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कलकत्ता हाईकोर्ट : स्वेच्छा से बनाए यौन संबंध पॉक्सो कानून के तहत अपराध नहीं
Thu, 23 Sep 2021 07:41 AM IST
Kuldeep Singh
एजेंसी, कोलकाता
एजेंसी, कोलकाता
Published by: Kuldeep Singh
Updated Thu, 23 Sep 2021 07:41 AM IST
सार
सहमति से बने यौन संबंध के मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा, स्वेच्छा से बनाए यौन संबंध प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्शुअल ऑफेंसेस एक्ट (पॉक्सो) 2012 के तहत अपराध नहीं माने जा सकते। अगर संबंध दोनों की सहमति से हैं, तो पुरुष को केवल इसलिए दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए क्योंकि उसकी शारीरिक बनावट अलग है।
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Calcutta High Court
- फोटो : www.calcuttahighcourt.gov.in
विस्तार
कलकत्ता हाईकोर्ट ने 22 साल के युवक व साढ़े 16 साल की नाबालिग में सहमति से बने यौन संबंध के मामले में युवक को दुष्कर्म के आरोप से मुक्त कर रिहा करने का आदेश दिया है।
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कलकत्ता हाईकोर्ट ने दुष्कर्म के आरोपी को किया रिहा
हाईकोर्ट ने कहा, स्वेच्छा से बनाए यौन संबंध प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्शुअल ऑफेंसेस एक्ट (पॉक्सो) 2012 के तहत अपराध नहीं माने जा सकते। अगर संबंध दोनों की सहमति से हैं, तो पुरुष को केवल इसलिए दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए क्योंकि उसकी शारीरिक बनावट अलग है।
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पॉक्सो अधिनियम बच्चों की सुरक्षा के लिए है, इसका इस्तेमाल किसी व्यक्ति को परेशान करने या किसी अन्य से जबरन विवाह करवाने में नहीं होना चाहिए। इस मामले में युवक को निचली अदालत ने दुष्कर्म का दोषी माना था। उसे पॉक्सो में भी दोषी करार दिया था।
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