फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   cabinet meeting decided to facilitate sale and purchase of produce to the members of the committees

Delhi: कैबिनेट का फैसला, समितियों के सदस्यों को उपज की खरीद के साथ बिक्री की मिलेगी सुविधा

Thu, 16 Feb 2023 07:42 AM IST
वीरेंद्र शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: वीरेंद्र शर्मा Updated Thu, 16 Feb 2023 07:42 AM IST
सार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस पर फैसला हुआ। सहकारिता मंत्रालय मत्स्य, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं के समावेश के माध्यम से मौजूदा पीएसीएस/डेयरी/मत्स्य सहकारी समितियों को मजबूत करना चाहता है।

विज्ञापन
cabinet meeting decided to facilitate sale and purchase of produce to the members of the committees
सहकारी समिति सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

नई प्राथमिक कृषि ऋण समितियां (पैक्स) और डेयरी-मत्स्य समितियों से जुड़े परियोजना के कार्यान्वयन के लिए कार्ययोजना राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड), राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) व राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड (एनएफडीबी) तैयार करेंगे।
विज्ञापन


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस पर फैसला हुआ। सहकारिता मंत्रालय मत्स्य, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं के समावेश के माध्यम से मौजूदा पीएसीएस/डेयरी/मत्स्य सहकारी समितियों को मजबूत करना चाहता है। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने बैठक के बाद कहा कि सरकार के फैसले से सहकारी समितियों के किसान सदस्यों को उनकी उपज की खरीद के साथ बिक्री की सुविधा मिलेगी। साथ ही ग्रामीण स्तर पर ही ऋण सुविधाएं हासिल करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि देश की सभी पंचायतों में पैक्स सुविधा हो। पैक्स को हर तरह की सुविधा से लैस कर किसानों की आमदनी बढ़ाई जाए।
विज्ञापन


प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) की संख्या करीब 98,995 है और इनके सदस्यों की संख्या 13 करोड़ है। पैक्स सदस्य किसानों को अल्पकालिक और मध्यम अवधि के ऋण और बीज, उर्वरक, कीटनाशक वितरण आदि जैसी अन्य इनपुट सेवाएं प्रदान करती है। इन्हें नाबार्ड की ओर से 352 जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों (डीसीसीबी) और 34 राज्य सहकारी बैंकों (एसटीसीबी) के माध्यम से पुन:वित्त पोषित किया गया है। प्राथमिक डेयरी सहकारी समितियों की संख्या 1,99,182 है और इसमें करीब 1.5 करोड़ सदस्य हैं। ये समितियां किसानों से दूध की खरीद करने, सदस्यों को दूध परीक्षण सुविधाएं, पशु चारा बिक्री, विस्तार सेवाएं आदि प्रदान करने में लगी हुई हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


प्राथमिक मत्स्य सहकारी समितियों की संख्या लगभग 25,297 है और इनमें सदस्यों की संख्या 38 लाख है। ये समाज के सबसे हाशिए वाले वर्गों में से एक की जरूरतों को पूरा करती हैं, उन्हें विपणन सुविधाएं प्रदान करती हैं, मछली पकड़ने के उपकरण, मछली के बीज और चारे की खरीद में सहायता करती हैं तथा सदस्यों को सीमित पैमाने पर ऋण सुविधाएं भी प्रदान करती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed