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Hindi News ›   India News ›   Cabinet Nod to Press and Registration of Periodicals Bill to do away provision for prosecution of publishers

Cabinet: प्रकाशकों के खिलाफ मुकदमा और सजा का प्रावधान होगा खत्म, विधेयक को मंत्रिमंडल ने दी मंजूरी

Thu, 20 Jul 2023 06:46 AM IST
गुलाम अहमद अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: गुलाम अहमद Updated Thu, 20 Jul 2023 06:46 AM IST
सार

नए विधेयक का उद्देश्य भारत के समाचार पत्र रजिस्ट्रार के पास समाचार पत्रों के पंजीकरण के लिए सरल ऑनलाइन प्रणाली प्रदान करना है। 
 

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Cabinet Nod to Press and Registration of Periodicals Bill to do away provision for prosecution of publishers
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर। - फोटो : एएनआई

विस्तार

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को प्रेस और पत्रिकाओं के पंजीकरण विधेयक को मंजूरी दे दी। इसमें प्रकाशकों के खिलाफ मुकदमा चलाने और कारावास के प्रावधान को खत्म करने और पत्रिकाओं के लिए पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाने का प्रावधान है।
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प्रेस और पत्रिकाओं का पंजीकरण विधेयक, प्रेस एवं पुस्तकों के पंजीकरण (पीआरबी) अधिनियम, 1867 की जगह लेगा जो देश में प्रिंट और प्रकाशन उद्योग के पंजीकरण को नियंत्रित करता है। नए विधेयक का उद्देश्य भारत के समाचार पत्र रजिस्ट्रार के पास समाचार पत्रों के पंजीकरण के लिए सरल ऑनलाइन प्रणाली प्रदान करना है। 
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पारदर्शिता लाना उद्देश्य
विधेयक का उद्देश्य पारदर्शिता और व्यापार करने में आसानी लाना है। यह एक ऐसी प्रक्रिया प्रदान करेगा जो मानव इंटरफेस के बिना एक ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से सरल है। इस कदम से छोटे और मध्यम प्रकाशकों को मदद मिलेगी। विधेयक उन दो प्रावधानों को भी खत्म करता है जिनके लिए प्रकाशकों और मुद्रकों को जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष घोषणा पत्र दाखिल करना आवश्यक था।
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बिना मानक वाली बोतलों के लिए दो साल तक की सजा
केंद्र सरकार ने घटिया सामान के आयात को रोकने और घरेलू स्तर पर उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए इंसुलेटेड फ्लास्क, बोतलों और कंटेनरों के लिए अनिवार्य गुणवत्ता मानदंड जारी कर दिया है। अधिसूचना के मुताबिक, भारत मानक ब्यूरो (बीआईएस) अधिनियम के प्रावधान का उल्लंघन करने पर पहली बार अपराध के लिए दो साल तक की कैद या कम से कम दो लाख रुपये का जुर्माना हो सकता है। दूसरे और उसके बाद के अपराध के मामले में जुर्माना बढ़कर न्यूनतम पांच लाख और वस्तुओं के मूल्य के 10 गुना तक बढ़ जाएगा।

कुछ गेमिंग कंपनियों ने सिस्टम के साथ किया खिलवाड़ : चंद्रशेखर
इधर, केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने बुधवार को कहा कि कुछ गेमिंग कंपनियों ने ‘सिस्टम के साथ खिलवाड़’ किया, जुए का धंधा चलाने के लिए गेमिंग कंपनियों का वेश धारण किया और अतीत में करों का भुगतान नहीं किया। ऑनलाइन गेमिंग पर 28 प्रतिशत कर लगाने के जीएसटी परिषद के फैसले पर विवाद के बीच इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री ने कहा कि ऐसे ऑनलाइन गेमिंग पर जीएसटी कम करने के पक्ष में हैं जिनकी देश में अनुमति है। इसके लिए उन्होंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से बात भी की है। चंद्रशेखर ने एक मीडिया कंपनी के कार्यक्रम में यह बात कही।


जीएसटी के फैसले को इस क्षेत्र के लिए बड़ा झटका मानने से इनकार करते हुए चंद्रशेखर ने कहा, ऑनलाइन गेमिंग में ‘बुरे लोग’ भी रहे हैं और ज्यादा जीएसटी लगाने के पक्ष में मतदान करने वाले राज्यों ने अपने अनुभवों के आधार पर ही ऐसा किया है। उन्होंने कहा, इसे उद्योग के लिए झटका मानने की बात से हम परेशान हैं लेकिन ऐसे भी लोग हैं जिन्होंने गेमिंग कंपनी का रूप लेकर इस सिस्टम से ही खेल किया है।
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