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लोकसभा: कैग ने आईटी, दूरसंचार मंत्रालयों की इकाइयों की फैसलों पर उठाए सवाल
Wed, 01 Dec 2021 03:49 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Wed, 01 Dec 2021 03:49 AM IST
सार
लोकसभा में सोमवार को पेश कैग की रिपोर्ट के अनुसार, एनआईसीएसआई (नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर सर्विसेज इंक) ने रणनीतिक गठबंधन के जरिए 890.34 करोड़ रुपये मूल्य के हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर खरीदे। यह सामान्य वित्तीय नियम, 2005 और विभागीय निर्देशों का उल्लंघन था।
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सांकेतिक तस्वीर....
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और दूरसंचार मंत्रालयों के अंतर्गत आने वाली इकाइयों के खातों में कई अनियमितताओं को उजागर किया है। इसमें एनआईसीएसआई द्वारा नियमों का उल्लंघन कर 890 करोड़ रुपये मूल्य के हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर की खरीद का मामला भी शामिल है।
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कैग ने वित्तवर्ष 2017-18 और 2018-19 के लिए अपनी ऑडिट रिपोर्ट में सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल, सी-डॉट, डाक विभाग, आईटीआई लिमिटेड और सीडीएसी की निर्णय प्रक्रिया में विसंगतियों का खुलासा करते हुए कहा है कि इसकी वजह से इन इकाइयों पर प्रतिकूल वित्तीय प्रभाव पड़ा।
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लोकसभा में सोमवार को पेश कैग की रिपोर्ट के अनुसार, एनआईसीएसआई (नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर सर्विसेज इंक) ने रणनीतिक गठबंधन के जरिए 890.34 करोड़ रुपये मूल्य के हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर खरीदे। यह सामान्य वित्तीय नियम, 2005 और विभागीय निर्देशों का उल्लंघन था। यह खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने में विफल रही।
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एनआईसीएसआई सरकारी विभागों को आईटी से जुड़ी ढांचागत सुविधाएं प्रदान करती है। कैग ने दूरसंचार इंजीनियरिंग केंद्र (टीईसी) द्वारा प्रयोगशालाओं की स्थापना में देरी, कमियों आदि को लेकर उसकी खिंचाई की है।
रिपोर्ट में सिफारिश की गई है कि दूरसंचार विभाग (डीओटी) की एक उच्चस्तरीय तकनीकी समिति को सभी नौ प्रयोगशालाओं की स्थिति की समीक्षा करनी चाहिए और उन्हें जल्द से जल्द पूरा करने का खाका तैयार करना चाहिए।