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Budget 2021: किसने सराहा, किसे नहीं आया पसंद, पढ़ें बजट पर किसने क्या कहा

Mon, 01 Feb 2021 05:02 PM IST
प्रदीप पाण्डेय टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: प्रदीप पाण्डेय Updated Mon, 01 Feb 2021 05:02 PM IST
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Budget 2021 reaction of Narendra modi Rahul gandhi amit shah and others
बजट 2021 - फोटो : अमर उजाला

कोरोना महामारी के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2021-22 पेश कर दिया है। देश के इतिहास में यह पहला बजट है जिसकी छपाई नहीं हुई है। बजट 2021 डिजिटल तौर पर टैबलेट के जरिए पेश किया गया है। इसके अलावा इस बार बजट के लिए खासतौर पर एक मोबाइल एप भी लॉन्च किया गया है जिस पर आप पूरे बजट को हिंदी और अंग्रेजी में पढ़ सकते हैं और उसकी पीडीएफ कॉपी को डाउनलोड कर सकते हैं। बजट 2021 से किसी को नाराजगी है तो किसी ने तारीफ भी की है। शेयर बाजार तो बजट के बाद झूम रहा है। आइए जानते हैं बजट 2021 को लेकर किसने क्या कहा है?

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प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बजट 2021 पर कहा, 'कोरोना के चलते कई एक्सपर्ट ये मानकर चल रहे थे कि सरकार आम नागरिकों पर बोझ बढ़ाएगी, लेकिन Fiscal sustainability के प्रति अपने दायित्वों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने बजट का साइज बढ़ाने पर जोर दिया। नियमों और प्रक्रियाओं को सरल बनाकर आम लोगों के जीवन मे इज ऑफ लिविंग को बढ़ाने पर इस बजट में जोर दिया गया है। ये बजट Individuals, Industry, Investors और साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में बहुत सकारात्मक बदलाव लाएगा।'
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अमित शाह
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, 'कोरोना महामारी में इस वर्ष का बजट बनाना निश्चित रूप से एक जटिल काम था। परंतु नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में निर्मला सीतारमण जी ने एक सर्वस्पर्शी बजट पेश किया है। यह आत्मनिर्भर भारत, 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था, किसानों की आय दो गुना करने के संकल्प का मार्ग प्रशस्त करेगा। कोरोना महामारी के बाद वैश्विक अर्थव्यवस्था रिसेटिंग मोड में है, मुझे विश्वास है कि यह बजट भारत को इस अवसर का इस्तेमाल करके वैश्विक परिदर्श्य में मजबूती से उभरने में सहायक होगा और भारत दुनिया की सबसे तेजी से आगे बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बनेगा।'
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राहुल गांधी
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि मोदी सरकार अपने कुछ उद्योगपति दोस्तों के हाथों में भारत की संपत्ति सौंपना चाहती है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, 'गरीबों के हाथों में नगदी भूल ही जाइए, मोदी सरकार ने देश की संपत्ति भी पूंजीपतियों के हाथ में सौंपने की योजना बनाई है।'

अमिताभ कांत
नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने कहा, 'शानदार बजट। यह न केवल हमारे कोविड रिकवरी के चरण में तेजी लाएगा बल्कि 3-4 साल के लिए एक दिशा भी प्रदान करेगा। सरकार ने इस बार बुनियादी ढांचे और संपत्ति के मुद्रीकरण पर ध्यान केंद्रित किया। सरकार की सोच दर्शाता है कि लंबी अवधि में निजी क्षेत्र को शामिल करना आवश्यक है। यह एक बहुत ही व्यावहारिक, तर्कसंगत और प्रगतिशील बजट है। सबसे महत्वपूर्ण बात, टैक्स (कर) के साथ छेड़छाड़ नहीं की गई है और कोई नया सेस नहीं लगाया गया है।'


राजनाथ सिंह
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बजट की तारीफ की है। उन्होंने ट्वीट करके कहा, 'COVID महामारी के इस चुनौतीपूर्ण समय के दौरान वित मंत्री ने बजट पेश किया है जो कि अभूतपूर्व है। 2020 में पैकेज के रूप में पांच मिनी बजट पेश किए थे। यह बजट उस श्रृंखला में सबसे बड़ा जोड़ है। यह बजट कई मायनों में अभूतपूर्व है और यह आत्मानिर्भर भारत  के संकल्प को मजबूत करेगा।'

ममता बनर्जी
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बजट 2021 पर कहा, ' यह जनविरोधी बजट है। वे हमेशा गलत बयान देते हैं। भारत का पहला पेपरलेस बजट ने लगभग हर सेक्टर को बेच दिया है। बजट में असंगठित क्षेत्र के लिए कुछ भी नहीं है। चिंता करने की कोई बात नहीं है। मां, माटी, मानुष (TMC) सत्ता में आ रही है। भाजपा एक गैस का गुब्बारा है।'
 

तेजस्वी यादव
राजद नेता तेजस्वी यादव ने बजट पर कहा, 'यह बजट देश के विकास के लिए नहीं बल्कि इसकी बिक्री के लिए है। इससे पहले, उन्होंने रेलवे, एयर इंडिया, भारत पेट्रोलियम, और अन्य को बेच दिया। यह बजट ऐसी और संस्थाओं के बारे में है, जिसमें गैस पाइपलाइन, स्टेडियम, रोडवेज और गोदाम सहित बेचा जाएगा।'
 

एचडीएफसी बैंक के प्रमुख अर्थशास्त्री अभीक बरुआ
एचडीएफसी बैंक के प्रमुख अर्थशास्त्री अभीक बरुआ ने कहा कि, 'यह बजट कई अर्थों में एक साहसिक बजट है। वित्त वर्ष 2022 में राजकोषीय घाटा जीडीपी के 6.8 फीसदी पर आंका गया है, जो वित्त वर्ष 2021 में 9.5 फीसदी था। केंद्र सरकार और राज्य सरकार का ध्यान पूंजीगत व्यय को साल-दर-साल 35 फीसदी बढ़ाने पर रहा। इसके अलावा, बजट में नई संस्थागत संरचनाओं (जैसे विकास वित्त संस्थान, परिसंपत्ति पुनर्निर्माण कंपनी) को पेश किया गया और अर्थव्यवस्था में वित्त अवसंरचना जरूरतों के लिए परिसंपत्ति मुद्रीकरण पर अधिक विवरण प्रदान किया। कोविड-19 के स्वास्थ्य संकट के मद्देनजर, बजट में वृद्धि और आवंटन के साथ स्वास्थ्य और स्वच्छता पर ध्यान केंद्रित करना और एक नई स्वास्थ्य योजना शुरू करना भी स्वागत योग्य कदम हैं।'


मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के एमडी और सीईओ मोतीलाल ओसवाल 
वित्त वर्ष 2021-22 का बजट बाजार की अपेक्षाओं से बहुत बेहतर रहा है। कोविड उपकर या उच्च पूंजी लाभ कर आदि से जुड़ी घोषणाओं की अपेक्षा की जा रही थी, लेकिन ऐसा कोई ऐलान नहीं हुआ। इससे बाजार और अर्थव्यवस्था को भारी राहत मिलेगी और अर्थव्यवस्था में उछाल की भावनाओं को बनाए रखने में मदद मिलेगी। सरकार ने पांच प्रमुख उपायों के साथ इंफ्रा और कैपेक्स के खर्च की ओर स्पष्ट रूप से ध्यान केंद्रित किया है- कैपेक्स वित्त वर्ष 2022 में पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 26 फीसदी तक बढ़ेगा, विकास वित्तीय संस्थान की स्थापना, स्ट्रेस्ड एसेट्स से निपटने के लिए एआरसी/एएमसी की स्थापना, विभिन्न सेगमेंट में एसेट मोनेटाइजेशन प्लान और विनिवेश के लिए सीपीएसई की लिस्ट। हमारा मानना है कि यह CAPEX खर्च अर्थव्यवस्था में आगे बढ़ाएगा। हेल्थकेयर क्षेत्र में आवंटन से अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।
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