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ED: सरकार ने ईडी निदेशक का कार्यकाल बढ़ाने के फैसले का किया बचाव, बोली- जांच में बाधा डालना है मकसद

Sun, 26 Feb 2023 01:05 AM IST
Jeet Kumar एएनआई, दिल्ली
एएनआई, दिल्ली Published by: Jeet Kumar Updated Sun, 26 Feb 2023 01:05 AM IST
सार

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि ईडी के कार्यकाल विस्तार को चुनौती देने वाली याचिका का असली मकसद कांग्रेस के कुछ नेताओं के खिलाफ चल रही जांच में बाधा डालना है और यह सुनिश्चित करना है कि ईडी अपने वैधानिक कर्तव्यों का निडर होकर निर्वहन नहीं कर सके।

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Center government defended its decision to extend tenure of ED director
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : Social media

विस्तार

प्रवर्तन निदेशालय के प्रमुख संजय मिश्रा के कार्यकाल विस्तार को चुनौती देने वाली याचिका के जवाब में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष एक हलफनामा दायर किया। केंद्र सरकार ने ईडी निदेशक के कार्यकाल को बढ़ाने के अपने फैसले का बचाव किया। केंद्र ने कहा कि वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (एफएटीएफ) द्वारा भारत के मूल्यांकन के लिए ईडी प्रमुख के कार्यकाल को जारी रखना महत्वपूर्ण था। 

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हलफनामा में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि ईडी के कार्यकाल विस्तार को चुनौती देने वाली याचिका का असली मकसद कांग्रेस के कुछ नेताओं के खिलाफ चल रही जांच में बाधा डालना है और यह सुनिश्चित करना है कि ईडी अपने वैधानिक कर्तव्यों का निडर होकर निर्वहन नहीं कर सके। 
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 ईडी निदेशक की निरंतरता राष्ट्रीय हित में अनिवार्य पाई गई
हलफनामे में उल्लेख किया गया है कि मनी लॉन्ड्रिंग पर भारत के कानून की अगली समीक्षा 2023 में होनी है और यह सुनिश्चित करने के लिए कि भारत की रेटिंग नीचे नहीं जाती है, प्रवर्तन निदेशालय में नेतृत्व की निरंतरता महत्वपूर्ण है। केंद्र ने तर्क दिया कि मौजूदा ईडी निदेशक की निरंतरता राष्ट्रीय हित में अनिवार्य पाई गई थी। सरकार ने आगे दावा किया कि इस तरह के महत्वपूर्ण मोड़ पर एक नए व्यक्ति के होने से बड़े जनहित का संरक्षण नहीं हो सकता है।
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राजनीतिक रूप से प्रेरित है याचिका 
केंद्र ने तर्क दिया कि मध्य प्रदेश महिला कांग्रेस की नेता जया ठाकुर द्वारा दायर याचिका एक जनहित याचिका नहीं थी, बल्कि एक "राजनीतिक रूप से प्रेरित याचिका" थी, क्योंकि कांग्रेस पार्टी और उसके पदाधिकारी, जिसमें गांधी भी शामिल हैं, ईडी द्वारा जांच की जा रही है।


इससे पहले कोर्ट ने अपने निर्देश में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के निदेशक संजय कुमार मिश्रा के कार्यकाल को 16 नवंबर 2021 से आगे बढ़ाने से रोक दिया था। केंद्र की दलील थी कि यह विस्तार केंद्रीय सतर्कता आयोग अधिनियम में किए गए संशोधनों के तहत है, जो ईडी निदेशक के कार्यकाल को पांच साल तक बढ़ाने की अनुमति देता है।

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