फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Cash-Strapped Mizoram now receives Bangla refugee influx

Bangla Refugee Influx: शरणार्थियों के बोझ से दब रहा मिजोरम, म्यांमार के बाद अब बांग्लादेश के विस्थापित घुसे

Fri, 30 Dec 2022 11:59 AM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आइजोल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आइजोल Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Fri, 30 Dec 2022 11:59 AM IST
सार

बांग्लादेशी सेना और कुकी-चिन राष्ट्रीय सेना (केएनए) के विद्रोहियों के बीच सशस्त्र संघर्ष के बाद चटगांव पहाड़ी क्षेत्र के 300 से अधिक कुकी-चिन शरणार्थियों ने मिजोरम में शरण ले ली है। मिजोरम में अब म्यांमार व बांग्लादेश के शरणार्थियों की संख्या बढ़कर 40 हजार से ज्यादा हो गई है।

विज्ञापन
Cash-Strapped Mizoram now receives Bangla refugee influx
मिजोरम के एक सामुदायिक भवन में म्यांमार से आए शरणार्थी। - फोटो : Twitter@EainSoeKhaing1

विस्तार

आर्थिक संकट से जूझ रहे मिजोरम की मुसीबत और बढ़ गई है। वह पहले से म्यांमार के कुकी-चिन शरणार्थियों के बोझ से दबा था और इस साल बांग्लादेश के चटगांव पहाड़ी इलाके (CHT) के विस्थापितों का तांता लग गया। इस बीच सीमा विवाद सुलझाने को लेकर मिजोरम सरकार असम सरकार के संपर्क में है। 

विज्ञापन


बांग्लादेशी सेना और कुकी-चिन राष्ट्रीय सेना (केएनए) के विद्रोहियों के बीच सशस्त्र संघर्ष के बाद चटगांव पहाड़ी क्षेत्र के 300 से अधिक कुकी-चिन शरणार्थियों ने मिजोरम में शरण ले ली है। मिजोरम में अब म्यांमार व बांग्लादेश के शरणार्थियों की संख्या बढ़कर 40 हजार से ज्यादा हो गई है। मिजो लोगों का कुकी चिन लोगों से जातीय संबंध है। मिजोरम की जोरमथांगा सरकार कोविड-19 महामारी और राज्य को केंद्र सरकार से मिलने वाले कर राजस्व और अनुदानों में देरी के कारण गंभीर वित्तीय संकट से जूझ रही है।
विज्ञापन


केंद्र से नहीं मिल रहा राजस्व
वित्तीय संकट के कारण मिजोरम में सरकारी कर्मचारियों को वेतन और सेवानिवृत्त लोगों को पेंशन के समय पर भुगतान में देरी हो रही है। हालांकि, राज्य सरकार को उम्मीद है कि 2023 में केंद्र से अधिक धनराशि मिलने के बाद संकट का समाधान हो जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


असम के साथ अंतर राज्य सीमा विवाद हल करने के प्रयास जारी
मिजोरम ने असम के साथ अंतर-राज्य सीमा विवाद को हल करने के प्रयास भी किए, दोनों पक्षों ने इस मुद्दे पर अगस्त और नवंबर में बातचीत की थी। दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने मामले को सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझाने के लिए सितंबर में दिल्ली में बैठक भी की थी। दोनों पड़ोसी राज्यों के बीच पिछले साल सीमा संघर्ष हुआ था। इसमें दोनों राज्यों के पुलिस बलों के बीच झड़प हुई थी। इससे असम के कम से कम छह कर्मियों और एक नागरिक की मौत हो गई थी।


मिजोरम में इस साल दो दुखद हादसे हुए
मिजोरम में इस साल दो दुखद घटनाएं हुईं। नवंबर में हनथियाल जिले में एक पत्थर की खदान गिरने से 12 लोगों की दुखद मौत हो गई, जबकि अक्तूबर में आइजोल जिले के तुइरियाल गांव में एक तेल टैंकर में आग लगने से 11 लोगों की मौत हो गई। इस साल की शुरुआत कोविड के ओमिक्रॉन वैरिएंट के मामलों में तेजी से हुई। इस कारण राज्य सरकार को पहले तीन महीनों के लिए स्कूलों को बंद करना पड़ा। हालांकि, अप्रैल से संक्रमण में गिरावट के बाद सरकार ने कोविड प्रतिबंधों में ढील दी। मिजोरम में इस साल अफ्रीकी स्वाइन फ्लू फीवर व आर्मीवर्म भी फैला। इससे सैकड़ों लोग प्रभावित हुए। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed