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Carbon Emission: सऊदी की राष्ट्रीय तेल कंपनी अरामको उत्सर्जन में शीर्ष पर, भारत की कोल इंडिया शीर्ष 10 में
Tue, 09 Apr 2024 08:16 AM IST
यशोधन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: यशोधन शर्मा
Updated Tue, 09 Apr 2024 08:16 AM IST
सार
विश्लेषण के अनुसार, अधिकतर मेगा उत्पादकों ने पेरिस जलवायु समझौते के बाद जीवाश्म ईंधन उत्पादन और संबंधित उत्सर्जन में पिछले सात वर्षों की तुलना में वृद्धि की है। इस अवधि के दौरान 100 में से 58 कंपनियों के उत्सर्जन में वृद्धि देखी गई।
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कार्बन का उत्सर्जन
- फोटो : Social Media
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विस्तार
पेरिस समझौते के बाद से दुनिया में जीवाश्म ईंधन की वजह से हुए 80 फीसदी कार्बन डाइऑक्साइड (सीओ2) उत्सर्जन के लिए 57 कंपनियां और उत्पादक जिम्मेदार हैं। ये कंपनियां दुनियाभर में जीवाश्म ईंधन और सीमेंट उत्पादन से जुड़ी हैं।
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लंदन स्थित थिंक टैंक इन्फ्लुएंस मैप की ओर से जारी विश्लेषण के अनुसार, शीर्ष उत्सर्जकों में पहले स्थान पर सऊदी अरब की राष्ट्रीय तेल कंपनी सऊदी अरामको रही, जो 2016 से 2022 के बीच वैश्विक स्तर पर हुए कुल सीओ2 उत्सर्जन के 4.8 फीसदी के लिए जिम्मेदार थी। दूसरे स्थान पर रूस की गैजप्रॉम रही। कार्बन मेजर्स दुनिया में तेल, गैस, कोयला और सीमेंट उत्पादन से जुड़ी सबसे बड़ी कंपनियों का डाटाबेस है। यह जीवाश्म ईंधन और सीमेंट उत्पादन और उत्पादों के उपयोग से होने वाले उत्सर्जन को मापने में मदद करता है।
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विश्लेषण के अनुसार, अधिकतर मेगा उत्पादकों ने पेरिस जलवायु समझौते के बाद जीवाश्म ईंधन उत्पादन और संबंधित उत्सर्जन में पिछले सात वर्षों की तुलना में वृद्धि की है। इस अवधि के दौरान 100 में से 58 कंपनियों के उत्सर्जन में वृद्धि देखी गई। सबसे ज्यादा वृद्धि एशिया में हुई। एशियाई देशों की 15 में से 13 कंपनियां ने 2009 से 2015 की तुलना में 2016 से 2022 के बीच करीब चार फीसदी ज्यादा उत्सर्जन किया।
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ये कंपनियां जिम्मेदार
रिपोर्ट के अनुसार जिस 1,42,100 करोड़ मीट्रिक टन सीओ2 उत्सर्जन को ट्रैक किया गया है, उसके 31 फीसदी (44,000 करोड़ मीट्रिक टन) के लिए शेवरॉन, एक्सॉनमोबिल और बीपी प्रमुख हैं। वहीं, 33 फीसदी (46,500 करोड़ मीट्रिक टन) के लिए सऊदी अरामको, गैजप्रॉम, कोल इंडिया और नेशनल ईरानी ऑयल कंपनी प्रमुख हैं। शेष 36 फीसदी (51,600 करोड़ टन) के लिए राष्ट्र और राज्य के अधीन कंपनियां जिम्मेदार हैं। इनमें चीन और रूस में हो रहे कोयला उत्पादन से जुड़ी कंपनियां प्रमुख रूप से जिम्मेदार हैं।
सूची में भारत की चार कंपनियां
1854 से 2022 के बीच सीओ2 उत्सर्जन में योगदान देने वाले दुनिया के 122 प्रमुख तेल, गैस, कोयला और सीमेंट उत्पादकों की सूची में भारत की चार कंपनियों को भी शामिल किया गया है। इसमें कोल इंडिया को 10वें स्थान है। कोल इंडिया इस दौरान हुए वैश्विक सीओ2 उत्सर्जन में 1.49 फीसदी (2,939.1 करोड़ मीट्रिक टन) के लिए उत्तरदायी है। इसके अलावा ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ओएनजीसी) 46वें स्थान पर है। इसी तरह सिंगरेनी कोलियरीज 61वें और अदाणी एंटरप्राइजेज 118वें स्थान पर हैं।