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मैथ्स-साइंस पढ़ाने वाले मदरसों में मिड-डे मील बांटेगी सरकार
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 17 Jan 2017 09:53 PM IST
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मोदी सरकार अब मदरसों में भी मध्यान्ह भोजन योजना लागू करेगी। शर्त बस इतनी होगी कि यह योजना उन्हीं मदरसों में शुरू की जाएगी जो मुख्यधारा की शिक्षा से जुड़े विषयों को अपने पाठ्यक्रमों में जगह देंगे। देश भर में ऐसे मदरसों की संख्या हजारों में है, जिसने कुछ वर्षों से अपने यहां विज्ञान, गणित जैसे विषयों को पाठ्यक्रम में शामिल किया है।
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अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि हालांकि इस संबंध में एक कमेटी फिलहाल काम कर रही है, मगर सरकार इस योजना को मदरसों में लागू करने केलिए सिद्घांतत: सहमत है। खासबात यह है कि सरकार ने इस आशय की घोषणा उत्तर प्रदेश समेत 5 राज्यों में चुनावी कार्यक्रमों की घोषणा के बाद की है।
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सालों से हो रही थी कोशिश
नकवी ने कहा कि सालों की से आशय की कोशिश हो रही थी। दरअसल वर्तमान शिक्षा प्रणाली में विज्ञान, गणित जैसे विषयों को शामिल किए बिना शिक्षा अधूरी रह जाती है। जाहिर तौर पर ऐसे में मदरसों से शिक्षा हासिल करने वाले बच्चों को रोजगार के समान अवसर नहीं मिलते।
इस कदम से ऐसे मदरसे भी अपने पाठ्यक्रम में विस्तार की सोचेंगे। नकवी ने कहा कि फिलहाल ऐसे मदरसों की संख्या हजारों में है। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के बाद इस आशय के निर्णय के संबंध में पूछे जाने पर नकवी ने कहा कि बीते 29 दिसंबर को ही मौलान आजाद एजुकेशन फाउंडेशन की बैठक में इस पर चर्चा हुई थी।
तभी इस प्रस्ताव पर हामी भर दी गई थी। उन्होंने सोमवार को भी कुछ चुनिंदा मदरसा प्रतिनिधियों से इस सिलसिले में बात की है और उनसे सलाह भी मांगी है।
इस कदम से ऐसे मदरसे भी अपने पाठ्यक्रम में विस्तार की सोचेंगे। नकवी ने कहा कि फिलहाल ऐसे मदरसों की संख्या हजारों में है। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के बाद इस आशय के निर्णय के संबंध में पूछे जाने पर नकवी ने कहा कि बीते 29 दिसंबर को ही मौलान आजाद एजुकेशन फाउंडेशन की बैठक में इस पर चर्चा हुई थी।
तभी इस प्रस्ताव पर हामी भर दी गई थी। उन्होंने सोमवार को भी कुछ चुनिंदा मदरसा प्रतिनिधियों से इस सिलसिले में बात की है और उनसे सलाह भी मांगी है।