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Police Dogs: वीआईपी मेहमानों का स्वागत नहीं करेंगे पुलिस के कुत्ते, अब सिर्फ इस काम के लिए होगा उपयोग
Fri, 09 Jun 2023 04:20 PM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Fri, 09 Jun 2023 04:20 PM IST
सार
विशेषज्ञों ने जोर देकर कहा कि प्रशिक्षित कुत्ते सुरक्षा, खुफिया और सीमा शुल्क से संबंधित कार्यों के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण संसाधन हैं
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला, नई दिल्ली
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विस्तार
अक्सर हम देखते हैं पुलिस के कार्यक्रम में किसी वीआईपी का स्वागत करने या बधाई देने के लिए फूल देने के लिए कुत्तों का उपयोग किया जाता है। लेकिन पुलिस डॉग विशेषज्ञों के एक पैनल ने सिफारिश की है कि अब कुत्तों का उपयोग सिर्फ संदिग्धों को पकड़ने और प्रतिबंधित वस्तुओं जैसे आईईडी को सूंघने जैसे विशिष्ट कार्यों के लिए किया जाना चाहिए।
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साथ ही विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि इसके बजाय पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) के रेजिमेंटल कार्यों के दौरान दर्शकों के मनोरंजन के लिए एक अलग डेमो डॉग यूनिट बनाई जा सकती है। पुलिस डॉग यूनिट को केनाइन (K9) कहा जाता है। सेना के अलावा विभिन्न राज्य और केंद्रीय पुलिस बलों से लिए गए विशेषज्ञों के पैनल ने केनाइन सेमिनार को रोकने की सिफारिश की थी।
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पीटीआई से बात करते हुए अधिकारियों ने बताया कि अनुसार, विशेषज्ञों ने जोर देकर कहा कि प्रशिक्षित कुत्ते सुरक्षा, खुफिया और सीमा शुल्क से संबंधित कार्यों के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण संसाधन हैं और उन्हें स्टूल पर बैठाते हैं, फूलों का गुलदस्ता दिलवाते हैं ये ठीक नहीं है। हमें इस सर्कस डॉग शो से बचा जाना चाहिए और इसे बंद कर दिया जाना चाहिए।
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एक वरिष्ठ पुलिस केनाइन अधिकारी ने कहा कि पिछले एक दशक में पुलिस और सीएपीएफ ने बड़ी संख्या में कैनाइन स्क्वॉड बनाए हैं, उन्हें शो डॉग के रूप में इस्तेमाल करने का चलन धीरे-धीरे बढ़ा है। कुछ पुलिस संगठनों ने इसे पहले किया और अन्य ने इसका पालन किया।
अधिकारी ने कहा कि इन कुत्तों द्वारा वीआईपी स्वागत करना कुछ भी गलत नहीं है, वास्तव में, यह उनके प्रशिक्षण और आज्ञाकारिता पाठ्यक्रम का एक हिस्सा होना चाहिए, लेकिन ऑपरेशनल और लड़ाकू कुत्तों को बख्शा जाना चाहिए और कुछ आरक्षित कुत्तों को इस तरह की चीजों के लिए रखा जा सकता है।
ऑपरेशनल डॉग्स वे होते हैं जिन्हें इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइसेज (आईईडी जैसे विस्फोटक पदार्थ) का पता लगाने, नशीले पदार्थों को सूंघने, संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान करने, किसी आपदा के जीवित पीड़ितों या पुलिस कैंप या संवेदनशील प्रतिष्ठान के लिए गार्ड ड्यूटी में प्रशिक्षित किया जाता है।
रिपोर्ट के अनुसार, राज्य पुलिस बलों के अलावा सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, एसएसबी और सीआईएसएफ अपने कार्यक्रमों में आने वाले अतिथि या वीआईपी को बुके या औपचारिक बैनर के साथ स्वागत करने के लिए अपने लड़ाकू कुत्तों का इस्तेमाल कर रहे हैं। अखिल भारतीय सम्मेलन में एनडीआरएफ और इसी तरह के राज्य बलों जैसे आपदा बचाव बलों के लिए कैडेवर कुत्तों के भारत के पहले बैच को प्रशिक्षित करने पर भी विचार-विमर्श किया गया ताकि वे मानव निर्मित या प्राकृतिक आपदा के कारण मारे गए लोगों को सूंघ सकें।