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करूर भगदड़ मामला: CBI की जांच तेज; टीवीके के दफ्तर पहुंचकर मांगी CCTV फुटेज, विजय की पार्टी ने कही यह बात

Mon, 03 Nov 2025 07:41 PM IST
शिव शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, करूर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, करूर Published by: शिव शुक्ला Updated Mon, 03 Nov 2025 07:41 PM IST
सार

Karur Stampede: तमिलनाडु के करूर में अभिनेता-राजनेता विजय की रैली के दौरान मची भगदड़ के मामले की जांच शुरुआत में एसआईटी कर रही थी। वहीं इस मामले में टीवीके ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी जिस पर कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए सीबीआई जांच के आदेश दिए। इस पर अब टीवीके ने प्रतिक्रिया दी है, पढ़ें

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CBI seeks CCTV footage and other details from TVK in Karur stampede case
करूर भगदड़ - फोटो : एएनआई

विस्तार

Karur Stampede: तमिलनाडु के करूर में भगदड़ के मामले में सीबीआई ने जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच के क्रम में केंद्रीय एजेंसी के अधिकारियों ने अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेत्त्री कझगम (TVK) के पनैयूर स्थित कार्यालय का दौरा किया। साथ ही टीवीके के पदधिकारियों से भगदड़ के सीसीटीवी फुटेज और अन्य दस्तावेजों की मांग की। इसके लिए उन्होंने समन दिया है। साथ ही इसके लिए तीन-चार दिनों का समय दिया है।

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सीबीआई के दौरे को लेकर संयुक्त महासचिव सीटीआर निर्मल कुमार ने बताया कि जांच अधिकारी किसी पूछताछ के लिए नहीं आए थे। उन्होंने कहा कि वे सामान्य जानकारियां जुटाने के लिए कार्यालय पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि हम पूरा सहयोग करेंगे और सभी विवरण नियत समय पर सौंप देंगे। निर्मल कुमार ने यह भी बताया कि पार्टी पहले ही एसआईटी को सभी जानकारियां दे चुकी है। 
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बता दें कि इस मामले की जांच शुरुआत में एसआईटी कर रही थी। इस मामले में टीवीके ने सुप्रीम कोर्ट में स्वतंत्र जांच की याचिका दाखिल की थी। फिर सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर अपना फैसला सुनाया और मामले की सीबीआई जांच के आदेश दिए। बता दें कि टीवीके ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की थी कि भगदड़ की जांच एक पूर्व सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश की निगरानी में हो, क्योंकि पार्टी का कहना है कि सिर्फ तमिलनाडु पुलिस की तरफ से बनाई गई विशेष जांच दल (एसआईटी) से जनता का भरोसा नहीं बनेगा। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि भगदड़ पूर्व नियोजित साजिश का हिस्सा हो सकता है।
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 गौरतलब है कि 27 सितंबर को करूर में विजय की सभा के दौरान भगदड़ मचने से 41 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 60 से अधिक लोग घायल हुए थे।

टीवीके के कई सदस्यों पर एफआईआर
भगदड़ के तुरंत बाद विवाद और आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए थे। करूर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर टीवीके के करूर (उत्तर) जिला सचिव माधियाझगन, जनरल सेक्रेटरी बसी आनंद, और ज्वाइंट जनरल सेक्रेटरी सीटीआर निर्मल कुमार के खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास, और अन्य की जान जोखिम में डालना जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। पुलिस का कहना है कि भगदड़ में कोई खुफिया चूक नहीं हुई। रैली में विजय देर से पहुंचे, और लोग कई घंटे से इंतजार कर रहे थे।

कैसे बेताब हुई भीड़?
पुलिस अधिकारियों ने आयोजकों से कहा था कि विजय की विशेष रैली बस को निर्धारित स्थान से कम से कम 50 मीटर पहले रोक दें। लेकिन आयोजकों ने तय जगह पर ही बस खड़ी की। पुलिस के अनुसार, '10 मिनट तक नेता बस से बाहर नहीं आए, जिससे भीड़ असंतुष्ट हो गई। लोग उन्हें देखने के लिए बेताब थे।' 


टीवीके पर शर्तों का पालन न करने का आरोप
बता दें कि, इस रैली के लिए टीवीके ने 10,000 लोगों के लिए अनुमति मांगी थी, लेकिन रैली में लगभग 25000 लोग जमा हो गए। पुलिस ने कहा कि पार्टी ने पर्याप्त पानी, सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाएं नहीं कीं और अनुमति की शर्तों का पालन नहीं किया।

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