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'कोविड-19 रोगियों के निर्वहन के लिए संशोधित नीति पर पुनर्विचार करे केंद्र'
Mon, 11 May 2020 06:30 PM IST
श्रीधर मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: श्रीधर मिश्रा
Updated Mon, 11 May 2020 06:30 PM IST
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coronavirus
- फोटो : PTI
पश्चिम बंगाल की सरकारी सेवा में चिकित्सकों के एक प्रतिनिधि निकाय ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन से आईसीएमआर के परामर्श से तैयार कोविड-19 रोगियों के निर्वहन के लिए संशोधित नीति पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है।
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असोसिएशन ऑफ हेल्थ सर्विस डॉक्टर्स (एएचएसडी) ने कहा कि अलग-अलग रोगों की संख्या और मृत्यु दर के साथ देश भर में 'SARS-CoV-2' के विभिन्न प्रकार प्रचलित हैं। एएचएसडी की तरफ से कहा गया कि भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के दिशानिर्देशों का हर जगह समान रूप से इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है।
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फरवरी में, इंटरनेशनल कमिटी ऑन टैक्सोनॉमी ऑफ वायरस (आईसीटीवी) ने वायरस के नए नाम के रूप में गंभीर तीव्र श्वसन सिंड्रोम कोरोना वायरस 2 (SARS-CoV-2) की घोषणा की थी।
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"गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली में बेड और उपकरण की कथित कमी और बहुत अधिक बिस्तर पर रहने की दर के साथ मामलों में बाढ़ आ गई है, आईसीएमआर के हालिया डिस्चार्ज प्रोटोकॉल और क्वारंटीन सलाह कोई अन्य विकल्प नहीं होने पर लागू हो सकता है।"