RG Kar Case: आज जंतर-मंतर पर FAIMA का धरना; CBI ने अस्पताल का नक्शा मांगा; संदीप घोष लगातार 14वें दिन पूछताछ
कोलकाता के आरजी कर कॉलेज-अस्पताल में 31 वर्षीय महिला डॉक्टर से दुष्कर्म और हत्या के मामले में सीबीआई जांच जारी है। CBI ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य से अस्पताल परिसर का नक्शा मांगा है। कॉलेज के पूर्व प्राचार्य संदीप घोष से लगातार 14वें दिन भी पूछताछ की गई। FAIMA ने आज जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन करने की घोषणा की है।
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विस्तार
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से पहले एकजुटता दिखाएगी डॉक्टर बिरादरी#WATCH | Vice President of the Federation of All India Medical Association (FAIMA) and a senior resident doctor at AIIMS New Delhi, Dr Suvrankar Datta says, "We are organising a massive peaceful protest at Jantar Mantar on 31 August to ask for justice for our colleague in RG Kar… pic.twitter.com/gfeuG9pyky
— ANI (@ANI) August 31, 2024विज्ञापन
डॉ. सुवर्णकर दत्ता ने आह्वान किया कि 5 सितंबर को होने वाली सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से पहले FAIMA दुनिया को अपनी ताकत दिखाना चाहता है। न्याय की मांग करते हुए उन्होंने डॉक्टरों से दोपहर 3 बजे से जंतर-मंतर पर जमा होने की अपील की।
पूर्व प्रिंसिपल से लगातार 14वें दिन पूछताछ
इससे पहले मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की एक टीम शुक्रवार को अस्पताल पहुंची। एजेंसी ने पूरे परिसर का डिजाइन मांगा है। वहीं, पूर्व प्राचार्य संदीप घोष से शुक्रवार को लगातार 14वें दिन भी पूछताछ की गई।
सूत्रों ने बताया कि सीबीआई की टीम ने मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य से मुलाकात की। अस्पताल परिसर को लेकर उनसे कुछ सवाल किए। इसके बाद उनसे परिसर का 'टोपोग्राफी मैप' और प्रत्येक भवन की डिजाइन की मांग की गई है। सूत्रों ने यह भी बताया कि एजेंसी को घटनास्थल से नमूना एकत्र किए जाने के मामले में अनियमितता को लेकर कुछ जानकारी मिली है। यह पता चला है कि शव मिलने के बाद जिन फॉरेंसिक विशेषज्ञों को वहां से नमूना लेना था, वह वहां गए ही नहीं। दो अन्य फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने नमूना लिया था, सीबीआई इन दोनों से पूछताछ कर चुकी है। सीबीआई ने बेलगाछिया स्थित राज्य फॉरेंसिक लैब के अधिकारियों को भी पत्र भेजा है।
93 डॉक्टरों को नोटिस
पूर्वी मेदिनीपुर के जिला स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने जिला मुख्यालय तमलुक के 93 डॉक्टरों को एक साथ कारण बताओ नोटिस जारी किया है। बताया गया है कि क्लीनिकल इस्टैब्लिशमेंट एक्ट का उल्लंघन करने के आरोप में उन्हें कारण बताओ नोटिस दिया गया है। जबकि भाजपा का दावा है कि आरजी कर के मामले में सड़क पर उतरने के लिए ही इन डॉक्टरों को नोटिस दिया गया है।
राज्यपाल ने गृह मंत्री को प्रदेश के हालात से कराया अवगत
कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में प्रशिक्षु महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म व हत्या के मामले में पश्चिम बंगाल सरकार पर भाजपा के दबाव बढ़ाने के बीच राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की। बोस ने शुक्रवार को शाह से मिलकर उन्हें स्थिति से अवगत कराया। सूत्रों के मुताबिक भाजपा की कार्रवाई की मांग के बावजूद, केंद्र सरकार बड़ी सावधानीपूर्वक उठाए जा सकने वाले कदमों पर विचार कर रही है। एक नेता ने बताया कि अगले कदम के बारे में अभी कोई निश्चित योजना या स्पष्टता नहीं है। राज्यपाल ने भी केंद्र को पश्चिम बंगाल की स्थिति के बारे में जानकारी दी है, लेकिन कोई विशेष कार्रवाई का सुझाव नहीं दिया है। सूत्रों के मुताबिक बोस स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से भी मिलने वाले थे लेकिन सुप्रीम कोर्ट के राष्ट्रीय कार्यबल बनाने के बाद उनकी बैठक रद्द हो गई।
घटनास्थल पर डॉ. सोम के होने का दावा
हाल ही में वायरल हुए वीडियो में सेमिनार हॉल में महिला चिकित्सक के शव के पास भीड़ देखी गई थी। बताया जा रहा है कि इसमें अस्पताल के फोरेंसिक विभाग के प्रमुख देबाशीष सोम भी थे, जो डॉ. संदीप घोष के बेहद करीबी हैं। सीबीआई सूत्रों का कहना है, संदीप और देबाशीष से पूछताछ की गई है, लेकिन दोनों इस मामले से बचने की कोशिश कर रहे हैं।
घटनास्थल पर कौन लोग मौजूद थे, कोलकाता पुलिस ने दी जानकारी
इस संबंध में डीसीपी सेंट्रल इंदिरा मुखर्जी ने कहा, एक विशेष समाचार चैनल ने आरजी कर कॉलेज-अस्पताल के सेमिनार हॉल का वीडियो और कुछ तस्वीरें दिखाई हैं जो इस मामले की घटना का स्थान है। वहां यह देखा गया है कि घिरे हुए क्षेत्र के अंदर , कई लोग खड़े हैं और बात कर रहे हैं, और यह स्पष्ट नहीं है कि ये लोग कौन हैं। यह आरोप लगाया गया है कि शायद कुछ लोग हैं जिन्हें वहां नहीं होना चाहिए था और उस वीडियो में कुछ छेड़छाड़ की गई है। पुलिस तस्वीर में दिख रहे प्रत्येक व्यक्ति की पहचान कर रही है। फोटो-वीडियो में साफ दिख रहा है कि जासूसी विभाग से एक वीडियोग्राफर, पुलिस आयुक्त, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त-1, महिला पुलिस और फोरेंसिक विभाग के अधिकारी जांच कर रहे हैं। मौका-ए-वारदात पर किसी भी अनधिकृत शख्स को प्रवेश की अनुमति नहीं थी। ऐसे में कोई भी ऐसा व्यक्ति वहां नहीं गया जो जांच प्रक्रिया से जुड़ा न हो।
#WATCH | Kolkata, West Bengal: On RG Kar rape-murder case, DCP Central Indira Mukherjee says, "We have seen that there is one particular news channel which has shown a video and some pictures of the seminar hall which is the place of occurrence of this case. There it has been… pic.twitter.com/kVWh08nBcT
— ANI (@ANI) August 30, 2024
ममता ने फिर लिखा पीएम को पत्र
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लगातार दूसरी बार पत्र लिखा है। इससे पहले ममता बनर्जी ने 22 अगस्त को एक पत्र भेजकर दुष्कर्म के मामलों में तेजी से सजा देने की मांग की थी। ममता ने कहा कि दुष्कर्म जैसे अपराधों के लिए जो कानून बनाने की बात उन्होंने पहले पत्र में की थी, उसके बारे में कोई उत्तर नहीं मिला है। हालांकि, महिला और बाल कल्याण मंत्रालय की मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने पत्र का जवाब दिया था। ममता सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि इतने संवेदनशील मामले में पीएम ने कोई उत्तर क्यों नहीं दिया। मंत्री की ओर से मिले उत्तर में मामले की गंभीरता को नहीं दर्शाया गया है।
48 घंटे में 7 दुष्कर्म, पहले जवाब दें ममता : भाजपा
ममता बनर्जी के पत्र पर भाजपा के आईटी सेल के प्रमुख अमित मलवीय ने तीखा हमला बोल है। महिला और बाल कल्याण मंत्रालय के पत्र का उल्लेख करते हुए मालवीय ने कि ममता बनर्जी गलत कह रही हैं। पत्र लिखना बंद करें और जो सवाल उठ रहे हैं, उनका जवाब दें। उन्होंने कहा कि 48 घंटे में बंगाल मंे सात दुष्कर्म और कुछ हत्याएं हुई हैं। बढ़ते अपराधों पर पहले जवाब दें।