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सीसीएमबी की वैज्ञानिक मंजुला रेड्डी ने जीव विज्ञान के लिए 2019 का इंफोसिस पुरस्कार जीता
Fri, 08 Nov 2019 11:45 AM IST
अनवर अंसारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
Published by: अनवर अंसारी
Updated Fri, 08 Nov 2019 11:45 AM IST
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वैज्ञानिक डॉ मंजुला रेड्डी
- फोटो : ANI
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जीवाणु कोशिका की दीवार की संरचना और संश्लेषण को समझने के लिए 'सेंटर फॉर सेल्युलर एंड मॉलिक्यूलर बायोलॉजी (सीसीएमबी)' की मुख्य वैज्ञानिक डॉ मंजुला रेड्डी को जीव विज्ञान के लिए 2019 इंफोसिस पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
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उनके इस कार्य को इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे नई प्रतिरोधी दवाओं के विकास के लिए मदद मिलेगी। उनके काम से कोशिका भित्ति संश्लेषण के दौरान एक महत्वपूर्ण कदम का पता चला है।
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एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि 'लंबे समय से, वैज्ञानिकों का मानना था कि नई कोशिका के निर्माण के लिए मौजूदा कोशिका को नियंत्रित तरीके से टुटने की आवश्यकता होती है। लेकिन यह किस तरह से होता है इस बात का पता अभी तक नहीं चल सका है, भले ही जीवाणु का अध्ययन सौ साल से अधिक से क्यों ना जारी हो?'
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इसमें कहा गया कि 'डॉ रेड्डी की प्रयोगशाला ने पहली बार यह पता लगाया है कि कौन सा एंजाइम कोशिका की दीवारों के नियंत्रित दरार से टुटकर बाहर निकलने में मदद कर नए कोशिका का निर्माण करता है। डॉ रेड्डी के काम ने यह समझने में भी मदद की कि नई कोशिका बनने से पहले क्या होता हैं? '
इंफोसिस पुरस्कार प्रतिवर्ष छह श्रेणियों में शोधकर्ताओं और वैज्ञानिकों की उत्कृष्ट उपलब्धियों के सम्मान के लिए प्रदान किया जाता है। जिनमें इंजीनियरिंग और कंप्यूटर विज्ञान, मानविकी, जीवन विज्ञान, गणितीय विज्ञान, भौतिक विज्ञान और सामाजिक विज्ञान शामिल हैं। हर श्रेणी में प्रत्येक विजेता को एक स्वर्ण पदक, एक प्रशस्ति पत्र और एक लाख डॉलर (लगभग 70 लाख रुपये) का इनाम दिया जाता है।