फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   central government employees Dearness Allowance increament on table

खुशखबरी: डीए/डीआर में तीन फीसदी की बढ़ोतरी तय, 49 लाख केंद्रीय कर्मियों और 69 लाख पेंशनरों को मिलेगा फायदा

Sat, 05 Sep 2026 04:08 PM IST
जितेंद्र भारद्वाज अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: जितेंद्र भारद्वाज Updated Sat, 05 Sep 2026 04:08 PM IST
सार

केंद्र सरकार डीए में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर सकती है। अगर ऐसा होता है तो इससे करीब 49 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनरों को बड़ा फायदा मिलेगा।

विज्ञापन
central government employees Dearness Allowance increament on table
डीए में बढ़ोतरी की तैयारी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

केंद्र सरकार के लगभग 49 लाख कर्मियों और 69 लाख पेंशनरों के महंगाई भत्ते/महंगाई राहत में तीन फीसदी की बढ़ोतरी हो सकती है। आने वाले दिनों में केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी मिलते ही पहली जुलाई से सरकारी कर्मियों और पेंशनरों को बड़ा आर्थिक फायदा होगा। केंद्रीय कर्मचारियों/पेंशनरों को अभी 60 फीसदी दर से महंगाई भत्ता/महंगाई राहत यानी डीए/डीआर मिल रहा है। तीन फीसदी की बढ़ोतरी होने के बाद डीए/डीआर की दर 63 फीसदी पर पहुंच जाएगी। 
विज्ञापन


केंद्र सरकार ने पिछले वर्ष एक जुलाई से अपने कर्मचारियों और पेंशनरों के डीए/डीआर में तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी। उसके बाद डीए/डीआर की दर 58 पर पहुंच गई थी। एक जनवरी 2026 से डीए/डीआर की दरों में दो फीसदी की बढ़ोतरी होने के बाद महंगाई भत्ते की दर 58 से बढ़कर 60 प्रतिशत हो गई है। 
विज्ञापन


जुलाई 2025-दिसंबर 2025 के सूचकांक की स्थिति
ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर्स, जुलाई 2025 में 146.5, अगस्त में 147.1, सितंबर में 147.3, अक्टूबर में 147.7, नवंबर में 148.2 और दिसंबर में भी 148.2 पर संकलित हुआ था। 
विज्ञापन
विज्ञापन


जनवरी 2026-जुलाई 2026 के सूचकांक की स्थिति 
श्रम ब्यूरो के अनुसार इस साल जनवरी में अखिल भारतीय सीपीआई-आई डब्लू (औद्योगिक श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक) 148.6, फरवरी में 148.5, मार्च में 149.1, अप्रैल में 149.9, मई में 150.8, जून में 151.9 और जुलाई में 153.2 रहा है। जून 2026 में महंगाई 4.76 फीसदी रही तो पिछले साल की इसी माह में महंगाई दर 2.55 पर थी। श्रम ब्यूरो द्वारा हर महीने औद्योगिक श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक का संकलन देश परिव्याप्त 88 महत्वपूर्ण औद्योगिक केंद्रों के 317 बाजारों से एकत्रित खुदरा मूल्यों के आधार पर किया जाता है।   

अखिल-भारत समूह-वार सूचकांक: जून-जुलाई 2026
समूह जून  जुलाई
खाद्य एवं पेय 157.1  158.9
पान, सुपारी, तंबाकू एवं नशीले पदार्थ 176.8  176.9
कपड़े एवं जूते 157.6  158.0
आवास 140.6  143.0
ईंधन एवं प्रकाश 159.2  159.9
विविध 148.0  148.2
सामान्य सूचकांक 151.9  153.2


इस बाबत वित्त राज्य मंत्री की दो टूक
सामान्य तौर पर सरकार, दो तीन महीने की देरी से यानी होली और दीवाली पर, डीए/डीआर की घोषणा करती है। डीए/डीआर की दर जब पचास फीसदी के पार हो जाती है तो नियमानुसार उसे मूल वेतन और पेंशन में विलय करना चाहिए। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी संसद में कह चुके हैं कि सरकार, ऐसा कोई विलय नहीं करेगी। नेशनल मिशन फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम भारत' के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मंजीत सिंह पटेल कहते हैं कि ये बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार ने पहले ही कर्मचारियों का दस प्रतिशत पैसा हर माह बचा लिया है। पिछले दो साल से दस प्रतिशत के हिसाब से कर्मचारियों का वेतन और पेंशन हड़पी जा रही है। आठवें वेतन आयोग के लागू होने की उम्मीद भी दो साल बाद ही कर सकते हैं। ऐसे में चार साल तक कर्मियों को हर माह दस प्रतिशत वेतन का नुकसान उठाना पड़ रहा है।

डीए को बेसिक वेतन में मर्ज नहीं किया गया
एक जनवरी 2024 को डीए, पचास प्रतिशत हो चुका था। उसके बावजूद डीए को बेसिक वेतन में मर्ज नहीं किया गया। आठवें वेतन आयोग की सिफारिशें भी दो साल बाद ही लागू हो सकेंगी। कॉन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लाइज एंड वर्कर्स द्वारा कैबिनेट सचिव को एक पत्र लिखा गया था। इसमें महंगाई भत्ता/महंगाई राहत यानी 'डीए/डीआर' की गणना का कैलकुलेटर बदलने की मांग की थी। डीए की दर तय करने के लिए 12 महीने के औसत को तीन महीने के औसत से बदला जाना चाहिए। मतलब, कर्मियों को परिवर्तनीय डीए दिया जाए। इससे केंद्र सरकार के कर्मचारियों को हर तीन महीने में वास्तविक मूल्य वृद्धि से मुआवजा मिल सकेगा। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के कर्मियों का डीए इसी आधार पर तय होता है। 

कर्मियों और पेंशनरों के लिए अलग से हो सूचकांक
इतना ही नहीं, केंद्रीय कर्मियों और पेंशनरों के लिए अलग से 'उपभोक्ता मूल्य सूचकांक' तैयार करने की मांग की गई है। कॉन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लाइज एंड वर्कर्स के अध्यक्ष एसबी यादव के अनुसार, बैंकिंग कर्मचारियों का डीए हर साल प्रत्येक तिमाही यानी फरवरी-अप्रैल, मई-जुलाई, अगस्त-अक्टूबर और नवंबर-जनवरी में संशोधित किया जाता है। यदि जनवरी में मूल्य वृद्धि हो रही है, तो इसकी आंशिक भरपाई 12 महीनों के बाद की जाती है। 


हर तीन महीने में हो गणना और भुगतान
डीए की गणना और भुगतान छह महीने के बजाय हर तीन महीने में किया जाना चाहिए। इतना ही नहीं, पॉइंट टू पॉइंट डीए प्रदान किया जाए। अब डीए को न्यूनतम मूल्य पर राउंड ऑफ किया जाता है। जैसे हम 42.90% डीए के लिए पात्र हैं तो हमें केवल 42% डीए स्वीकृत किया जाता है। 0.9% डीए से केंद्रीय कर्मचारियों को छह महीने तक वंचित किया जाता है। केंद्र सरकार के कर्मियों को प्वाइंट-टू-प्वाइंट डीए प्रदान किया जाना चाहिए। बैंकों और एलआईसी के कर्मचारियों को प्वाइंट-टू-प्वाइंट डीए मिलता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed