फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   CAPF troops suffering permanent disability to get financial package, due pay and honour: Home secy

CAPF: केंद्रीय गृह सचिव बोले- सेवा में बने रहेंगे सीएपीएफ के घायल जवान, मिलेगा पूरा वेतन और सम्मान

Sun, 27 Jul 2025 05:36 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: निर्मल कांत Updated Sun, 27 Jul 2025 05:36 PM IST
सार

Govid Mohan: केंद्रीय गृह सचिव ने कहा कि ड्यूटी के दौरान हाथ-पांव गंवाने या स्थायी रूप से घायल होने वाले सीएपीएप के जवानों को अब सेवा से नहीं हटाया जाएगा। उन्हें पूरी नौकरी, वेतन, पदोन्नति और एकमुश्त आर्थिक सहायता मिलेगी।

विज्ञापन
CAPF troops suffering permanent disability to get financial package, due pay and honour: Home secy
गृह सचिव गोविंद मोहन। - फोटो : पीआईबी (फाइल)

विस्तार

केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) के वे अधिकारी और जवान जो ड्यूटी के दौरान अपने हाथ-पांव खो देते हैं या किसी स्थायी रूप से शारीरिक रूप से अक्षम हो जाते हैं, उन्हें अब नौकरी से नहीं निकाला जाएगा। वे सेवा में बने रहेंगे और उन्हें समय पर पदोन्नति और वेतन भी मिलता रहेगा। इसके अलावा, सरकार की ओर से उन्हें एकमुश्त आर्थिक पैकेज भी दिया जाएगा। यह जानकारी केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने रविवार को दी।
विज्ञापन


गृह सचिव ने यह बात केंद्रीय आरक्षित पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 87वें स्थापना दिवस के मौके पर जवानों को संबोधित करते हुए कही। सीएपीएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने 'पीटीआई' को बताया कि इस योजना को लागू करने के लिए सीआरपीएफ के महानिदेशक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में एक समिति बनाई गई है। यह समिति कुछ महीनों में अपनी सिफारिशें देगी और योजना की रूपरेखा तैयार करेगी।
विज्ञापन


अधिकारी ने बताया कि पिछले कई दशकों में सैकड़ों जवान ड्यूटी के दौरान आईईडी विस्फोट या अन्य हमलों में अपने हाथ, पांव या आंखें गंवा चुके हैं और स्थायी रूप से दिव्यांग हो गए हैं। हालांकि, ऐसे बहुत कम मामले हैं, जहां किसी जवान को केवल चोट के कारण सेवा से हटाया गया हो, लेकिन कई जवानों को फिटनेस मानकों पर खरे न उतरने की वजह से पदोन्नति नहीं मिल पाती। समिति इस बात पर काम करेगी कि कैसे इन मानकों में ढील दी जाए, ताकि घायल और दिव्यांग जवानों को भी वह सभी सुविधाएं और पदोन्नतियां मिलें, जो सामान्य रूप से मिलनी चाहिए थीं।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: देश के 63 जिलों में 50% से अधिक बच्चे कुपोषित, उत्तर प्रदेश के 34 जिले सबसे ज्यादा प्रभावित

गृह सचिव ने कहा कि गृह मंत्रालय ने फैसला किया है कि ड्यूटी के दौरान घायल हुए जवानों और अधिकारियों को सेवा से नहीं हटाया जाएगा। उन्हें सीएपीएफ की चुनिंदा इकाइयों में तैनात किया जाएगा और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि उनका वेतन और भत्ते सेवानिवृत्ति तक मिलते रहें। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे बहादुर जवानों को पूरा सम्मान और गरिमा के साथ काम करने का अवसर दिया जाएगा, ताकि वे सम्मान के साथ अपनी सेवा पूरी कर सकें। 

गृह सचिव ने बताया कि केंद्र सरकार दुनिया की बेहतरीन प्रणालियों की तर्ज पर इन जवानों के लिए अंग प्रत्यारोपण जैसी सुविधाएं भी मुहैया कराएगी  उन्होंने कहा कि इन जवानों को एक 'मूल न्यूनतम आर्थिक पैकेज' भी दिया जाएगा। इसके लिए फंड की व्यवस्था सरकार की किसी मौजूदा योजना से या फिर संबंधित बलों के बजट से की जाएगी।

गृह सचिव ने कहा, ह सब इसलिए किया जा रहा है, ताकि हमारे जवानों को यह विश्वास हो कि भारत सरकार और गृह मंत्रालय हर परिस्थिति में उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने जवानों से कहा कि वे नई चुनौतियों के लिए तैयार रहें और तकनीक को अपनाएं, क्योंकि यह खुफिया अभियान के समय उनका सबसे अच्छा साथी है। गृह मंत्रालय यह सुनिश्चित करेगा कि अभियान में लगे जवानों को शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं से बचाने के लिए उन्हें नई तकनीक और उपकरण दिए जाएं।


ये भी पढ़ें: दुष्कर्म का आरोपी बीजेडी पार्षद अमरेश जेना और उसके पांच सहयोगी गिरफ्तार, पार्टी ने किया निलंबित

गोविंद मोहन ने बताया कि गृहमंत्री अमित शाह ने शनिवार को सुरक्षा अधिकारियों की एक बैठक में कहा कि जैसे-जैसे भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊंचा मुकाम हासिल कर रहा है, वैसे-वैसे सुरक्षा संबंधी चुनौतियां भी बढ़ेंगी। ऐसे में सीआरपीएफ जैसे बलों की भूमिका और भी अहम हो जाएगी।

गृह सचिव ने बताया कि उन्होंने हाल ही में मणिपुर का दौरा किया, जहां उन्होंने देखा कि ड्यूटी पर तैनात महिला कर्मियों को बुनियादी सुविधाओं की कमी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि वामपंथी उग्रवाद प्रभावित इलाकों में तैनात सीएपीएफ के जवानों के शिविरों में भी सड़क, बिजली, पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं। उन्होंने कहा, गृह मंत्रालय यह सुनिश्चित करेगा कि इन सभी जरूरी सुविधाओं को जल्द से जल्द उपलब्ध कराया जाए। कार्यक्रम के दौरान गृह सचिव ने वीरता के लिए सीआरपीएफ के जवानों और बलिदानियों के परिवारों को वीरता पदक भी प्रदान किए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed