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Eye Drop: आंखों की रोशनी जाने के बाद CDSCO ने आईड्रॉप की मैन्युफैक्चरिंग पर लगाई रोक, अमेरिका में भी जांच शुरू

Sat, 04 Feb 2023 04:16 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई Published by: नितिन गौतम Updated Sat, 04 Feb 2023 04:16 PM IST
सार

अमेरिका ने उपभोक्ताओं के साथ ही डॉक्टरों को भी इस आईड्रॉप को ना लिखने के निर्देश जारी कर दिए हैं और आईड्रॉप में बैक्टीरियल इंफेक्शन होने के इसके इस्तेमाल पर बैन लगा दिया है। 

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CDSCO suspends manufacturing of eyedrop linked with vision loss in america fda start investigation
आईड्रॉप की मैन्युफैक्चरिंग पर रोक - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

आईड्रॉप से अमेरिका में आंखों में इंफेक्शन के मामले सामने आने के बाद सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (CDSCO) ने आईड्रॉप की मैन्युफैक्चरिंग पर रोक लगा दी है। बता दें कि इस आईड्रॉप के खिलाफ अमेरिका की फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने भी जांच शुरू कर दी है। अमेरिका के एफडीए ने लोगों को आईड्रॉप एजरीकेयर खरीदने से मना कर दिया है। सीडीएससीओ के साथ ही तमिलनाडु स्टेट ड्रग कंट्रोलर ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है। 

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सीडीएससीओ के साथ तमिलनाडु स्टेट ड्रग कंट्रोलर की टीमें चेन्नई स्थित ग्लोबल फार्मा प्राइवेट हेल्थकेयर लिमिटेड कंपनी के प्लांट पहुंच गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, वरिष्ठ दवा निरीक्षकों द्वारा जांच के दौरान यह पाया गया कि चेन्नई स्थित फर्म ग्लोबल हेल्थ केयर प्राइवेट लिमिटेड ने 'कृत्रिम आंसू' के 24 बैचों की दो खेप यूएसए को निर्यात की थी, जो 2021 और 2022 में निर्मित की गई थीं। विनिर्माता को जांच पूरी होने तक नेत्र तैयारी की श्रेणी के तहत सभी उत्पादों की निर्माण गतिविधियों को बंद करने का निर्देश दिया गया था। नियंत्रण नमूनों के चार बैचों से विश्लेषण के लिए नमूने लिए गए थे। कच्चे माल कार्बोक्सी मिथाइल सेलुलोज सोडियम का भी नमूना लिया गया।
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बता दें कि कंपनी आईड्रॉप अमेरिका समेत कई अन्य देशों को निर्यात करते हैं लेकिन भारत में इस आईड्रॉप की बिक्री नहीं होती है। अमेरिका ने ग्लोबल फार्मा कंपनी की अन्य दवाईयों के आयात पर बैन लगा दिया है। अमेरिका ने उपभोक्ताओं के साथ ही डॉक्टरों को भी इस आईड्रॉप को ना लिखने के निर्देश जारी कर दिए हैं और आईड्रॉप में बैक्टीरियल इंफेक्शन होने के इसके इस्तेमाल पर बैन लगा दिया है। अमेरिका के 12 राज्यों में 55 मरीजों को एजरीकेयर आईड्रॉप से इंफेक्शन होने के मामले सामने आए हैं। इनमें से एक मरीज की मौत हो गई है और कुछ लोगों की आंखों की रोशनी हमेशा के लिए चली गई है। 

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