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आमदनी अठन्नी खर्चा रुपैया : 100 रुपये कमाने को 98 रुपये खर्च कर रहा रेलवे
Mon, 02 Dec 2019 10:44 PM IST
अमित कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमित कुमार
Updated Mon, 02 Dec 2019 10:44 PM IST
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भारतीय रेल
- फोटो : Shutterstock
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आमदनी अठन्नी खर्चा रुपैया। कैग की रिपोर्ट देखकर आपको रेलवे की खस्ता माली हालत का अंदाजा लगाना आसान हो जाएगा। संसद में सोमवार को पेश की गई कैग रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि रेलवे 10 वर्ष के अपने सबसे बुरे समय से गुजर रही है।
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हालत यह है कि 100 रुपये की कमाई करने के लिए उसे 98.44 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। कैग रिपोर्ट में रेलवे के परिचालन अनुपात की वास्तविक स्थिति दिखाई है। 2015—16 में परिचालन अनुपात 90.49 फीसदी था, 2016—17 में बढ़कर यह 96.5 प्रतिशत हो गया। मगर 2017—18 में यह 10 साल के उच्च स्तर पर 98.44 रुपये पहुंच गया।
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साल दर साल बढ़ता परिचालन अनुपात
| वर्ष | अनुपात |
| 2008-09 | 90.48 |
| 2009-10 | 95.28 |
| 2010-11 | 94.59 |
| 2011-12 | 94.85 |
| 2012-13 | 90.19 |
| 2013-14 | 93.60 |
| 2014-15 | 91.25 |
| 2015-16 | 90.49 |
| 2016-17 | 96.50 |
| 2017-18 | 98.44 |
कैग ने सिफारिश की है कि रेलवे को अपनी कमाई बढ़ाने के लिए उपाय करने चाहिए ताकि बजटीय संसाधनों पर निर्भरता कम की जा सके।
रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2017—18 में भारतीय रेल का कुल खर्च 2 लाख 68 हजार 759.62 करोड़ रुपये से बढ़कर 2 लाख 79 हजार 249.50 करोड़ रुपये हो गया। इसमें पूंजीगत व्यय 5.82 प्रतिशत घटा है जबकि राजस्व खर्च में 10.47 प्रतिशत की वृद्धि हुई। कर्मचारी लागत, पेंशन भुगतानों और रेल डिब्बे के किराए मद में खर्च कुल व्यय का 71 फीसदी रहा।
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