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महाराष्ट्र: CBI ने डाक विभाग के कर्मचारी के खिलाफ दर्ज किया मुकदमा, बैंक खातों से लाखों रुपये के गबन का आरोप

Wed, 31 May 2023 06:13 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: निर्मल कांत Updated Wed, 31 May 2023 06:13 PM IST
सार

आरोपी गजानन परसराम गुट्टे ने 2018-20 तक अंजरला उप डाकघर में अपनी तैनाती के दौरान फर्जी निकासी वाउचर तैयार किए थे, जिसमें उन लाभार्थियों के हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान का फर्जीवाड़ा किया गया था, जो मृत हो चुके थे।

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CBI books Maharashtra postal department employee for embezzlement
CBI - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने रत्नागिरी में डाक विभाग के एक कर्मचारी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। उस पर सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों के 260 निष्क्रिय बचत खातों से 63 लाख रुपये के गबन का आरोप है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। 

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उन्होंने बताया कि गजानन परसराम गुट्टे ने 2018-20 तक अंजरला उप डाकघर में अपनी तैनाती के दौरान फर्जी निकासी वाउचर तैयार किए थे, जिसमें उन लाभार्थियों के हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान का फर्जीवाड़ा किया गया था, जो या तो मृत हो चुके थे या नियमित रूप से डाकघर आने के लिए बहुत बूढ़े थे। गुट्टे ने संजय गांधी योजना, श्रवण बाल योजना और इंदिरा गांधी वृद्धावस्था पेंशन योजना जैसी सामाजिक कल्याण योजनाओं के लाभार्थियों के बचत बैंक खातों को निशाना बनाया। 
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सीबीआई के अधिकारियों के मुताबिक वह खराब इंटरनेट कनेक्टिविटी के कारण केंद्रीय बैंकिंग सॉफ्टवेयर 'फिनेकल' को चलाने में असमर्थता का हवाला देते हुए आसानी से धन का गबन कर सकता था।  नेटवर्क की समस्या के कारण जो काम लंबित था, उसे पूरा करने के लिए वह घंटों काम करने के बाद दूसरे कार्यालय में जाता था। सीबीआई की प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि फिनैकल में बचत बैंक (खातों) से संबंधित काम पूरा करने के लिए उसने डाक सहायक और उप-पोस्टमास्टर की यूजर आईडी का इस्तेमाल किया और सारा काम खुद किया। 
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इसका खुलासा तब हुआ जब प्रधान कार्यालय और संभागीय कार्यालय ने उच्च मूल्य की निकासी की निगरानी के निर्देश जारी किए। सीबीआई के अधिकारी ने कहा, 'काम के दौरान यह देखा गया कि अंजरला उप डाकघर में किए गए उच्च मूल्य के लेनदेन संदिग्ध थे, क्योंकि वे वकावली, खावटी, पालगढ़ और खेड़ मुक्या आदि जैसे अन्य उप-कार्यालयों में  विभिन्न बचत बैंक खातों से जुड़े थे।

 
रत्नागिरि डाक विभाग द्वारा दायर शिकायत में कहा गया है, चिपलून प्रधान डाकघर के पोस्टमास्टर ने 27 जुलाई, 2020 को फोन पर इस तथ्य की सूचना दी, जिसके बाद एक विस्तृत रिपोर्ट आई और इस तरह धोखाधड़ी सामने आई। प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि गुट्टे ने 63.04 लाख रुपये में से 2.58 लाख रुपये शुरू में वापस कर दिए। इसमें कहा गया है कि डाक विभाग की जांच के दौरान गुट्टे ने कथित तौर पर अपना अपराध स्वीकार कर लिया और 59.50 लाख रुपये वापस कर दिए।

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