Union Cabinet: सरकार ने ₹18 हजार करोड़+ की रेलवे परियोजनाओं को मंजूरी दी, महाराष्ट्र-ओडिशा-छत्तीसगढ़ को लाभ
- आज केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में हुए कई बड़ै फैसले।
- रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने फैसलों की जानकारी दी।
- रेल मंत्रालय की 4 परियोजनाओं को मंजूरी।
- कुल लागत 18,658 करोड़ रुपये।
- महाराष्ट्र, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के 15 जिलों को मिलेगा लाभ।
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रेल मंत्रालय के चार परियोजनाओं में ये शामिलUnion Minister Ashwini Vaishnaw holds union cabinet briefing.
Union Cabinet approves 4 projects of Ministry of Railways with total cost of Rs. 18,658 cr. Projects covering 15 districts in 3 states Maharashtra, Odisha, and Chhattisgarh will increase existing network of Indian… pic.twitter.com/DPECbGn4o6— ANI (@ANI) April 4, 2025विज्ञापन
केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने बताया कि परियोजनाओं में संबलपुर-जरापदा तीसरी और चौथी लाइन, झारसुगुड़ा-सासन तीसरी और चौथी लाइन, खरसिया-नया रायपुर-परमलकासा पांचवीं व छठी लाइन और गोंदिया-बल्हारशाह दोहरीकरण शामिल हैं।
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मल्टी-ट्रैकिंग प्रस्ताव से सुगम होगा रेल परिचालन
मंत्री वैष्णव ने बताया कि रेलवे लाइन विस्तार से गतिशीलता में सुधार होगा। इससे भारतीय रेलवे के लिए बेहतर दक्षता और सेवा विश्वसनीयता उपलब्ध होगी। उन्होंने बताया कि ये मल्टी-ट्रैकिंग प्रस्ताव रेल परिचालन को सुगम बनाएंगे और भीड़भाड़ को कम करेंगे।
19 नए रेलवे स्टेशनों का होगा निर्माण
रेल मंत्री ने बताया कि 19 नए स्टेशनों का भी निर्माण किया जाएगा। स्टेशनों के निर्माण से महाराष्ट्र में गढ़चिरौली और छत्तीसगढ़ में राजनांदगांव तक कनेक्टिविटी बढ़ जाएगी। उन्होंने बताया कि कनेक्टिविटी बढ़ने से लगभग 3350 गांवों और लगभग 47.25 लाख लोगों तक लाभ पहुंचेगा।
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88.77 MTPA की अतिरिक्त माल ढुलाई होगी
रेल मंत्री के अनुसार, परियोजनाओं के चलते खरसिया-नया रायपुर-परमलकासा बलौदा बाजार जैसे नए क्षेत्र सीधे रेल कनेक्टिविटी से जुड़ सकेंगे। इसका लाभ यह होगा कि इस क्षेत्र में सीमेंट संयंत्रों सहित नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना की संभावनाएं पैदा होंगी। ये मार्ग कृषि उत्पादों, उर्वरक, कोयला, लौह अयस्क, इस्पात, सीमेंट, चूना पत्थर जैसी वस्तुओं के परिवहन के लिए आवश्यक हैं। क्षमता वृद्धि के चलते 88.77 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) की अतिरिक्त माल ढुलाई होगी।
परिवहन का कुशल साधन है रेलवे
मंत्री वैष्णव ने बताया कि रेलवे पर्यावरण के अनुकूल और ऊर्जा बचाने वाला परिवहन का कुशल साधन है। यह जलवायु लक्ष्यों को हासिल करने, देश की रसद लागत को घटाने, तेल आयात (95 करोड़ लीटर) को कम करने और CO2 उत्सर्जन (477 करोड़ किलोग्राम) को घटाने में मदद करेगा, जो 19 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर है।
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