मोदी की कैबिनेट बैठक, उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लागू होने के आसार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तराखंड में बढ़ते राजनीतिक गहमागहमी के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पर शनिवार की रात कैबिनेट स्तर के मंत्रियों की बैठक हुई। इस बैठक में उत्तराखंड में सरकार के गठन और उससे पहले राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की संभावनाओं पर चर्चा की संभावना जताई जा रही है।
प्रधानमंत्री आवास पर हुए इस बैठक में सरकार के लगभग सभी कैबिनेट मंत्रियों ने हिस्सा लिया जिसमें वित्त मंत्री अरुण जेटली भी शामिल थे। मोदी के आवास पर हुई इस बैठक में निश्चित तौर पर उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लगाने के लिए राष्ट्रपति को प्रस्ताव भेजने पर चर्चा होने की संभावना थी जिसके बाद कांग्रेस ने इस बैठक को लोकतंत्र के खिलाफ बताया।
कांग्रेस की नेता अंबिका सोनी ने इस बैठक पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा और केंद्र सरकार उत्तराखंड में चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने का षड़यंत्र रच रही है। वो सरकार को अस्थिर करना चाहते हैं।
सोनी ने कहा, 'हमें हमारे सूत्रों से पता चला है कि कैबिनेट स्तर की इस बैठक को उत्तराखंड में पैदा हुए हालात पर चर्चा करने के लिए बुलाया गया था। इस बैठक एक स्टिंग ऑपरेशन के सामने आने के बाद किया गया है।'
उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि उत्तराखंड में जनता की चुनी हुई सरकार है और केंद्र सरकार जबरदस्ती वहां राष्ट्रपति शासन लागू कराना चाहती है। मोदी कैबिनेट का यह फैसला जनता के निर्णय के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि केवल एक स्टिंग ऑपरेशन का वीडियो सामने आने के बाद इतना बड़ा फैसला नहीं किया जा सकता। पहले उस वीडियो के सत्यता की जांच होनी चाहिए।
गौरतलब है कि शनिवार को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत का एक स्टिंग ऑपरेशन सामने आया था जिसमें वह बागी विधायकों की खरीद फरोख्त के बारे में बात करते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद जहां एक ओर भाजपा को सरकार पर हमला करने का मौका मिल गया वहीं दूसरी ओर रावत ने इस वीडियो को फर्जी करार देते हुए इसकी जांच की मांग की।