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चुनाव बाद हिंसा: सीबीआई ने बंगाल के डीजीपी से मांगा हत्या व दुष्कर्म के मामलों का ब्योरा
Fri, 20 Aug 2021 05:09 PM IST
सुरेंद्र जोशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Fri, 20 Aug 2021 05:09 PM IST
सार
कलकत्ता हाईकोर्ट द्वारा बंगाल में चुनाव बाद हुई हिंसा की जांच सीबीआई को सौंपने के दूसरे ही दिन केंद्रीय जांच एजेंसी सक्रिय हो गई है। इससे ममता सरकार व सत्तारूढ़ टीएमसी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
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CBI
- फोटो : Social Media
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विस्तार
पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हुई हिंसा के मामलों की जांच के लिए सीबीआई सक्रिय हो गई है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के डीजीपी से चुनाव बाद राज्य में हुई हत्याओं व दुष्कर्म के मामलों का ब्योरा मांगा है। सीबीआई के अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
कलकत्ता हाईकोर्ट ने गुरुवार को ही चुनाव बाद हिंसा की जांच सीबीआई से कराने का आदेश दिया है। कोर्ट ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की एक कमेटी की सिफारिश के आधार पर सीबीआई को जांच का आदेश दिया है। यह ममता सरकार को बड़ा झटका माना जा रहा है।
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हाईकोर्ट ने मानवाधिकार आयोग की समिति की रिपोर्ट को बताया दुरुस्त
चुनाव बाद हिंसा को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को एक के बाद एक झटके लग रहे हैं। पहले तो कलकत्ता हाईकोर्ट ने हिंसा की जांच सीबीआई से कराने पर सहमति दी और अब कोर्ट ने मानव अधिकार आयोग की समिति की रिपोर्ट को दुरुस्त बताया है। कलकत्ता हाईकोर्ट के न्यायामूर्ति आईपी मुखर्जी का कहना है कि मानव अधिकार आयोग की समिति के दुराग्रह से ग्रसित होने के आरोप में कोई दम नहीं है। समिति ने अपनी रिपोर्ट में जो सिफारिशे की हैं, उन पर विचार किया गया और वकीलों की दलीलों को भी सुना गया है। हाईकोर्ट ने कहा कि समिति के पास जांच करने व तथ्यों को पेश करने का पूरा अधिकार था। क्योंकि, इसका आदेश उन्हें पांच जजों वाली पीठ ने दिया था।
एसआईटी का भी होगा गठन, तीन वरिष्ठ आईपीएस करेंगे जांच
हाईकोर्ट की पांच जजों वाली पीठ ने दुष्कर्म, दुष्कर्म की कोशिश, हत्या जैसे अपराधों की सीबीआई जांच तथा बंगाल में चुनाव बाद हुई हिंसा के अन्य मामलों की जांच के लिए तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की एसआईटी गठन के भी आदेश दिए हैं।
हाईकोर्ट के निर्णय पर सुप्रीम कोर्ट में प्रतिवाद दायर
उधर, सीबीआई से जांच कराने के हाईकोर्ट के फैसले के विरोध में याचिकाकर्ता वकील अनिंद्य सुंदर दास ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। उनका कहना है कि मैंने यह प्रतिवाद इसलिए दायर किया है क्योंकि मैं नहीं चाहता मुझे सुने बिना कोई भी निर्णय मेरे खिलाफ पारित किया जाए।
लोकतंत्र में हिंसा का कोई स्थान नहीं : राज्यपाल
उधर, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने एक कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद हुई हिंसा पर कहा कि हिंसा लोकतंत्र के खिलाफ है। इसकी लोकतंत्र में कोई जगह नहीं है। हमारी संस्कृति में हिंसा कोई स्थान नहीं रखती है।
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कलकत्ता हाईकोर्ट ने गुरुवार को ही चुनाव बाद हिंसा की जांच सीबीआई से कराने का आदेश दिया है। कोर्ट ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की एक कमेटी की सिफारिश के आधार पर सीबीआई को जांच का आदेश दिया है। यह ममता सरकार को बड़ा झटका माना जा रहा है।
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CBI seeks from West Bengal DGP details of murder and rape cases reported during post-poll violence in state: Officials
— Press Trust of India (@PTI_News) August 20, 2021
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चुनाव बाद हिंसा को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को एक के बाद एक झटके लग रहे हैं। पहले तो कलकत्ता हाईकोर्ट ने हिंसा की जांच सीबीआई से कराने पर सहमति दी और अब कोर्ट ने मानव अधिकार आयोग की समिति की रिपोर्ट को दुरुस्त बताया है। कलकत्ता हाईकोर्ट के न्यायामूर्ति आईपी मुखर्जी का कहना है कि मानव अधिकार आयोग की समिति के दुराग्रह से ग्रसित होने के आरोप में कोई दम नहीं है। समिति ने अपनी रिपोर्ट में जो सिफारिशे की हैं, उन पर विचार किया गया और वकीलों की दलीलों को भी सुना गया है। हाईकोर्ट ने कहा कि समिति के पास जांच करने व तथ्यों को पेश करने का पूरा अधिकार था। क्योंकि, इसका आदेश उन्हें पांच जजों वाली पीठ ने दिया था।
एसआईटी का भी होगा गठन, तीन वरिष्ठ आईपीएस करेंगे जांच
हाईकोर्ट की पांच जजों वाली पीठ ने दुष्कर्म, दुष्कर्म की कोशिश, हत्या जैसे अपराधों की सीबीआई जांच तथा बंगाल में चुनाव बाद हुई हिंसा के अन्य मामलों की जांच के लिए तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की एसआईटी गठन के भी आदेश दिए हैं।
हाईकोर्ट के निर्णय पर सुप्रीम कोर्ट में प्रतिवाद दायर
उधर, सीबीआई से जांच कराने के हाईकोर्ट के फैसले के विरोध में याचिकाकर्ता वकील अनिंद्य सुंदर दास ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। उनका कहना है कि मैंने यह प्रतिवाद इसलिए दायर किया है क्योंकि मैं नहीं चाहता मुझे सुने बिना कोई भी निर्णय मेरे खिलाफ पारित किया जाए।
लोकतंत्र में हिंसा का कोई स्थान नहीं : राज्यपाल
उधर, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने एक कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद हुई हिंसा पर कहा कि हिंसा लोकतंत्र के खिलाफ है। इसकी लोकतंत्र में कोई जगह नहीं है। हमारी संस्कृति में हिंसा कोई स्थान नहीं रखती है।