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दोषी नेताओं पर आजीवन चुनाव लड़ने की पाबंदी वाली याचिका का केंद्र सरकार ने किया विरोध
Fri, 04 Dec 2020 03:04 AM IST
Jeet Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Fri, 04 Dec 2020 03:04 AM IST
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : पीटीआई
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केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में उस याचिका का विरोध किया है जिसमें दोषी ठहराए गए नेताओं के आजीवन चुनाव लड़ने पर पाबंदी लगाने की अपील की गई है। मौजूदा नियमों के तहत आपराधिक मामलों में दो वर्ष या उससे अधिक की सजा होने पर सजा की अवधि पूरी होने के छह वर्ष तक चुनाव लड़ने पर पाबंदी है।
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कानून मंत्रालय ने अपने जवाब में कहा है कि पब्लिक सर्वेंट और राजनेताओं में कोई अंतर नहीं है लेकिन जनप्रतिनिधियों के सर्विस नियम में इस तरह का कोई नियम नहीं है। मंत्रालय ने अपना जवाब भाजपा नेता अश्विनी कुमार उपाध्याय द्वारा संशोधित आवेदन पर दिया है।
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आवेदन में कहा गया था कि दोषी राजनेताओं पर भी पब्लिक सर्वेंट की तरह ही नियम लागू होने चाहिए। इसमें कहा गया था कि जिस तरह से आपराधिक मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद पब्लिक सर्वेंट की सेवा आजीवन खत्म कर दी जाती है, उसी तरह का नियम जनप्रतिनिधियों पर भी लागू होना चाहिए।
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हलफनामे में कहा गया है कि इस बिंदु पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा पब्लिक इंटरेस्ट फाउंडेशन बनाम भारत सरकार के मामले में विचार किया जा चुका है। उस मामले में जनप्रतिनिधियों को अयोग्य ठहराए जाने के आधार तय किए गए थे।