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केरल: देवस्वम मंत्री बोले- जाति व्यवस्था की मानसिकता दिमाग में एक दाग, इसे मिटाना आसान नहीं

Tue, 19 Sep 2023 03:59 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम Published by: निर्मल कांत Updated Tue, 19 Sep 2023 03:59 PM IST
सार

केरल के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़ा वर्ग और देवस्वम कल्याण मंत्री के.राधाकृष्णन ने मंगलवार को कहा कि जाति व्यवस्था कुछ लोगों के दिमाग पर एक दाग है और इसे तुरंत मिटाना आसान नहीं है।

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Caste system a 'stain' in minds of certain people, says Kerala Devaswom Minister
Kerala Devaswom Minister K Radhakrishnan - फोटो : Social Media

विस्तार

केरल के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़ा वर्ग और देवस्वम कल्याण मंत्री के.राधाकृष्णन ने मंगलवार को कहा कि जाति व्यवस्था कुछ लोगों के दिमाग पर एक दाग है और इसे तुरंत मिटाना आसान नहीं है। उन्होंने यहां पत्रकारों से कहा कि कई उत्तरी राज्यों की तुलना में उनके राज्य ने जाति आधारित भेदभाव को खत्म करने में एक लंबा सफर तय किया है। उन्होंने कहा कि दक्षिणी राज्य का समाज किसी भी कीमत पर ऐसी बुराइयों को स्वीकार नहीं करेगा।

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मंत्री की यह टिप्पणी तब सामने आई है जब हाल ही में उन्हें केरल के एक मंदिर में कार्यक्रम के दौरान भेदभाव का सामना करना पड़ा। इस घटना ने राज्य में आक्रोश पैदा कर दिया।  
 

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उन्होंने कहा, 'जाति व्यवस्था से बनी मानसिकता को बदलना आसान नहीं है। यह दिमाग में एक दाग है... इसे कपड़ों पर लगे दाग की तरह मिटाना आसान नहीं है।' हालांकि, उन्होंने कहा कि केरल का समाज इस तरह की मानसिकता को काफी हद तक बदल सकता है, लेकिन यह अभी भी कुछ व्यक्तियों के दिमाग में गहराई तक बसा हुआ है।'
 

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देवस्वओम ने स्पष्ट किया कि उनका इरादा इस घटना को विवाद में बदलने का नहीं है और उन्होंने सिर्फ लोगों को सामाजिक बुराई के बारे में संवेदनशील बनाने की कोशिश की है। उन्होंने इस बात को दोहराया कि भेदभाव केवल लोगों के प्रति दिखाया जाता है, पैसे के प्रति नहीं। मंत्री ने यह भी संकेत दिया कि वह अपने साथ हुए भेदभाव के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करने जा रहे हैं।

 

अनुसूचित जाति समुदाय से आने वाले राधाकृष्णन ने सोमवार को कहा था कि एक मंदिर के दो पुजारियों ने मंदिर में उद्घाटन के अवसर पर आयोजन स्थल पर रखे मुख्य दीपक को देने से इनकार कर दिया। इसके बजाय उन्होंने खुद मुख्य दीपक जलाया, और उसके बाद छोटे दीपक को जमीन पर रख दिया, यह सोचकर कि वह इसे ले जाएगा।
 

हालांकि, मंत्री ने मंदिर के नाम का खुलासा नहीं किया, लेकिन समाचार चैनलों ने कन्नूर जिले के पय्यानूर में एक मंदिर में हाल ही में 'नाडापंडाल' के उद्घाटन के दृश्य प्रसारित किए, जिसमें मंत्री ने भाग लिया था। दृश्यों में देखा जा सकता है कि पुजारी मंत्री को छोटा दीपक नहीं सौंप रहे थे और इसे जमीन पर रख रहे थे।

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