{"_id":"6631beaeba60fdd7420d49e7","slug":"cds-anil-chauhan-interacted-with-military-leaders-of-indo-pacific-region-discussion-on-military-to-military-re-2024-05-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"CDS: हिंद प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा पर आयोजित सम्मेलन में शामिल हुए सीडीएस, सैन्य सहयोग बढ़ाने पर हुई चर्चा","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
CDS: हिंद प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा पर आयोजित सम्मेलन में शामिल हुए सीडीएस, सैन्य सहयोग बढ़ाने पर हुई चर्चा
Wed, 01 May 2024 09:59 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Wed, 01 May 2024 09:59 AM IST
सार
सम्मेलन का आयोजन अमेरिका की इंडो पैसिफिक कमांड के कमांडर एडमिरल जॉन सी एक्विलिनो ने किया। इस सम्मेलन में 27 देशों के वरिष्ठ सैन्य कमांडर शामिल हुए।
विज्ञापन
सीडीएस जनरल अनिल चौहान
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान मंगलवार को हिंद प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा पर आयोजित एक वर्चुअल सम्मेलन में शामिल हुए। इस सम्मेलन का आयोजन अमेरिका की इंडो पैसिफिक कमांड के कमांडर एडमिरल जॉन सी एक्विलिनो ने किया। इस सम्मेलन में 27 देशों के वरिष्ठ सैन्य कमांडर शामिल हुए। इस वर्चुअल सम्मेलन में सैन्य सहयोग बढ़ाने, साझा सुरक्षा मुद्दों पर सहयोग, हिंद प्रशांत क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। साथ ही उद्देश्यों की पूर्ति संबंधी समीक्षा भी की गई।
हिंद प्रशांत क्षेत्र क्यों है अहम
हिंद प्रशांत महासागर का क्षेत्र अमेरिका की सामरिक रणनीति का केंद्र है और अमेरिका इस क्षेत्र में भारत के साथ व्यापक सहयोग का हिमायती है। हिंद प्रशांत महासागर में चीन का प्रभाव भी लगातार बढ़ रहा है, जिसकी वजह से अमेरिका इस क्षेत्र के देशों के साथ लगातार सहयोग बढ़ा रहा है। वर्तमान में हिंद प्रशांत महासागर क्षेत्र में 38 देश शामिल हैं, जो दुनिया के कुल सतह क्षेत्र का 44 प्रतिशत हैं। यहीं पर दुनिया की 65 प्रतिशत आबादी रहती है और आर्थिक तौर पर बात करें तो दुनिया की कुल जीडीपी में से 62 प्रतिशत हिस्सा हिंद प्रशांत क्षेत्र से ही आता है। दुनिया के कुल व्यापार का 46 प्रतिशत यहीं से होता है। समुद्र के जरिए होने वाले कुल व्यापार का 75 प्रतिशत इसी इलाके से होकर गुजरता है और यहां के बंदरगाह दुनिया के सबसे व्यस्त बंदरगाह हैं। यही वजह है कि हिंद प्रशांत क्षेत्र में भू-आर्थिक प्रतिस्पर्धा जोर पकड़ रही है। ऐसे में अमेरिका भारत और अन्य सहयोगी देशों के साथ मिलकर हिंद प्रशांत क्षेत्र में अपना दबदबा बनाना चाहता है। चीन भी इसी कोशिश में लगा है।
विज्ञापन
हिंद प्रशांत क्षेत्र में भारत की भूमिका
भारत इस क्षेत्र के प्रमुख देशों में से एक है। अमेरिका की हिंद प्रशांत क्षेत्र की रणनीति में भी भारत की अहम भूमिका है। चीन के बढ़ते प्रभाव को भारत ही टक्कर देने की क्षमता रखता है। हिंद महासागर में भारत का दबदबा है। साथ ही भारत अरब सागर में भी प्रभाव रखता है। इन इलाकों में समुद्री सुरक्षा कायम रखने में भारत की भूमिका अहम है।
विज्ञापन
Chief of Defence Staff Gen Anil Chauhan interacted with senior military leaders of 27 countries during the virtual Chiefs of Defence meeting hosted by Admiral John C Aquilino, US Commander of Indo-Pacific Command on Tuesday, April 30.
विज्ञापन
Discussions were held on strengthening… pic.twitter.com/l8UxqmKF4k — ANI (@ANI) May 1, 2024
हिंद प्रशांत क्षेत्र क्यों है अहम
हिंद प्रशांत महासागर का क्षेत्र अमेरिका की सामरिक रणनीति का केंद्र है और अमेरिका इस क्षेत्र में भारत के साथ व्यापक सहयोग का हिमायती है। हिंद प्रशांत महासागर में चीन का प्रभाव भी लगातार बढ़ रहा है, जिसकी वजह से अमेरिका इस क्षेत्र के देशों के साथ लगातार सहयोग बढ़ा रहा है। वर्तमान में हिंद प्रशांत महासागर क्षेत्र में 38 देश शामिल हैं, जो दुनिया के कुल सतह क्षेत्र का 44 प्रतिशत हैं। यहीं पर दुनिया की 65 प्रतिशत आबादी रहती है और आर्थिक तौर पर बात करें तो दुनिया की कुल जीडीपी में से 62 प्रतिशत हिस्सा हिंद प्रशांत क्षेत्र से ही आता है। दुनिया के कुल व्यापार का 46 प्रतिशत यहीं से होता है। समुद्र के जरिए होने वाले कुल व्यापार का 75 प्रतिशत इसी इलाके से होकर गुजरता है और यहां के बंदरगाह दुनिया के सबसे व्यस्त बंदरगाह हैं। यही वजह है कि हिंद प्रशांत क्षेत्र में भू-आर्थिक प्रतिस्पर्धा जोर पकड़ रही है। ऐसे में अमेरिका भारत और अन्य सहयोगी देशों के साथ मिलकर हिंद प्रशांत क्षेत्र में अपना दबदबा बनाना चाहता है। चीन भी इसी कोशिश में लगा है।
विज्ञापन
हिंद प्रशांत क्षेत्र में भारत की भूमिका
भारत इस क्षेत्र के प्रमुख देशों में से एक है। अमेरिका की हिंद प्रशांत क्षेत्र की रणनीति में भी भारत की अहम भूमिका है। चीन के बढ़ते प्रभाव को भारत ही टक्कर देने की क्षमता रखता है। हिंद महासागर में भारत का दबदबा है। साथ ही भारत अरब सागर में भी प्रभाव रखता है। इन इलाकों में समुद्री सुरक्षा कायम रखने में भारत की भूमिका अहम है।