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Calcutta High Court: दो जजों की पीठ ने CBI FIR रद्द की, आरक्षित श्रेणी प्रमाणपत्र में अनियमितताओं का मामला
Thu, 25 Jan 2024 08:13 PM IST
ज्योति भास्कर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कलकत्ता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कलकत्ता
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Thu, 25 Jan 2024 08:13 PM IST
सार
मेडिकल कॉलेजों में फर्जी प्रमाण पत्रों के कथित उपयोग के आरोपों वाले मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट ने अहम आदेश पारित किया है। हाईकोर्ट में दो जजों की बेंच ने आरक्षित श्रेणी के इन प्रमाणपत्रों में कथित अनियमितताओं को लेकर सीबीआई की एफआईआर को रद्द करने का आदेश पारित किया है।
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कलकत्ता हाईकोर्ट
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
कलकत्ता उच्च न्यायालय में दो जजों की खंडपीठ ने आरक्षित श्रेणी के प्रमाणपत्र जारी करने के मामले में सीबीआई की प्राथमिकी को रद्द कर दिया है। उम्मीदवारों के प्रवेश में कथित अनियमितताओं के आरोपों वाले इस मामले में मेडिकल कॉलेजों में फर्जी प्रमाण पत्रों के उपयोग के कथित आरोप सामने आए थे। न्यायमूर्ति सौमेन सेन और जस्टिस उदय कुमार की खंडपीठ ने एकल पीठ के आदेश के आधार पर गुरुवार को सीबीआई द्वारा दायर एक प्राथमिकी को रद्द कर दिया।
खंडपीठ ने कहा, स्थगन आदेश अवकाश से पहले पारित किया गया था। बुधवार को दूसरे पहर में एकल पीठ के आदेश के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई। खंडपीठ ने कहा, एफआईआर को रद्द करने के बाद सीबीआई को सौंपे गए सभी दस्तावेज 29 जनवरी तक वापस किए जाएं।
न्यायमूर्ति सौमेन सेन की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल को 5 फरवरी तक रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश भी दिया। खंडपीठ में न्यायमूर्ति उदय कुमार भी शामिल थे। पीठ ने कहा कि संदेशखाली में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों पर हमला मामले में एकल पीठ के आदेश की कोई प्रासंगिकता नहीं है।
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इससे पहले न्यायमूर्ति अभिजीत गंगोपाध्याय ने बुधवार के आदेश में कहा था कि राज्य की पुलिस ईडी अधिकारियों पर भीड़ के हमले के आरोपी शाहजहां शेख को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। अदालत ऐसी पुलिस पर भरोसा नहीं कर सकती।
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खंडपीठ ने कहा, स्थगन आदेश अवकाश से पहले पारित किया गया था। बुधवार को दूसरे पहर में एकल पीठ के आदेश के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई। खंडपीठ ने कहा, एफआईआर को रद्द करने के बाद सीबीआई को सौंपे गए सभी दस्तावेज 29 जनवरी तक वापस किए जाएं।
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न्यायमूर्ति सौमेन सेन की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल को 5 फरवरी तक रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश भी दिया। खंडपीठ में न्यायमूर्ति उदय कुमार भी शामिल थे। पीठ ने कहा कि संदेशखाली में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों पर हमला मामले में एकल पीठ के आदेश की कोई प्रासंगिकता नहीं है।
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इससे पहले न्यायमूर्ति अभिजीत गंगोपाध्याय ने बुधवार के आदेश में कहा था कि राज्य की पुलिस ईडी अधिकारियों पर भीड़ के हमले के आरोपी शाहजहां शेख को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। अदालत ऐसी पुलिस पर भरोसा नहीं कर सकती।