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मुंबई पुलिस: साइबर सेल ने सीबीआई निदेशक को भेजा समन, 14 अक्तूबर से पहले पेश होने को कहा
Sat, 09 Oct 2021 08:44 PM IST
Amit Mandal
एएनआई, मुंबई
एएनआई, मुंबई
Published by: Amit Mandal
Updated Sat, 09 Oct 2021 08:44 PM IST
सार
मुंबई पुलिस के साइबर सेल विभाग ने सीबीआई प्रमुख को ई-मेल के जरिए समन भेजकर उन्हें 14 अक्तूबर से पहले पेश होने के लिए कहा है।
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सीबीआई निदेशक सुबोध कुमार जायसवाल
- फोटो : ANI
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विस्तार
मुंबई पुलिस के साइबर सेल ने पुलिस ट्रांसफर पोस्टिंग में महाराष्ट्र इंटेलीजेंस विभाग का डेटा लीक होने के मामले में सीबीआई निदेशक सुबोध कुमार जायसवाल को समन जारी किया है। जायसवाल को ई-मेल के जरिए समन भेजकर उन्हें 14 अक्तूबर से पहले पेश होने के लिए कहा गया है।
मुंबई पुलिस ने कहा है कि राज्य खुफिया विभाग की पूर्व प्रमुख रश्मि शुक्ला ने ट्रांसफर-पोस्टिंग मामले में एक खुफिया रिपोर्ट तैयार की थी। पुलिस ने बताया कि इस संबंध में बांद्रा कुर्ला स्थित साइबर सेल विभाग में ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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देवेंद्र फडणवीस ने की थी प्रेस कॉन्फ्रेंस
23 मार्च 2021 को पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उस वक्त गृह मंत्री रहे अनिल देशमुख को निशाने पर लिया था। उन्होंने आईपीएस रश्मि शुक्ला के पत्र का जिक्र करते हुए महाराष्ट्र में ट्रांसफर-पोस्टिंग रैकेट चलने व बड़े नेताओं और अधिकारियों की मिलीभगत का आरोप लगाया था।
सीआरपीएफ में सहायक महानिदेशक हैं रश्मि शुक्ला
फडणवीस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जिस आईपीएस अधिकारी रश्मि शुक्ला का जिक्र किया था वह अभी सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ) में सहायक महानिदेशक हैं। इससे पहले वह महाराष्ट्र के इंटेलिजेंस विभाग में आयुक्त थीं। परमबीर सिंह व रश्मि शुक्ला दोनों 1988 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। रश्मि शुक्ला ने पिछले साल लिखे पत्र में पुलिस के कुछ बड़े अफसरों और अन्य अधिकारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग के रैकेट में शामिल होने का दावा किया था। पत्र के साथ सबूत के तौर पर रश्मि शुक्ला ने फोन रिकॉर्डिंग होने का भी दावा किया था।
25 अगस्त 2020 को लिखे पत्र में यह लिखा था
रश्मि शुक्ला ने यह चिट्ठी पिछले साल 25 अगस्त को लिखी थी। इसमें लिखा था कि महाराष्ट्र के पुलिस विभाग में अफसरों की पोस्टिंग और ट्रांसफर रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। इसके तार राज्य के कुछ नेताओं से जुड़े हैं। शुक्ला ने पत्र में लिखा कि मामले से जुड़े लोगों के फोन कॉल ट्रेस किए गए। इसमें रैकेट की बात सच साबित हुई। इससे कुछ दलाल व ताकतवर लोग जुड़े थे। आईपीएस अधिकारी भी इन अवांछित लोगों के संपर्क में थे।
लिफाफे में फोन रिकॉर्डिंग्स की ट्रांसक्रिप्ट भी
आईपीएस रश्मि शुक्ला ने अपनी चिट्ठी में 2017 के भी एक मामले का जिक्र किया था। उन्होंने लिखा कि तब मुंबई पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सात लोगों को गिरफ्तार किया था। इसकी विस्तृत रिपोर्ट में फोन रिकॉर्डिंग्स की ट्रांसक्रिप्ट भी है। शुक्ला ने पत्र में लिखा कि इस पूरे मामले को तुरंत मुख्यमंत्री की जानकारी में लाया जाना चाहिए।
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CBI Director Subodh Kumar Jaiswal has been summoned by Cyber Cell of Mumbai Police in connection with leak of Maharashtra Intelligence Department data on police transfer-posting. The summon has been sent via an e-mail, asking him to appear before it on October 14: Mumbai Police pic.twitter.com/0DBvfvQdd0
— ANI (@ANI) October 9, 2021विज्ञापन
मुंबई पुलिस ने कहा है कि राज्य खुफिया विभाग की पूर्व प्रमुख रश्मि शुक्ला ने ट्रांसफर-पोस्टिंग मामले में एक खुफिया रिपोर्ट तैयार की थी। पुलिस ने बताया कि इस संबंध में बांद्रा कुर्ला स्थित साइबर सेल विभाग में ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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देवेंद्र फडणवीस ने की थी प्रेस कॉन्फ्रेंस
23 मार्च 2021 को पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उस वक्त गृह मंत्री रहे अनिल देशमुख को निशाने पर लिया था। उन्होंने आईपीएस रश्मि शुक्ला के पत्र का जिक्र करते हुए महाराष्ट्र में ट्रांसफर-पोस्टिंग रैकेट चलने व बड़े नेताओं और अधिकारियों की मिलीभगत का आरोप लगाया था।
सीआरपीएफ में सहायक महानिदेशक हैं रश्मि शुक्ला
फडणवीस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जिस आईपीएस अधिकारी रश्मि शुक्ला का जिक्र किया था वह अभी सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ) में सहायक महानिदेशक हैं। इससे पहले वह महाराष्ट्र के इंटेलिजेंस विभाग में आयुक्त थीं। परमबीर सिंह व रश्मि शुक्ला दोनों 1988 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। रश्मि शुक्ला ने पिछले साल लिखे पत्र में पुलिस के कुछ बड़े अफसरों और अन्य अधिकारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग के रैकेट में शामिल होने का दावा किया था। पत्र के साथ सबूत के तौर पर रश्मि शुक्ला ने फोन रिकॉर्डिंग होने का भी दावा किया था।
25 अगस्त 2020 को लिखे पत्र में यह लिखा था
रश्मि शुक्ला ने यह चिट्ठी पिछले साल 25 अगस्त को लिखी थी। इसमें लिखा था कि महाराष्ट्र के पुलिस विभाग में अफसरों की पोस्टिंग और ट्रांसफर रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। इसके तार राज्य के कुछ नेताओं से जुड़े हैं। शुक्ला ने पत्र में लिखा कि मामले से जुड़े लोगों के फोन कॉल ट्रेस किए गए। इसमें रैकेट की बात सच साबित हुई। इससे कुछ दलाल व ताकतवर लोग जुड़े थे। आईपीएस अधिकारी भी इन अवांछित लोगों के संपर्क में थे।
लिफाफे में फोन रिकॉर्डिंग्स की ट्रांसक्रिप्ट भी
आईपीएस रश्मि शुक्ला ने अपनी चिट्ठी में 2017 के भी एक मामले का जिक्र किया था। उन्होंने लिखा कि तब मुंबई पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सात लोगों को गिरफ्तार किया था। इसकी विस्तृत रिपोर्ट में फोन रिकॉर्डिंग्स की ट्रांसक्रिप्ट भी है। शुक्ला ने पत्र में लिखा कि इस पूरे मामले को तुरंत मुख्यमंत्री की जानकारी में लाया जाना चाहिए।