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Mahua Moitra: 'सरकार का जवाब गोपनीय, पोर्टल केवल खुद इस्तेमाल करें'; 'सवाल के बदले पैसा विवाद' पर लोकसभा सख्त
Thu, 23 Nov 2023 08:38 PM IST
ज्योति भास्कर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Thu, 23 Nov 2023 08:38 PM IST
सार
सांसद महुआ मोइत्रा से जुड़ा विवाद लगातार चर्चा में बना हुआ है। संसद में सवाल के बदले पैसा विवाद को लेकर लोकसभा ने सख्ती दिखाई है। सचिवालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया, सवालों पर सरकार के जवाब गोपनीय हैं। सांसद पोर्टल केवल खुद इस्तेमाल करें।
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संसद
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
तृणमूल कांग्रेस की लोकसभा सांसद महुआ मोइत्रा पर संसद में सवाल के बदले पैसे और उपहार लेने के आरोप लगे हैं। इस संसदीय विवाद के बीच लोक सभा सचिवालय ने सख्त रूख अपनाया है। लोक सभा सचिवालय ने सदन में प्रश्नकाल के दौरान सांसदों के सवाल पर सरकार की तरफ से दिए जाने वाले जवाबों की गोपनीयता पर जोर दिया है। लोक सभा ने साफ किया है कि सांसद अपने पोर्टल का उपयोग केवल खुद करें। बता दें कि 'कैश फॉर-क्वेरी' विवाद में टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा पर अपनी लॉग-इन आईडी-पासवर्ड शेयर करने के आरोप लगे।
लोकसभा सचिवालय ने बीते 10 नवंबर को जारी बयान में कहा, संसद में सवालों पर सरकार का जवाब गोपनीय होता है। सरकार के जवाब सांसदों को मुहैया कराई गई आईडी-पासवर्ड से सुरक्षित होते हैं। सांसदों का पोर्टल लॉग-इन आईडी और पासवर्ड से सुरक्षित हैं, इसलिए इनका इस्तेमाल केवल सदस्यों को खुद ही करना चाहिए। आईडी-पासवर्ड किसी और के साथ शेयर नहीं करना चाहिए। बता दें कि पूरे विवाद की समीक्षा के बाद लोकसभा आचार समिति ने मोइत्रा को निष्कासित करने की सिफारिश की है।
शीतकालीन सत्र से पहले डिजिटल संसद वेबसाइट पर एडवाइजरी
लोकसभा सचिवालय ने कहा, सांसदों से अपील है कि सरकार के उत्तरों की गोपनीयता बनाए रखें। प्रश्नकाल खत्म होने तक आईडी-पासवर्ड दूसरों के साथ साझा न करें। लोकसभा ने कहा, किसी प्रश्न का जवाब तब तक "पूरी तरह से गोपनीय" है जब तक कि सदन में मौखिक उत्तर न दे दिया जाए। लोक सभा ने साफ किया कि प्रश्नकाल खत्म होने तक सरकार का उत्तर सार्वजनिक नहीं किया जाना चाहिए। समाचार एजेंसी ANI ने सूत्रों के हवाले से बताया कि आगामी शीतकालीन सत्र से पहले सांसदों के लिए एडवाइजरी जारी की गई है। किसी भी तीसरे पक्ष को डिजिटल संसद वेबसाइट के इस्तेमाल की अनुमति नहीं दी जाएगी। लॉगइन डिटेल की मदद से केवल सांसद नोटिस दे सकेंगे। इसे ओटीपी यानी वनटाइम पासवर्ड की मदद से इस्तेमाल किया जा सकेगा।
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लोकसभा सचिवालय के अनुसार, "लिखित उत्तरों की सूची में शामिल प्रश्नों को भी तब तक गोपनीय माना जाएगा जब तक कि उन्हें प्रश्नकाल समाप्त होने के बाद सदन के पटल पर न रख दिया जाए।" सूत्रों ने कहा कि लोकसभा ने महुआ मोइत्रा से जुड़े विवादित प्रकरण के मद्देनजर गोपनीयता के बारे में मौजूदा नियमों को ही दोहराया है, कोई भी नया बदलाव नहीं है।
बता दें कि भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने आरोप लगाया था कि महुआ ने रिश्वत के बदले संसद में सवाल पूछे हैं। महुआ पर दुबई के व्यवसायी के साथ संसदीय पोर्टल की आईडी-पासवर्ड शेयर करने का आरोप है। खबरों के मुताबिक महुआ व्यवसायी दर्शन हीरानंदानी के साथ अपने लॉग-इन क्रेडेंशियल साझा करने की बात स्वीकार कर चुके हैं। हालांकि, उन्होंने रिश्वतखोरी के आरोपों से इनकार किया है।
लोक सभा की तरफ से जारी बयान को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म- एक्स पर शेयर कर निशिकांत दुबे ने महुआ मोइत्रा पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि भ्रष्ट सांसद को शायद हीरानंदानी जैसे पीए ने इन नियमों से अवगत नहीं कराया। भाजपा सांसद का आरोप है कि समय से पहले सरकार के गोपनीय जवाब साझा करने से शेयर बाजार प्रभावित हो सकता है। उनकी सामग्री के आधार पर राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता हो सकता है।
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लोकसभा सचिवालय ने बीते 10 नवंबर को जारी बयान में कहा, संसद में सवालों पर सरकार का जवाब गोपनीय होता है। सरकार के जवाब सांसदों को मुहैया कराई गई आईडी-पासवर्ड से सुरक्षित होते हैं। सांसदों का पोर्टल लॉग-इन आईडी और पासवर्ड से सुरक्षित हैं, इसलिए इनका इस्तेमाल केवल सदस्यों को खुद ही करना चाहिए। आईडी-पासवर्ड किसी और के साथ शेयर नहीं करना चाहिए। बता दें कि पूरे विवाद की समीक्षा के बाद लोकसभा आचार समिति ने मोइत्रा को निष्कासित करने की सिफारिश की है।
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शीतकालीन सत्र से पहले डिजिटल संसद वेबसाइट पर एडवाइजरी
लोकसभा सचिवालय ने कहा, सांसदों से अपील है कि सरकार के उत्तरों की गोपनीयता बनाए रखें। प्रश्नकाल खत्म होने तक आईडी-पासवर्ड दूसरों के साथ साझा न करें। लोकसभा ने कहा, किसी प्रश्न का जवाब तब तक "पूरी तरह से गोपनीय" है जब तक कि सदन में मौखिक उत्तर न दे दिया जाए। लोक सभा ने साफ किया कि प्रश्नकाल खत्म होने तक सरकार का उत्तर सार्वजनिक नहीं किया जाना चाहिए। समाचार एजेंसी ANI ने सूत्रों के हवाले से बताया कि आगामी शीतकालीन सत्र से पहले सांसदों के लिए एडवाइजरी जारी की गई है। किसी भी तीसरे पक्ष को डिजिटल संसद वेबसाइट के इस्तेमाल की अनुमति नहीं दी जाएगी। लॉगइन डिटेल की मदद से केवल सांसद नोटिस दे सकेंगे। इसे ओटीपी यानी वनटाइम पासवर्ड की मदद से इस्तेमाल किया जा सकेगा।
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लोकसभा सचिवालय के अनुसार, "लिखित उत्तरों की सूची में शामिल प्रश्नों को भी तब तक गोपनीय माना जाएगा जब तक कि उन्हें प्रश्नकाल समाप्त होने के बाद सदन के पटल पर न रख दिया जाए।" सूत्रों ने कहा कि लोकसभा ने महुआ मोइत्रा से जुड़े विवादित प्रकरण के मद्देनजर गोपनीयता के बारे में मौजूदा नियमों को ही दोहराया है, कोई भी नया बदलाव नहीं है।
बता दें कि भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने आरोप लगाया था कि महुआ ने रिश्वत के बदले संसद में सवाल पूछे हैं। महुआ पर दुबई के व्यवसायी के साथ संसदीय पोर्टल की आईडी-पासवर्ड शेयर करने का आरोप है। खबरों के मुताबिक महुआ व्यवसायी दर्शन हीरानंदानी के साथ अपने लॉग-इन क्रेडेंशियल साझा करने की बात स्वीकार कर चुके हैं। हालांकि, उन्होंने रिश्वतखोरी के आरोपों से इनकार किया है।
लोक सभा की तरफ से जारी बयान को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म- एक्स पर शेयर कर निशिकांत दुबे ने महुआ मोइत्रा पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि भ्रष्ट सांसद को शायद हीरानंदानी जैसे पीए ने इन नियमों से अवगत नहीं कराया। भाजपा सांसद का आरोप है कि समय से पहले सरकार के गोपनीय जवाब साझा करने से शेयर बाजार प्रभावित हो सकता है। उनकी सामग्री के आधार पर राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता हो सकता है।