{"_id":"66cc445d1aaed294160dd885","slug":"cargo-ship-sinks-off-sagar-islands-11-crew-members-rescued-by-coast-guard-news-in-hindi-2024-08-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"मिसाल: सागर द्वीप में डूबा मालवाहक जहाज, तटरक्षक बलों ने बहादूरी दिखा बचाई 11 लोगों की जान","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
मिसाल: सागर द्वीप में डूबा मालवाहक जहाज, तटरक्षक बलों ने बहादूरी दिखा बचाई 11 लोगों की जान
Mon, 26 Aug 2024 02:31 PM IST
काव्या मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: काव्या मिश्रा
Updated Mon, 26 Aug 2024 02:31 PM IST
सार
अधिकारियों ने बताया कि खराब मौसम के कारण जहाज सागर द्वीप के दक्षिण में 70 समुद्री मील पर डूब गया। चालक दल के तीन सदस्य अभी भी लापता हैं।
विज्ञापन
मालवाहक जहाज डूबा
- फोटो : एएनआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारतीय तटरक्षक बलों की बहादूरी आए दिन देखने को मिलती है। अब एक बार फिर 11 लोगों की जिंदगी बचाकर वाहवाही लूट ली है। दरअसल, कोलकत्ता से पोर्ट ब्लेयर जा रहे मालवाहक जहाज एमवी आईटीटी प्यूमा के चालक दल के सदस्यों को डूबने से बचाया। तटरक्षक बलों ने रविवार रात को बचाव अभियान चलाया था।
विज्ञापन
तीन लोग अभी भी लापता
अधिकारियों ने बताया कि खराब मौसम के कारण जहाज सागर द्वीप के दक्षिण में 70 समुद्री मील की दूरी पर डूब गया था। तटरक्षक बल के अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि तीन सदस्य अभी भी लापता हैं।
विज्ञापन
भारतीय तटरक्षक बल के अधिकारी ने कहा, 'रात भर एक समन्वित समुद्री-वायु खोज और बचाव (एसएआर) अभियान चलाया गया। इससे 11 लोगों की जान बचाई जा सकी। मालवाहक जहाज एमवी आईटीटी प्यूमा सागर द्वीप से 70 समुद्री मील दक्षिण में डूब गया।'
विज्ञापन
जहाजों और विमान की ली मदद
उन्होंने बताया कि चुनौतीपूर्ण बचाव में तटरक्षक जहाजों सारंग और अमोघ के समन्वित प्रयासों के साथ-साथ एक डोर्नियर विमान ने भी मदद की।
कोलकाता से करीब 80 किलोमीटर दूर डूबा
तटरक्षक बल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मुंबई में पंजीकृत 75 टन वजन ले जाने की क्षमता वाला जहाज कोलकाता से करीब 80 किलोमीटर दूर डूब गया। उन्होंने कहा, 'तटरक्षक हल्दिया को कल सागर वीटीएस (वेसल ट्रैकिंग सिस्टम) से सूचना मिली थी। तटरक्षक डोर्नियर विमान ने रात साढ़े नौ बजे इसका पता लगाया। बाद में आईसीजी पोत सारंग और अमोघ रात नौ बजकर 45 मिनट पर वहां पहुंचे और तलाश एवं बचाव अभियान शुरू किया।'