केंद्र की सलाह : संक्रमण बेकाबू हो उससे पहले कदम उठाएं, हर स्वास्थ्य केंद्र पर बनाएं एंटीजन टेस्ट बूथ
केंद्र सरकार ने राज्यों से कहा है कि हर हाल में जांच दर बढ़ाएं। उपकरणों की खरीदारी और बीएसएल-2 लैब की स्थापना अधिक से अधिक की जाए। इसके अलावा आरटी-पीसीआर के साथ बडे़ पैमाने पर एंटीजन टेस्ट पर जोर दिया जाए। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भी चेताया है कि साइबर ठग मुफ्त में ओमिक्रॉन टेस्ट का झांसा देकर लोगों को निशाना बना रहे हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
देश में कोरोना के बढ़ते मामलों को देख केंद्र सरकार चौकन्नी हो गई है। केंद्र सरकार ने राज्यों को कहा है कि देश में संक्रमण की गति तेज हो रही है। संक्रमितों की समय पर पहचान के लिए सभी संसाधनों का इस्तेमाल कर जांच दर को बढ़ाना होगा। सलाह है कि हर स्वास्थ्य केंद्र पर रैपिड एंटीजन टेस्ट (रैट ) बूथ की स्थापना की जाए।
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव लव अग्रवाल और आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव ने पत्र लिखकर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को देश में मौजूद कोरोना जांच के संसाधनों की याद दिलाई है। सलाह दी है कि राज्य और केंद्रशासित प्रदेश मॉलिक्यूलर टेस्टिंग लैब की पूरी क्षमता के अनुसार जांच करें। इसके अलावा जांच उपकरणों की खरीदारी और बीएसएल-2 प्रयोगशाला की स्थापना के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा जारी फंड का इस्तेमाल इमरजेंसी कोविड-19 रिस्पॉन्स प्लान (ईसीआरपी) के तहत करें।
मंत्रालय ने पुराने तजुर्बे का हवाला देते हुए कहा है कि संक्रमण के मामले कई गुना बढ़ेंगे तो आरटी-पीसीआर जांच से रोगी की पहचान में पांच से आठ घंटे की देरी होगी। ऐसी स्थिति में राज्य अपने यहां बड़े पैमाने पर आईसीएमआर द्वारा पहले से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार रैपिड एंटीजन टेस्ट (रैट) को प्रोत्साहित करें।
गांगुली को अस्पताल से छुट्टी
कोरोना संक्रमण की चपेट में आए बीसीसीआई के अध्यक्ष सौरव गांगुली को शुक्रवार को कोलकाता के वुडलैंड्स अस्पताल से छुट्टी मिल गई।
देश में कोरोना जांच के संसाधन
- 3117 मॉलिक्यूलर टेस्टिंग लैब हैं देशभर में जिसमें 2014 आरटी-पीसीआर लैब
- 941 ट्रूनैट, 132 सीबीनैट और 30 अन्य जांच के तरीके सभी के पास उपलब्ध हैं
- 20 लाख रोजाना जांच की क्षमता है देशभर में मॉलीक्यूलर टेस्टिंग लैब के जरिये
रैपिड एंटीजन टेस्ट के लिए मान्यता की जरूरत नहीं, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की सलाह
- रैट बूथ की स्थापना: बढ़ते संक्रमण वाले क्षेत्रों में रैट बूथ का संचालन 24 घंटे सातों दिन किया जाए। इससे लोगों को आसानी से जांच की सुविधा मिल सके।
- रैट कहां-कहां हो : एंटीजन रैट बूथ की स्थापना सभी सरकारी, प्राइवेट अस्पतालों, डिस्पेंसरी, नर्सिंग होम, क्लीनिक, जिला अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर हो। रैट टेस्ट के लिए किसी स्वास्थ्य केंद्र को मान्यता लेने की कोई जरूरत नहीं है।
इन बिदुंओं पर भी ध्यान दें राज्य सरकार
- पैरामेडिकल स्टाफ को तैयार करें। रैट बूथ का संचालन बेहतर हो इसकी रूपरेखा तैयार करें।
- संक्रमण के लक्षण वाले लोग घर पर स्वंय जांच करें, सात होम टेस्टिंग किट को अनुमति दी गई है। इसमें से दो गर्वमेंट ई-मार्केटप्लेस पर उपलब्ध हैं।
- राज्य सभी आरटी-पीसीआर और रैट जांच की रिपोर्ट आईसीएमआर पोर्टल पर अपलोड करना सुनिश्चित करें।
- कोविड सम्मत व्यहार का पालन हो, जांच केंद्रों पर भी नियमों का सख्ती से पालन किया जाए जिससे संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।
ओमिक्रॉन : सीरम को नए औषधीय तत्त्व के परीक्षण की अनुमति
कोरोना के ओमिक्रॉन वेरिएंट को न्यूट्रलाइज करने के लिए टीका तैयार करने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया को ओमिक्रॉन को ध्यान में रखकर नया टीका बनाने के लिए एक औषधि तत्त्व के परीक्षण और विश्लेषण की अनुमति दी है। सीरम के एक अधिकारी प्रकाश सिंह ने बताया कि टीका बनाने के लिए शोध की प्रक्रिया का ये हिस्सा है।
महाराष्ट्र : शादी समारोह में सिर्फ 50 लोगों को इजाजत
महाराष्ट्र सरकार के नए निर्देशों के अनुसार शादी समारोह, सामाजिक, राजनीतिक और धार्मिक कार्यक्रमों में सिर्फ 50 लोग ही शामिल हो सकेंगे। अंतिम संस्कार में सिर्फ 20 लोगों को इजाजत दी है। वहीं, पुलिस ने मुंबई में 30 दिसंबर से सात जनवरी तक धारा 144 लागू कर दी है। इसके तहत मुंबई में खुले या बंद स्थानों के साथ रेस्टोरेंट, होटल, पब, बार में नए साल के जश्न की इजाजत नहीं होगी।
सतर्क रहें... ठग दे रहे मुफ्त ओमिक्रॉन टेस्ट का ऑफर
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने चेताया है कि साइबर ठग मुफ्त में ओमिक्रॉन टेस्ट का झांसा देकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। मंत्रालय के साइबर एवं सूचना सुरक्षा प्रभाग द्वारा जारी एडवाइजरी में कहा गया है, साइबर अपराधी स्वास्थ्य संकट के कारण लोगों के बीच साइबर अपराध को लेकर कम होती सावधानी का फायदा उठा रहे हैं।