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मुलायम और अखिलेश के खिलाफ बेहिसाब संपत्ति का मामला फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा
Sat, 23 Feb 2019 04:17 AM IST
Avdhesh Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Sat, 23 Feb 2019 04:17 AM IST
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अखिलेश यादव व मुलायम सिंह यादव।
- फोटो : amar ujala
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उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। वकील विश्वनाथ चतुर्वेदी ने शीर्ष अदालत में याचिका दायर कर मांग की कि सीबीआई को मुलायम, अखिलेश व प्रतीक यादव की संपत्तियों की जांच की रिपोर्ट अदालत में रखने का निर्देश दिया जाय।
याचिका में कहा गया है कि जांच पूरी हो गई थी और पहली नजर में पाया गया था कि यादव परिवार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला बनता है। इस जांच को छह साल बीतने के बाद भी सीबीआई ने रिपोर्ट किसी अदालत में पेश नहीं की। 2013 में किए गए एक आकलन में ये संपत्ति आय से 24 करोड़ रुपये अधिक पाई गई थी।
उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने मार्च 2007 में चतुर्वेदी की जनहित याचिका पर सीबीआई को मुलायम, अखिलेश व पत्नी डिम्पल और भाई प्रतीक यादव की संपत्तियों की जांच करने का आदेश दिया था। हालांकि 2012 में सुप्रीम कोर्ट ने डिम्पल को इस मामले से यह कह कर बाहर कर दिया था कि वह किसी सार्वजनिक पद पर नहीं थीं।
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याचिका में कहा गया है कि जांच पूरी हो गई थी और पहली नजर में पाया गया था कि यादव परिवार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला बनता है। इस जांच को छह साल बीतने के बाद भी सीबीआई ने रिपोर्ट किसी अदालत में पेश नहीं की। 2013 में किए गए एक आकलन में ये संपत्ति आय से 24 करोड़ रुपये अधिक पाई गई थी।
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उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने मार्च 2007 में चतुर्वेदी की जनहित याचिका पर सीबीआई को मुलायम, अखिलेश व पत्नी डिम्पल और भाई प्रतीक यादव की संपत्तियों की जांच करने का आदेश दिया था। हालांकि 2012 में सुप्रीम कोर्ट ने डिम्पल को इस मामले से यह कह कर बाहर कर दिया था कि वह किसी सार्वजनिक पद पर नहीं थीं।
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