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मणिपुर: मुख्यमंत्री बीरेन सिंह की केंद्र से मांग- म्यांमार के साथ स्थायी रूप से बंद किया जाए एफएमआर समझौता

Sat, 23 Sep 2023 08:46 PM IST
निर्मल कांत अमर उजाला ब्यूरो, इंफाल
अमर उजाला ब्यूरो, इंफाल Published by: निर्मल कांत Updated Sat, 23 Sep 2023 08:46 PM IST
सार

मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने शनिवार को कहा कि राज्य ने केंद्र को म्यांमार के साथ फ्री मूवमेंट रिजीम (एफएमआर) समझौते को स्थायी रूप से बंद करने की सलाह दी है।

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Center advised to permanently close FMR with Myanmar: N Biren Singh
मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने शनिवार को कहा कि राज्य ने केंद्र को म्यांमार के साथ फ्री मूवमेंट रिजीम (एफएमआर) समझौते को स्थायी रूप से बंद करने की सलाह दी है। एफएमआर सीमा के दोनों ओर रहने वाले नागरिकों को बिना वीज़ा के दूसरे देश के अंदर 16 किमी तक यात्रा करने की अनुमति देता है। साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा, शनिवार को घोषणा की कि राज्य में आज से इंटरनेट प्रतिबंध हटा दिया जाएगा। वे शनिवार को यहां पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।

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मुख्यमंत्री अवैध आप्रवासियों की आवाजाही और राज्य के सामने आने वाले मादक पदार्थों की तस्करी के मुद्दों पर अंकुश लगाने के लिए राज्य सरकार द्वारा अपनाई जाने वाली प्राथमिकताओं के बारे में बता रहे थे।

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उन्होंने कहा कि एनआरसी के लिए प्रारंभिक बायोमेट्रिक्स जो मौजूदा अशांति के कारण बाधित हो गया था, उसे अगले एक साल तक जारी रखा जाएगा। हमने केंद्र से अवैध अप्रवासियों की पहचान करने के लिए बायोमेट्रिक्स स्कैनिंग को एक और वर्ष के लिए बढ़ाने के लिए कहा है। स्कैनिंग सितंबर तक पूरी होनी थी, लेकिन अशांति के कारण इसमें देरी हो गई।

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सिंह ने कहा, मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करके कुल 79 किलोमीटर की दूरी पर सीमा पर बाड़ लगाने का काम शुरू हो गया है। राज्य सरकार अवैध पोस्त की खेती और उसके बाद पौधों को नष्ट करने का सर्वेक्षण करने के लिए एक यूएवी खरीदने की योजना बना रही है।
 

मुख्यमंत्री ने कहा कि तोरबुंग के लगभग 700-800 और सुगनू के कई विस्थापितों को पहले ही उनके घरों में बसाया जा चुका है और अधिक विस्थापित पीड़ितों को पूर्वनिर्मित घर उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी है।
 

उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि संवेदनशील क्षेत्रों में अधिकतम सुरक्षा की तैनाती से गोलीबारी और हत्या की घटनाओं में काफी कमी आई है। उन्होंने कहा, इसके अलावा, नरसेना, थमनापोकपी, तोरबुंग और कौट्रुक जैसे संवेदनशील इलाकों में असम राइफल्स के जवानों की जगह सीआरपीएफ और बीएसएफ के जवानों को तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि चुराचांदपुर, कांगपोकपी और मोरेह सहित सभी जिलों में कानून का शासन प्रभावी ढंग से लागू किया गया है।

मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने शनिवार को घोषणा की कि राज्य में आज से इंटरनेट प्रतिबंध हटा दिया जाएगा। राज्य सरकार ने 3 मई को पहली बार जातीय संघर्ष भड़कने के बाद संघर्षग्रस्त राज्य के कुछ जिलों में इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध लगा दिया था। सरकार ने बाद में प्रतिबंध आंशिक रूप से हटा दिया, जिससे ब्रॉडबैंड सेवाओं को कुछ शर्तों के साथ काम करने की अनुमति मिल गई। 

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