{"_id":"5b1486c54f1c1bf36e8b6102","slug":"bullet-train-to-come-up-along-mumbai-nagpur-expressway","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुंबई-नागपुर एक्सप्रेसवे के साथ हो सकता है बुलेट ट्रेन का अगला कॉरिडोर","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
मुंबई-नागपुर एक्सप्रेसवे के साथ हो सकता है बुलेट ट्रेन का अगला कॉरिडोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Updated Mon, 04 Jun 2018 05:54 AM IST
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bullet train (फाइल फोटो)
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भारतीय रेलवे ने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के साथ मुंबई और नागपुर के बीच प्रस्तावित एक्सप्रेसवे के साथ एक रेल लाइन जोड़ने के लिए हाथ मिलाया है। इस परियोजना को स्थापित करने के लिए दोनों मिलकर काम करेंगे।
रेलवे मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि स्पैनिश सलाहकार इनेको के प्रस्तावित मुंबई-नागपुर एक्सप्रेसवे के साथ एक हाई स्पीड रेल लाइन बनाने का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण कर रहा है। इससे पहले हमने इसकी रिपोर्ट बनाई थी जो कि साकारात्मक है।
जमीन की स्थिति के आधार पर ऊंची रेल लाइन मध्य में या प्रस्तावित 800 किमी एक्सप्रेसवे के साथ बनाई जा सकती है। अधिकारी ने कहा कि नदियों को पार करने के लिए सुरंगों और पुलों का निर्माण भी किया जा सकता है। स्पेनिश टीम जल्द ही इस महत्वाकांक्षी परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए सार्वजनिक ट्रांसपोर्टर को वित्तीय पहलू सहित विस्तृत प्रस्तुति देने के लिए तैयार है।
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बता दें कि इसके बनने के बाद सड़क और रेल यात्रियों दोनों के लिए यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। क्योंकि एक्सप्रेसवे पूरी तरह से एक्सेस-नियंत्रित होगा, जबकि ऊंचा रेल ट्रैक एक निर्बाध हाई-स्पीड ट्रेन यात्रा सुनिश्चित करेगा। हालांकि भूमि अधिग्रहण एक गंभीर समस्या है, इसी कारण इस परियोजना में देरी भी हो रही है। मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल भी इसी समस्या का सामना कर रहा है।
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रेलवे मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि स्पैनिश सलाहकार इनेको के प्रस्तावित मुंबई-नागपुर एक्सप्रेसवे के साथ एक हाई स्पीड रेल लाइन बनाने का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण कर रहा है। इससे पहले हमने इसकी रिपोर्ट बनाई थी जो कि साकारात्मक है।
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जमीन की स्थिति के आधार पर ऊंची रेल लाइन मध्य में या प्रस्तावित 800 किमी एक्सप्रेसवे के साथ बनाई जा सकती है। अधिकारी ने कहा कि नदियों को पार करने के लिए सुरंगों और पुलों का निर्माण भी किया जा सकता है। स्पेनिश टीम जल्द ही इस महत्वाकांक्षी परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए सार्वजनिक ट्रांसपोर्टर को वित्तीय पहलू सहित विस्तृत प्रस्तुति देने के लिए तैयार है।
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बता दें कि इसके बनने के बाद सड़क और रेल यात्रियों दोनों के लिए यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। क्योंकि एक्सप्रेसवे पूरी तरह से एक्सेस-नियंत्रित होगा, जबकि ऊंचा रेल ट्रैक एक निर्बाध हाई-स्पीड ट्रेन यात्रा सुनिश्चित करेगा। हालांकि भूमि अधिग्रहण एक गंभीर समस्या है, इसी कारण इस परियोजना में देरी भी हो रही है। मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल भी इसी समस्या का सामना कर रहा है।