए क्यूरेटिव याचिका दायर करना चाहती है या नहीं। अब डो केमिकल्स के स्वामित्व वाली यूसीसी ने दो और तीन दिसंबर 1984 की मध्यरात्रि को यूनियन कार्बाइड फैक्टरी से जहरीली मिथाइल आइसोसायनेट गैस का रिसाव होने के बाद 1989 में हुए समझौते के वक्त 715 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया था।
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इस त्रासदी में 3,000 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी और 1.02 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए थे। सुप्रीम कोर्ट केंद्र की इस उपचारात्मक याचिका पर सुनवाई करेगा, जिसमें यूनियन कार्बाइड तथा अन्य कंपनियों को 7,844 करोड़ रुपये का अतिरिक्त मुआवजा देने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है। इस त्रासदी से पीड़ित लोग जहरीली गैस रिसाव से हुई बीमारियों के उचित इलाज तथा पर्याप्त मुआवजे के लिए लंबे समय से कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं।

बेअंत सिंह के हत्यारे की याचिका पर सुनवाई एक को
नई दिल्ली। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के मामले में दोषी बलवंत सिंह राजोआना की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों की पीठ एक नवंबर को सुनवाई करेगी। याचिका में उसकी मौत की सजा को उम्रकैद में बदलने की मांग की गई है। उसकी दया याचिका एक दशक से अधिक समय से सरकार के समक्ष लंबित है। 


राजोआना के वकील मुकुल रोहतगी ने चीफ जस्टिस यूयू ललित की अध्यक्षता वाली पीठ को बताया कि उनका मुवक्किल 26 साल से जेल में है और उसकी दया याचिका एक दशक से भी अधिक समय से सरकार के पास लंबित पड़ी है। संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत उसके अधिकारों का हनन हो रहा है। शीर्ष अदालत ने बीते 28 सितंबर को याचिका पर निर्णय लेने में केंद्र की विफलता पर असंतोष व्यक्त किया था। एजेंसी

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