Cabinet Decisions: कैबिनेट से जीरकपुर बाईपास और PMKSY की उप-योजना मंजूर; आंध्र-तमिलनाडु को भी मिली बड़ी सौगात
केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में बुधवार को कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इस बैठक में रेल परियोजना और बाईपास निर्माण से जुड़ी योजनाओं को मंजूरी दी गई। केंद्रीय कैबिनेट ने जीरकपुर बाईपास के निर्माण, तिरुपति-पाकला-कटपडी सिंगल रेलवे लाइन के दोहरीकरण और कमांड एरिया डेवलपमेंट एंड वाटर मैनेजमेंट (एम-सीएडीडब्ल्यूएम) के आधुनिकीकरण को स्वीकृति दी है।
विस्तार
जीरकपुर बाईपास के निर्माण को मंजूरी
वैष्णव ने बताया कि पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में हाइब्रिड एन्युटी मोड पर पंजाब और हरियाणा में 1878.31 करोड़ रुपये की लागत से 19.2 किलोमीटर लंबाई वाले 6 लेन वाले एक्सेस कंट्रोल्ड जीरकपुर बाईपास के निर्माण को मंजूरी दी गई। इस परियोजना का उद्देश्य पटियाला, दिल्ली, मोहाली एरोसिटी से यातायात को डायवर्ट करके और हिमाचल प्रदेश को सीधा संपर्क देकर जीरकपुर, पंचकूला और आसपास के क्षेत्रों में भीड़भाड़ को कम करना है। वर्तमान प्रस्ताव का उद्देश्य यात्रा के समय को कम करना और NH-7, NH-5 और NH-152 के भीड़भाड़ वाले शहरी खंड में परेशानी मुक्त यातायात सुनिश्चित करना है।
रेल लाइन परियोजना को भी मंजूरी
दक्षिण भारत से जुड़ी विकास परियोजनाओं को मिली मंजूरी की जानकारी देते हुए, वैष्णव ने बताया कि कैबिनेट ने आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में तिरुपति-पाकला-कटपडी सिंगल रेलवे लाइन सेक्शन (104 किमी) के दोहरीकरण को मंजूरी दी। इसकी कुल लागत 1332 करोड़ रुपये होगी। मल्टी-ट्रैकिंग परियोजना से लगभग 400 गांवों और लगभग 14 लाख आबादी तक कनेक्टिविटी बढ़ेगी। तिरुमाला वेंकटेश्वर मंदिर से कनेक्टिविटी के साथ-साथ, यह परियोजना खंड श्री कालहस्ती शिव मंदिर, कनिपकम विनायक मंदिर और चंद्रगिरी किला जैसे अन्य प्रमुख स्थलों को रेल कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। यह कोयला, कृषि वस्तुओं, सीमेंट और अन्य खनिजों जैसी वस्तुओं के परिवहन के लिए एक आवश्यक मार्ग है। खंड के दोहरीकरण से इस मार्ग के जरिये हर साल 40 लाख टन अतिरिक्त माल की ढुलाई हो सकेगी।
ये भी पढ़ें: Union Cabinet: सरकार ने ₹18 हजार करोड़+ की रेलवे परियोजनाओं को मंजूरी दी, महाराष्ट्र-ओडिशा-छत्तीसगढ़ को लाभ
एम-सीएडीडब्ल्यूएम योजना को भी मंजूरी
वैष्णव ने बताया कि कैबिनेट की तरफ से मंजूर एम-सीएडीडब्ल्यूएम योजना पर 1,600 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इस योजना का उद्देश्य सिंचाई जल आपूर्ति नेटवर्क का आधुनिकीकरण करना है ताकि चिन्हित इलाकों में मौजूदा नहरों या अन्य स्रोतों से सिंचाई जल की आपूर्ति की जा सके। आधिकारिक बयान में कहा गया है कि यह किसानों की ओर से स्थापित स्रोत से लेकर खेतों तक सूक्ष्म सिंचाई के लिए मजबूत बैक-एंड बुनियादी ढांचा तैयार करेगा। यह भी कहा गया है कि सिंचाई परिसंपत्तियों के प्रबंधन के लिए जल उपयोगकर्ता सोसायटी (डब्ल्यूयूएस) को सिंचाई प्रबंधन हस्तांतरण (आईएमटी) के जरिये परियोजनाओं को टिकाऊ बनाया जाएगा।
ये भी पढ़ें Marine Rafale: फ्रांस से 26 राफेल मरीन लड़ाकू विमान खरीदने के लिए मेगा डील मंजूर, भारतीय नौसेना की बढ़ेगी ताकत
संबंधित वीडियो-
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.